दिल्ली

ड्रोन के जरिए सैंकड़ों हथियार भेजे भारत ?

ISI की बड़ी साजिश: ड्रोन के जरिए सैंकड़ों हथियार भेजे भारत, फिल्मी स्टाइल में करते हैं मौत का ‘खिलौना’ सप्लाई

यूएस में बैठे सोनू खत्री और जसप्रीत उर्फ जस्सा के पाकिस्तान खुफिया एजेंसी के हैंडलर से बेहद नजदीकी संबंध हैं। वह यूएस से ही हथियारों का ऑर्डर देते हैं। हथियारों के बदले में हवाला और फर्जी अकाउंट के जरिए इन हथियार का पैसा पाकिस्तान भेज दिया जाता है। 
आईएसआई ने भारत भेजे ये हथियार …

पाकिस्तान से आई पीएक्स-5.7 पिस्टल की कीमत भारत में 10 लाख से अधिक की बताई जा रही है। पूरी दुनिया में स्पेशल फोर्स इस आधुनिक पिस्टल का इस्तेमाल करती हैं। इसका राउंड एके-47 रायफल से मिलता-जुलता है। ऐसे में बड़े गैंगस्टर पीएक्स-5.7 और पीएक्स-3 पिस्टल को पसंद करते हैं।

सुरक्षा बलों की आंखों में धूल झोंककर भारत में आ चुके हथियार

अपराध शाखा के अधिकारियों का कहना है सीमापार से करीब डेढ़ साल से ड्रोन के जरिए हथियार भारत में आने का सिलसिला जारी था। आरोपी पंजाब के अलग-अलग सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बलों की आंखों में धूल झोंककर भारत में हथियार ला चुके हैं।

भारत में मौजूद तीन संदिग्धों की हुई पहचान

यूएस में बैठे सोनू खत्री और जसप्रीत उर्फ जस्सा के पाकिस्तान खुफिया एजेंसी के हैंडलर से बेहद नजदीकी संबंध हैं। वह यूएस से ही हथियारों का ऑर्डर देते हैं। हथियारों के बदले में हवाला और फर्जी अकाउंट के जरिए इन हथियार का पैसा पाकिस्तान भेज दिया जाता है। पुलिस ने भारत में मौजूद तीन संदिग्धों की पहचान कर ली है। उनकी तलाश की जा रही है।

ड्रोन के जरिए आते हैं हथियार
मौजूदा आठ विदेशी पिस्टल को सीमापार से अमृतसर के सूनसान इलाके में भेजा गया था। मनदीप और दलविंदर ने इन हथियारों को लेने के लिए अमृतसर के लोकल बदमाशों का सहारा लिया। इन लोगों ने मनदीप के जरिए जसप्रीत को सूनसान एरिया की जीपीएस लोकेशन भेजी। पहले एक छोटा ड्रोन भेजकर पड़ताल की गई। वहां की वीडियो और फोटो लेने के बाद छोटा ड्रोन वापस पहुंचा। इसके बाद हथियार का जखीरा सीमापार से भारत आया। बदमाशों ने खुलासा किया है कि हर बार इसी तरह सीमापार से हथियार आते थे। बदमाशों का दावा है कि 10 से 15 दिनों में हथियारों की खेंप भारत आ जाती थी, जिसको आगे देशभर के गैंगस्टरों को भेज दिया जाता था।

मनदीप के दादा पंजाब पुलिस में थे सब इंस्पेक्टर…
मनदीप सिंह उर्फ मनप्रीत के दादा पंजाब पुलिस में सब इंस्पेक्टर थे। मूलरूप से होशियारपुर निवासी मनदीप शुरुआत से अपराधों में शामिल रहा। वह हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर के अलावा एनडीपीएस एक्ट के मामलों में भी शामिल रहा। 2023 में जेल जाने के बाद उसने हथियारों की तस्करी शुरू कर दी। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में छह मामले दर्ज हैं। मनदीप जसप्रीत और सोनू खत्री का करीबी है।

मनदीप का बेहद करीबी साथी है दलविंदर…
दलविंदर नौकरी की तलाश में दुबई गया था, लेकिन उसे वहां पर कोई काम नहीं मिला। वह वापस आ गया। वह छोटा-मोटा काम करने लगा। मनदीप और दलविंदर दोनों बचपन के दोस्त हैं। मनदीप के कहने पर ही उसने हथियार तस्करी का धंधा शुरू किया। वह सीमापार से आने वाले हथियारों को लेकर देशभर के गैंगस्टरों को सप्लाई करने लगे।
 

विदेश से आने वाले हथियारों को गैंगस्टरों तक पहुंचाता है रोहन तोमर
फिलहाल गोगी गैंग का करीबी रोहन तोमर ने अपराध की दुनिया में बेहद कम उम्र में कदम रखा था। वह गैंगस्टर अनिल बालियान और सजीव जीवा का करीबी रहा। वह इनके लिए हथियार सप्लाई करता था। इसके बाद इसने गोगी, भाऊ और कपिल सांगवान गैंग को हथियार देना शुरू किया। यह दिल्ली, यूपी, हरियाणा, बिहार समेत बाकी राज्यों में हथियायर सप्लाई कर रहा था। वर्ष 2024 में यूपी एसटीएफ ने रोहन को 17 पिस्टल व 700 कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया। जेल से आने के बाद वह विदेशी गैंगस्टरों से जुड़ गया। यूएस में बैठा जसप्रीत विदेशी नंबर से रोहन से संपर्क करता था। उसके दिशा निर्देश पर ही वह पाक से आए हथियार लेकर बाकी गैंगस्टरों को आगे पहुंचाता था। इसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।

अजय उर्फ मोनू रोहन का बेहद करीबी…
अजय उर्फ मोनू रोहन का बेहद करीबी है। अजय भी संजीव जीवा और अनिल बालियान का करीबी रहा है। वसूली में यह रोहन के साथ रहता था। सोनू खत्री का करीबी है। सोनू खत्री वर्ष 2021 में भारत से भाग गया था। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ है। भारत में उसके खिलाफ 45 से अधिक मामले दर्ज हैं। सोनू और जसप्रीत दोनों पाकिस्तान से हथियार प्राप्त करवाते हैं। बाद में उनको भारत भिजवाया जाता है। जसप्रीत भी भारत से फरार होकर यूएस पहुंच गया था।

 

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