IPS प्रभाकर चौधरी, 13 साल की नौकरी में 31 बार ट्रांसफर … नेताओं के आगे न झुकने की सजा .?

नेताओं के आगे न झुकने की सजा, बरेली SSP के ट्रांसफर पर पूर्व DGP का ट्वीट
बरेली एसएसपी प्रभाकर चौधरी के ट्रांसफर से यूपी के कुछ पूर्व डीजीपी नाराज हैं. इनमें से एक हैं जावीद अहमद, जो पहली योगी सरकार में डीजीपी थे. उन्होंने कहा की प्रभाकर चौधरी को नेताओं के आगे न झुकने की सजा मिली है.

आईपीएस प्रभाकर चौधरी के ट्रांसफर को लेकर सोशल मीडिया में जबर्दस्त बहस चल रही है. बीती रात उन्हें बरेली के SSP पद से हटाकर एक महत्वहीन पद पर बैठा दिया गया है. कहा जा रहा है कि बरेली में एक मस्जिद के आगे उन्होंने कांवड़ियों को डीजे नहीं बजाने दिया. इसके खिलाफ जब कांवड़िए धरने पर बैठ गए तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. बरेली के बीजेपी नेताओं ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कर दी. बीजेपी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने रविवार शाम को मुख्यमंत्री के फोन किया. उन्होंने बताया कि आपके राज में कांवड़ियों को लाठियों से पीटा गया. इसके लिए एसएसपी प्रभाकर चौधरी जिम्मेदार हैं. इस फोन के चार घंटे बाद ही प्रभाकर चौधरी का ट्रांसफर आर्डर आ गया.

विवादों से भी प्रभाकर चौधरी का रहा रिश्ता

उन्होंने कहा कि अच्छे और ईमानदार अफसरों के बार-बार तबादले से उनका मनोबल टूटता है. उन्होंने अपना नाम न बताने की शर्त पर ये बातें बताई. वैसे विवादों का भी प्रभाकर चौधरी से रिश्ता रहा है. सीतापुर में जब प्रभाकर एसपी थे, तब वकीलों के खिलाफ उन्होंने कार्रवाई कर दी थी. इसके खिलाफ प्रदेश भर के वकीलों ने प्रभाकर चौधरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. बाद में उनका ट्रांसफर भी हो गया. आगरा के ASP रहते हुए एक वकील नितिन वर्मा के खिलाफ एक्शन पर उन्हें पहले NHRC से नोटिस मिला और फिर इलाहाबाद हाई कोर्ट से फटकार भी मिली.

बार-बार होगा ट्रांसफर तो कैसे ड्यूटी कर पाएंगे अफसर- पूर्व DGP

एक और रिटायर्ड डीजीपी ने कहा कि अगर ऐसा ही होता रहा तो फिर कोई पुलिस अफसर कैसे अपनी ड्यूटी कर पाएगा. उन्होंने ये भी कहा कि जब सरकार को सच पता चलेगा तो शायद प्रभाकर चौधरी के साथ न्याय हो. बता दें कि प्रभाकर चौधरी 2010 बैच के यूपी कैडर के IPS अधिकारी हैं. वे अंबेडकरनगर जिले के रहने वाले हैं. इस्पात यूनिवर्सिटी से उन्होंने कानून की पढ़ाई की और फिर सिविल सेवा की परीक्षा पास कर IPS अफसर बन गए.

उनकी छवि एक तेज तर्रार और ईमानदार अधिकारी की रही है. उनकी सबसे बड़ी कमजोरी ये है कि वे किसी की पैरवी नहीं सुनते हैं. एडीजी रैंक के एक IPS अफसर ने बताया कि एक बार एक मंत्री ने प्रभाकर चौधरी से हवालात से एक लड़के को छोड़ने को कहा, लेकिन उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. बाद में ये मामला उन तक पहुंचा.

10 साल के कैरियर में IPS अफसर प्रभाकर चौधरी 18 जिलों के SP या फिर SSP रहे, लेकिन वे कभी भी लंबा नहीं टिक पाए. उनका औसत कार्यकाल चार से पांच महीनों का रहा है. वे बरेली, मेरठ, आगरा, वाराणसी और मुरादाबाद जैसे बड़े जिलों के एसएसपी रहे. जब सोनभद्र में नरसंहार हुआ था, तब उन्हें वहां का पुलिस कप्तान बनाकर भेजा गया था. बुलंदशहर में जब पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की भीड़ ने हत्या कर दी, तब भी उन्हें हालात संभालने के लिए भेजा गया था.

कानपुर में जब उन्हें एसपी ग्रामीण बनाया गया था तो वे लखनऊ से कानपुर बस से ही चले गए थे. तब ये कहानी सोशल मीडिया में खूब वायरल हुई थी. तबादला तो जैसे प्रभाकर चौधरी के लिए गहना बन गया है. नौकरी की शुरूआत से ही वे बैग पैक ही रखते हैं. पता नहीं कब ट्रांसफर का आदेश आ जाए. बरेली से हटाए जाने पर यूपी के एक सीनियर IPS अफसर कहते हैं कि पिछले पंद्रह दिनों से वहां कुछ न कुछ हो रहा है. हफ्ते भर पहले भी कांवड़ यात्रा पर पथराव हो गया था. हालात बड़े मुश्किल से संभले थे.

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काम करने का बेहद अनूठा अंदाज…कौन है IPS प्रभाकर चौधरी, 13 साल की नौकरी में 31 बार ट्रांसफर

IPS Prabhakar Chowdhary, उत्तर प्रदेश शासन ने रविवार रात पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है। रविवार देर शाम एक आदेश जारी हुआ, जिसमें 14 आईपीएस अधिकारियों के तबादला व नियुक्तियां की गई हैं। इसमें तबादले की लिस्ट में एक नाम खासा

लखनऊ, उत्तर प्रदेश शासन ने रविवार रात पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है। रविवार देर शाम एक आदेश जारी हुआ, जिसमें 14 आईपीएस अधिकारियों के तबादला व नियुक्तियां की गई हैं। इसमें तबादले की लिस्ट में एक नाम खासा चर्चा रहा, वो है बरेली के एसएसपी प्रभाकर चौधरी का। एसएसपी प्रभाकर चौधरी जितना अपना कामों को लेकर जनता के बीच लोकप्रिय हैं, उतना ही अपने ट्रांसफर को लेकर भी हैं। प्रभाकर चौधरी का ये 31वां ट्रांसफर है। अब उन्हें 32 वाहिनी पीएसी लखनऊ भेजा गया है। बता दें कि प्रभाकर चौधरी अभी तक सिर्फ मेरठ में ही अपना एक साल का कार्यकाल पूरा कर पाए हैं, नहीं तो वह 6 से 7 महीने तक ही एक जिले में तैनात रह पाते हैं।

एक ही बार में सिविल सर्विसेज की परीक्षा की पास
यूपी के अंबेडकरनगर के रहने वाले प्रभाकर चौधरी 2010 बैच के आईपीएस अफसर हैं। उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बीएससी करने के बाद एलएलबी की पढ़ाई की। प्रभाकर चौधरी को बचपन से की पढ़ने में रुचि थी। वह रोज पांच से छह घंटे पढ़ा करते थे। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में 76 प्रतिशत अंक ही प्राप्त किए तो इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी 61 प्रतिशत अंकों से क्लीयर की। एक ही बार में सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास कर आईपीएस बन गए। संयोग से इन्हें अपना होम कैडर उत्तर प्रदेश भी मिल गया। प्रभाकर चौधरी देवरिया, बिजनौर, बलिया, बुलंदशहर और कानपुर देहात में बतौर एसपी तैनात रह चुके हैं। वहीं वाराणसी, मुरादाबाद, मेरठ और आगरा में बतौर एसएसपी भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

ईमानदारी छवि के लिए जाने जाते हैं प्रभाकर चौधरी
दरअसल, प्रभाकर चौधरी के काम करने का अंदाज बेहद अनूठा है। वह अपनी ईमानदारी छवि, काम करने के तरीके और मातहतों के बीच अपनी लोकप्रियता को लेकर जाने जाते हैं। प्रभाकर चौधरी को जब 15 जून 2021 को मेरठ का एसएसपी बनाया गया था, तब जॉइनिंग से पहले वह 15 से 17 जून तक छुट्टी पर रहे। इस दौरान उन्होंने सिंघम स्टाइल में गुपचुप तरीके से पूरा मेरठ शहर घूमा और स्थिति का जायजा लिया।

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टेंपो पकड़कर पहुंच गए बंगले पर, नहीं पहचान पाया गार्ड
प्रभाकर चौधरी के अंदाज कितना सादा है, इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि जब इनको देवरिया के एसपी पद से हटाकर कानपुर देहात का एसपी बनाया गया था तो यह सरकारी गाड़ी न लेकर देवरिया से बस पकड़ कर कानपुर देहात पहुंचे थे। बस स्टैंड पर उतरने के बाद एक टेंपो पकड़ी और एसपी बंगले पहुंच गए। बंगले पर तैनात गार्ड ने जब इनसे पूछा किससे मिलना है तो इन्होंने बताया कि मैं यहां का नया एसपी हूं। इस पर गार्ड की हैरान रह गया, क्योंकि एसपी साहब पीठ पर बैग लादे, बिना गाड़ी और सिक्योरिटी के ही बंगले पर दस्तक दे दिए थे।

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‘मैं प्रभाकर चौधरी जिले का नया SP’

हालांकि, जब इन्होंने अपनी कार्ड दिखाया तो गार्ड ने आनन-फानन में गेट खोला। जब तक बंगले पर तैनात लोग कुछ समझ पाते प्रभाकर चौधरी बंगले के अंदर ऑफिस में पहुंच गए। वह चुपचाप स्टेनो के पास पहुंचे और अपना सीयूजी सिम मांगा। स्टेनो ने पूछा कि, ‘आप कौन हैं, जो सिम मांग रहे हैं।’ इस पर उन्होंने जवाब दिया कि, ‘मैं प्रभाकर चौधरी जिले का नया एसपी।’ यह नाम सुनते ही ऑफिस में मौजूद पुलिसवालों में हड़कंप मच गया। सभी पुलिसकर्मियों ने एसपी साहब को सलामी ठोंकी।

तेज तर्रार और दबंग ऑफिसर के रूप में भी पहचान
मेरठ में तैनाती के दौरान तेज तर्रार और दबंग ऑफिसर के रूप में पहचाने जाने वाले मेरठ एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने ऐसा कदम उठाया था, जिससे अपराधियों खासकर सोतीगंज के वाहन चोरों और करोड़पति कबाड़ियों में खलबची मच गई थी। प्रदेश के जिले में बिगड़ती कानून व्यवस्था को देखकर भी उनको कई बार तत्काल हेलीकॉप्टर से चार्ज लेने के लिए भेजा गया है। इन जिलों में सोनभद्र और बुलंदशहर का नाम है। बरेली से तबादले के बाद ट्विटर पर 1 घंटे प्रभाकर चौधरी ट्रेंडिंग में रहे हैं।

 

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