दिल्लीशिक्षा

दुनिया के ऐसे 10 देश, जहां के एजुकेशन सिस्टम को माना जाता है सबसे कठिन

दुनिया के ऐसे 10 देश, जहां के एजुकेशन सिस्टम को माना जाता है सबसे कठिन

दुनिया के कई देशों में शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि धैर्य, मेहनत और मानसिक मजबूती की भी परीक्षा बन जाती है. कहीं दिन-रात पढ़ाई का दबाव है, तो कहीं कम उम्र में ही कठिन परीक्षाओं का सामना करना पड़ता है. जानें दुनिया के ऐसे 10 देश, जहां के एजुकेशन सिस्टम को माना जाता है सबसे कठिन.

दुनिया के ऐसे 10 देश, जहां के एजुकेशन सिस्टम को माना जाता है सबसे कठिन

सांकेतिक फोटोImage Credit source: Getty Images

दुनिया भर में शिक्षा को लेकर सोच अलग-अलग है, लेकिन कुछ देशों में पढ़ाई इतनी कठिन हो जाती है कि छात्र सुबह से रात तक किताबों में ही डूबे रहते हैं. कहीं हर घंटे परीक्षा का दबाव है, तो कहीं करियर चुनने का सामना बचपन में ही करना पड़ता है. कई देशों में प्रतियोगी परीक्षाएं इतनी कठिन हैं कि सालों की मेहनत भी कम पड़ जाती है. इतना ही नहीं, स्कूल के बाद भी ट्यूशन, क्रैम स्कूल और निजी कोचिंग का सिलसिला चलता रहता है. कुल मिलाकर, कुछ देशों की शिक्षा प्रणालियां बच्चों से सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि धैर्य, मेहनत और मानसिक मजबूती की भी परीक्षा लेती हैं.

आइये जानते हैं दुनिया के ऐसे 10 देश, जहां के एजुकेशन सिस्टम को माना जाता है सबसे कठिन.

दक्षिण कोरियादक्षिण कोरिया में छात्र पूरे दिन स्कूल में रहते हैं और रात तक हैगवॉन नाम की कोचिंग में पढ़ाई करते रहते हैं. प्रतिष्ठित कॉलेजों में एडमिशन बेहद कठिन परीक्षाओं से होकर गुजरता है, जिससे बच्चों पर भारी दबाव पड़ता है.

जापानजापान में भी विद्यार्थियों को शुरुआती उम्र से ही कोचिंग और क्रैम स्कूल भेज दिया जाता है. यहां हाई स्कूल और विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षाएं इतनी कठिन होती हैं कि छात्र हर विषय में पूर्णता हासिल करने के लिए संघर्ष करते हैं.

चीनचीन की शिक्षा परीक्षा-आधारित प्रणाली के लिए जानी जाती है. यहां की गाओकाओ परीक्षा दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में मानी जाती है, जिसकी तैयारी में छात्र लंबे-लंबे घंटे पढ़ाई करते हैं.

सिंगापुरसिंगापुर में 12 साल के बच्चों से ही राष्ट्रीय परीक्षाएं पास करवाकर उनके आगे का करियर तय कर दिया जाता है, जिससे प्रतियोगिता बहुत बढ़ जाती है.

फिनलैंडफिनलैंड भले ही दुनिया की बेहतरीन शिक्षा प्रणाली वाला देश माना जाता है, लेकिन यहां भी टॉप यूनिवर्सिटी में प्रवेश की प्रतिस्पर्धा और साथियों का दबाव छात्रों को चुनौती देता है.

भारत, अमेरिका और अन्य देशों में भी पढ़ाई का सफर आसान नहीं

रूस

रूस में बच्चों को चैप्टर याद करने, अनुशासन और नेशनल लेवल की EGE परीक्षा का दबाव झेलना पड़ता है.

भारतभारत में आईआईटी-जेईई और एनईईटी जैसी परीक्षाएं छात्रों की जिंदगी का बड़ा फैसला करती हैं, जिसके लिए उन्हें कम उम्र से ही कठोर तैयारी करनी पड़ती है.

हांगकांगहांगकांग में लगातार होने वाली परीक्षाएं, कठिन पाठ्यक्रम और छाया शिक्षा यानी कोचिंग का दबाव बच्चों की दिनचर्या को बेहद चुनौतीपूर्ण बना देता है.

स्विट्जरलैंडस्विट्ज़रलैंड में छात्रों को कई भाषाएं सीखनी होती हैं और कठिन परीक्षाएं पास करनी पड़ती हैं.

अमेरिकाअमेरिका में SAT, ACT और AP जैसी परीक्षाएं, और कॉलेजों में सीमित सीटों के कारण छात्रों में भारी प्रतिस्पर्धा रहती है.

इन सभी देशों में शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों की सहनशक्ति और मानसिक मजबूती की भी बड़ी परीक्षा है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *