मध्य प्रदेश

ग्वालियर : रिश्वतखोरी का मकड़जाल:नामांतरण…101 भ्रष्ट अफसरों से 15.52 लाख रुपए जब्त !

रिश्वतखोरी का मकड़जाल:नामांतरण, नौकरी के बदले मांगी रिश्वत 101 भ्रष्ट अफसरों से 15.52 लाख रुपए जब्त

ग्वालियर में रिश्वतखोरी चरम पर है। सरकारी काम के बदले अधिकारी-कर्मचारी लोगों की मेहनत की कमाई में सेंध लगा रहे हैं। घूसखोरी का खेल वर्षों से फल- फूल रहा है लेकिन सिस्टम के उच्च पद पर बैठे जिम्मेदार इसे रोकने में नाकाम हैं। रिश्वतखोर के मकड़जाल का खुलासा लोकायुक्त की रिपोर्ट से हुआ है।

ग्वालियर में 5 साल में 15.52 लाख रुपए की रिश्वत सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों से जब्त की गई। 101 रिश्वतखोर पकड़े गए। यह तो वह रकम है जिसे लोकायुक्त ने रंगेहाथों जब्त की है। सूत्रों की माने तो सरकारी सिस्टम में हर काम के दाम तय हैं। रोज लाखों की घूसखोरी का खेल होती है।

हमारा प्रयास है सिस्टम में घूसखोरी बंद हो लोकायुक्त एसपी ग्वालियर निरंजन शर्मा के अनुसार हमारी टीम रिश्वतखोरों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। हमारा प्रयास है सिस्टम में घूसखोरी पूरी तरह बंद हो जाए। इसके लिए हम लोगों को जागरूक कर रहे हैं। लोगों को आगे आकर रिश्वत लेने वालों के खिलाफ शिकायत करें, ताकि इन पर कार्रवाई निरंतर हो।

हर काम के बदले दाम… रिश्वतखोरी चरम पर

राजस्व निरीक्षक 30 हजार लेते दबोचा गया था: अप्रैल 2025: घाटीगांव के मोहना में राजस्व निरीक्षक दिलीप सिंह ने प्रवीण कुमार से जमीन पर हुए कब्जे को हटाने और जमीन का नाप करने के बदले 50 हजार की रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त ने दिलीप को 30,000 रु. लेते पकड़ा था।

नौकरी दिलाने के बदले मांगी थी रिश्वत: महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी अनीता श्रीवास्तव 20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ी गई थीं। अनीता ने आंगनवाड़ी में नौकरी दिलाने के एवज में 1.80 लाख की रिश्वत मांगी थी। यह कार्रवाई जिले की नरवर तहसील में हुई है। अनीता ने आंगनवाड़ी सहायिका की नौकरी लगवाने के बदले 1.80 लाख मांगे थे, लेकिन सौदा डेढ़ लाख में तय हुआ। शिशुपाल जाटव की शिकायत पर लोकायुक्त ने महिला अधिकारी को पकड़ा था।

25 हजार लेते पकड़ा गया था अधीक्षक: 8 अक्टूबर को नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक राजेश सक्सेना 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया था। राजेश ने वार्ड 58-जोन 13 की सफाई संरक्षक वर्षा घेंघट से उनके पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति और मृतक के देयकों के भुगतान के एवज में 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। वर्षा ने की शिकायत पर लोकायुक्त ने उसे दबोचा था।

25 हजार लेते पकड़ा गया था पटवारी: लोकायुक्त ने पटवारी को 25 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा था। पटवारी ने कृषि भूमि का ऑनलाइन नामांतरण करवाने के एवज में 90 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। किसान चंद्रभान सिंह गुर्जर की शिकायत पर लोकायुक्त ने पटवारी को रिश्वत लेने दबोचा था।

2025: 21 अफसर-कर्मचारी घूस लेते पकड़े गए

लोकायुक्त की रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 से 2025 तक जिले में 101 सरकारी अधिकारी-कर्मचारी रंगे हाथ घूस लेते दबोचे गए। इन लोगों से लोकायुक्त ने 15 लाख 52 हजार, 200 रुपए की रकम जब्त की है। 2025 में 21 अफसर-कर्मचारी पकड़े गए। इनसे 2.55 लाख की रिश्वत पकड़ी गई। 2022 में सबसे ज्यादा 6.63 लाख रुपए लोकायुक्त ने रिश्वत की रकम पकड़ थी। 2021 में सबसे ज्यादा 26 रिश्वतखोर पकड़े गए थे।

राजस्व विभाग के सबसे ज्यादा अधिकारी पकड़े

2021 से अब तक पटवारी, डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम, संयुक्त कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित अन्य लोगों पर मामले दर्ज हैं। इनमें सबसे अधिक पटवारियों पर हैं। 15 से ज्यादा पटवारी घूस लेते पकड़े गए हैं। इसके अलावा पंचायत विभाग के अफसर-कर्मचारियों पर दर्ज किए गए। स्वास्थ्य, नगर निगम, बिजली और अन्य विभाग के लोग भी रिश्वत लेते पकड़े गए हैं, लेकिन राजस्व विभाग की तुलना में इसके कर्मचारी कम ही रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *