नई दिल्ली। देश के लाखों युवा अपने सपनों को साकार करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। खासकर यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा के लिए। इसे भारत की सबसे चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में गिना जाता है। इसकी तैयारी में अभ्यर्थी खुद को पूरी तरह से झोंक देते हैं। जन्मदिन, दोस्त, नींद, खुशियां और कभी-कभी तो अपनी पहचान तक भूल जाते हैं। मानवी श्रीवास्तव की ऐसी ही भावनात्मक कहानी सामने आई है।

मानवी ने अपना 20वां दशक अकेलेपन में गुजार दिया। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में मानवी ने बताया कि इस तैयारी के दौरान उन्होंने कई साल अकेलेपन में गुजार दिए और जब उनकी तैयारी खत्म हुई तो लगा कि वह खुद को ही नहीं पहचान पा रहीं हैं।

इंटरनेट पर वायरल हो रहा वीडियोमानवी कहती हैं कि लोग कहते हैं कि यूपीएससी इंसान को बदल देती है लेकिन यह कोई नहीं बताता कि यह जिंदगी का बहुत कुछ छीन लेती है। उनका यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।

मानवी ने यह भी स्वीकार किया कि वह शिक्षित, सक्षम और दृढ़निश्चयी हैं, फिर भी उनका खुद पर से विश्वास उठ गया है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने सपनों की तलाश में खुद को न भूलें और अपने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।