ग्वालियर में हिट एंड रन, 8 माह में 20 मौतें !

ग्वालियर शहर के भीतर तेज रफ्तार का कहर है। हिट एंड रन थम नहीं रहा है। तेज रफ्तार वाहन हर महीने औसतन 3 लोगों को टक्कर मारकर भाग रहे हैं।
पुलिस के आंकड़े कहते हैं कि जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच 30 मामले सामने आए, जिनमें 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 9 लोग अब भी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। सबसे ज्यादा एक्सीडेंट अप्रैल और मई में हुए। दोनों महीनों में 11 हिट एंड रन केस हुए। अक्टूबर में तीन घटनाएं हुईं और सभी में जान चली गई।
बीते साल आए 25 केस, इस बार संख्या बढ़ी
पिछले साल जनवरी से अक्टूबर तक 25 हिट एंड रन के मामले सामने आए थे। इस बार संख्या बढ़ गई है। ट्रैफिक पुलिस लगातार जागरूकता अभियान और चालानी कार्रवाई कर रही है, फिर भी तेज रफ्तार वाहन चालकों पर लगाम नहीं लग पा रही है। लापरवाही और स्पीड की यह दौड़ लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।
केस बढ़ने के कारण
- अधिकांश हिट एंड रन के हादसे लापरवाही और डर की वजह से होते हैं।
- तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग, बिना लाइसेंस या कागजों के वाहन चलाना, नाबालिग चालकों की गलती, सिग्नल तोड़ना और नियमों की अनदेखी इसके मुख्य कारण हैं।
- हादसे के बाद कई चालक पकड़े जाने या पिटाई के डर से मौके से भाग जाते हैं, जिससे घायल को समय पर मदद नहीं मिल पाती।
ईदगाह चौराहा पर ऑटो ने महिला को घसीटा, मौत
कंपू के ईदगाह चौराहे पर तेज रफ्तार ऑटो ने 54 वर्षीय शशि गुप्ता को जोरदार टक्कर मारकर वाहन सहित भाग गया। गंभीर घायल शशि अपने पति अजय गुप्ता और बच्चों के साथ इंदौर जाने के लिए बस पकड़ने निकली थीं। हॉस्पिटल में उनकी मौत हो गई।
बेकाबू कार टक्कर मारकर डिवाइडर पर चढ़ी
22 सितंबर को पड़ाव पुल पर बेकाबू तेज रफ्तार कार ने ड्यूटी से लौट रहे युवक को जोरदार टक्कर मारी और कार डिवाइडर पर चढ़कर कर पलट गई। चालक मौके से फरार हो गया।
शहर के छह ब्लैक स्पॉट पर14 की मौत
शहर के 6 ब्लैक स्पॉट पर हर माह एक की मौत हो रही। 10 माह में 14 लोगों की जान गई। शाम 6 से रात 12 बजे के बीच 46%लोग हादसे का शिकार हुए। दोपहर 12 से शाम 6 बजे के बीच 31% जबकि सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक 15% और रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच 8% हादसे हुए।
रोज 8 लोग सड़क हादसे का शिकार
ग्वालियर शहर में जल्दबाजी और नशे के कारण रोज 8 लोग सड़क दुर्घटनाओं में जख्मी हो रहे हैं। कुछ लोग खुद अनियंत्रित होकर भी गिर रहे हैं। जनवरी से अक्टूबर 2025 तक जिले में 2544 लोग एक्सीडेंट में घायल हुए। पुलिस और एंबुलेंस ने घायलों को बचाने दौड़ी, लेकिन अस्पताल में इलाज का अभाव और गंभीर चोटों की वजह से 3 फीसदी लोगों की मौत हो गई।
कार की टक्कर से घायल रोड पर तड़पता रहा, मौत
21 सितंबर को महाराजपुरा थाना क्षेत्र के रामनगर गेट के पास तेज रफ्तार नेक्सन कार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी थी। हादसे में बाइक सवार भोला सिंह परिहार करीब 10 फीट दूर जा गिरा। सिर और छाती में गंभीर चोट होने से खून ज्यादा बह गया। इसलिए मौत हो गई।
हाइवे भी अनसेफ, हिट एंड रन में युवक की हुई मौत
मुरार में मंगलवार रात बड़ागांव हाईवे पर तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार 25 वर्षीय दीपक पाल को बिजौली में टक्कर मार दी। हादसे के बाद आरोपी वाहन चालक मौके से फरार हो गया। राहगीरों ने घायल दीपक को जेएएच पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। दीपक पेशे से हलवाई था और पिता व भाई के साथ कैटरिंग सर्विस चलाता था।
नाबालिग की लापरवाही: आरक्षक को 300 मीटर तक घसीटा
पड़ाव में पुलिस चेकिंग से बचने के लिए नाबालिग ने कार से 15 लोगों को टक्कर मारी। कार रोकने की कोशिश में आरक्षक रामनिवास कार के बोनट पर जा गिरे और नाबालिग ने उन्हें करीब 300 मीटर तक घसीटा। पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा।
शराबी पुलिसकर्मी ने छह लोगों को मारी ठोकर
8 अगस्त को सिटी सेंटर क्षेत्र में शराब के नशे में धुत एक पुलिसकर्मी ने तेज रफ्तार क्रेटा कार से आधा दर्जन लोगों को टक्कर मार दी थी। कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। पुलिस ने आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
तेज गाड़ी चलाने के 10 माह में 1000 चालान
हिट एंड रन से मौत के आंकड़े बढ़े हैं। पुलिस ओवर स्पीड और नशे में वाहन न चलाने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चला रही है। चालानी कार्रवाई के जरिए वाहनों की रफ्तार कम करने का प्रयास कर रही है। पिछले 10 माह में एक हजार वाहन चालकों पर तेज रफ्तार के लिए कार्रवाई की गई, जिन पर 9 लाख का जुर्माना लगाया गया। – केपी तोमर, यातायात प्रभारी, झांसी रोड

