थानों में जमा होने लगी “चंबल की शान ! भिंड में 23 हजार से अधिक लाइसेंसी …

थानों में जमा होने लगी “चंबल की शान”:दशहरा पर्व पर नहीं कर सकेंगे पूजन, 

चंबल के लोगों के कंधा पर लटकने वाली बंदूक लंबे अरसे से शान समझी जाती है। भिंड, मुरैना समेत आस पास के एरिया में आप रहते है और आपके पास बंदूक है तो आप इलाके के रसूखदारों में शुमार है। अब दिसंबर माह तक लोगों को बंदूक के मोह से दूर रहना होगा। सबसे खास बात यह है कि लंबे समय बाद चंबल के लोग बिना बंदूक के दशहरा पर्व मनाएंगे। वे इस दशहरा पर्व पर शस्त्र पूजन नहीं कर सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि चंबल का भिंड जिला लंबे अरसे तक दस्यु समस्या से पीड़ित रहा। इस क्षेत्र में लोगों को आत्म रक्षार्थ बंदूक की लोकप्रियता बढ़ती गई। वर्तमान में भिंड जिला मध्य प्रदेश का दूसरा ऐसा जिला है जहां सबसे ज्यादा लाइसेंसी हथियार है। पहले नंबर पर मुरैना का नाम आता है। भिंड जिले में लाइसेंसी हथियारों की संख्या 23 हजार 400 से अधिक है। इस इलाके में बंदूक से लोगों को बेहद प्रेम है। इस वजह से हर शादी समारोह व उत्सव बंदूकों का देखा जाना आम बात है। अब दिसंबर माह तक बंदूक लोगों के कंधे पर बंदूक नहीं दिखेगी। विधानसभा चुनाव में आदर्श आचार संहिता का पालन कराने हेतु जमा कराई जा रही है।

दरअसल, विधानसभा चुनाव की वजह से लगाई गई आचार संहिता के बाद लाइसेंसी हथियारों को थाने में जमा करवाया जा रहा है। लेकिन इस बार शस्त्रधारियों को थाने में अपनी बंदूके जमा करना अच्छा नहीं लग रहा है क्योंकि कुछ दिनों बाद दशहरे का त्यौहार है। आखिर दशहरे के समय हथियार जमा करना लोगों क्यों अखर रहा है। तो आइए जानते है इसकी वजह।

लाइसेंस होंगे निलंबित

दरअसल, विधानसभा चुनाव को देखते हुए मध्य प्रदेश में आचार संहिता लगा दी गई है। आचार संहिता लगने के साथ ही जिला कलेक्टर ने लाइसेंसी शस्त्रों को नजदीकी थाना में जमा करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। इस वजह से लाइसेंसी शस्त्रधारी लोग अपनी-अपनी बंदूक को लेकर थाने में जमा करने पहुंच रहे हैं। जो लोग बंदूक को नजदीकी थाने में जमा नहीं कराएंगे। उनका शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा।

दशहरे के चलते बैचेन हुए लोग

यूं तो यह प्रक्रिया हर चुनाव में होती है। लेकिन इस बार के चुनाव में इस प्रक्रिया ने शस्त्र प्रेमियों को बेचैन कर दिया है। आचार संहिता दशहर के त्यौहार के पहले लगा दी गई है। इसके चलते सभी लाइसेंस वाले हथियार पुलिस स्टेशन में जमा हो जाएंगे। दशहरे के समय लोगों के पास उनके हथियार नहीं होंगे। एक लाइसेंस धारी का कहना है कि दशहरा का त्योहार उनके लिए इस बार सूनापन जैसा रहेगा क्योंकि हर बार वे अपने शस्त्र को साफ करते थे और उसका पूजन किया करते थे। लेकिन इस बार उन्हें ऐसा करने का मौका नहीं मिल सकेगा।

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