यूजीसी ने निजी विवि के लिए भूमि सीमा 20 एकड़ की, मप्र में एसो. बोला- इसे और बढ़ाएं

विवाद:यूजीसी ने निजी विवि के लिए भूमि सीमा 20 एकड़ की, मप्र में एसो. बोला- इसे और बढ़ाएं
  • मप्र को छोड़ दूसरे राज्यों में 50 से 100 एकड़ तक की सीमा

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 2040 तक सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को बहु विषयक बनाने और 2050 तक ग्रॉस एनरोलमेंट रेशो (बारहवीं के बाद कालेज में लेने वालों का प्रतिशत) को 50% किए जाने का लक्ष्य है। अभी मप्र में ये 28.9 और देश में 28.4 फीसदी है। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं।

निजी विश्वविद्यालयों की भूमिका भी इसमें अहम होगी। लिहाजा, यूजीसी (विवि अनुदान आयोग) ने निजी विवि खोलने के लिए जमीन की सीमा कम कर दी है। अब इसके लिए 20 एकड़ जमीन जरूरी होगी। अभी मप्र में निजी विवि के लिए न्यूनतम 25 एकड़ जमीन होनी चाहिए। निजी विवि विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. भरत शरण सिंह ने बताया कि यहां निजी विवि स्टेट एक्ट के तहत ओपन होते हैं। यूजीसी की जो गाइडलाइन है, उसके हिसाब से जीईआर बढ़ाना है।

मिनिमम लैंड रिक्वायरमेंट के लिए कमेटी गठित : निजी विवि स्थापित करने के लिए यूजीसी ने हाल में एक कमेटी गठित की है। इसमें मप्र निजी विवि विनियामक आयोग अध्यक्ष डॉ. भरतशरण सिंह सहित 6 अन्य एक्सपर्ट सदस्य हैं। यह कमेटी विवि खोलने के संबंध में न्यूनतम जमीन के संबंध में अपने सुझाव भी देगी।

कमेटी के सदस्यों के मुताबिक उत्तराखंड, हिमाचल जैसे पहाड़ी इलाकों में जमीन की समस्या है। वहां एक साथ 25–30 एकड़ जमीन मिलना मुश्किल है। इसलिए वहां कम जमीन पर भी यूनिवर्सिटी खोली जाएंगी। जहां जमीन है, वहां अलग नियम हो सकते हैं। मेट्रोपॉलिटन सिटीज, पहाड़ी क्षेत्रों में दस एकड़ में भी विवि खोला जा सकेगा।

53 निजी विवि मध्यप्रदेश में

  • 170 से अधिक कोर्स हैं इन विवि में
  • 1.80 लाख विद्यार्थी इनमें अध्ययनरत
  • 05 नए निजी विवि खुलने वाले हैं

मप्र में इसे 40 एकड़ किया जाए

इस मामले में एमपी प्राइवेट यूनिवर्सिटीज एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष अनुपम चौकसे ने कहा कि मप्र में पहले ही काफी निजी विवि खुल चुके हैं। इसलिए जमीन की अनिवार्यता कम करने के बजाय बढ़ाकर 40 एकड़ कर देना चाहिए। मप्र में सभी तरह के विवि और केंद्रीय संस्थानों की संख्या 80 से अधिक है।

अभी निजी विवि के लिए सीमा • तमिलनाडुः 100 एकड़ आंध्र प्रदेशः 50 एकड़ बिहारः 50 एकड़ अरुणाचलः 50 एकड़ राजस्थानः 30 एकड़ ।

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