मध्य प्रदेश

खलघाट टोल पर आंदोलन, 700 लोगों पर केस दर्ज !

खलघाट टोल पर आंदोलन, 700 लोगों पर केस दर्ज:वीडियो के आधार पर कार्रवाई; किसान नेता बोले- जानकारी नहीं, पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे

मध्यप्रदेश के धार जिले के धामनोद स्थित खलघाट टोल प्लाजा पर सोमवार को हुए किसान आंदोलन के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। इस मामले में करीब 700 अज्ञात लोगों पर भी मामला दर्ज हुआ है। इनमें 17 किसान नामजद हैं।

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ किसानों की ओर से बिना अनुमति सड़कों को बाधित किया जिससे यातायात बाधित हुआ। इन गतिविधियों और प्रतिबंधित धाराओं के उल्लंघन के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

यह प्रदर्शन सोमवार (1 दिसंबर) को राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ मालवा निमाड़ प्रांत के कार्यकर्ताओं और किसानों की ओर से किया गया था। अलग-अलग मांगों को लेकर नेशनल हाईवे- 52 स्थित खलघाट टोल प्लाजा के पास धरना दे रहे थे। ज्ञापन देने के बाद मिले आश्वासन पर प्रदर्शन खत्म हुआ था।

केस दर्ज कर पुलिस विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही

पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई थी। इसी के आधार पर किसानों के खिलाफ बीएनएस की धारा 223(a), 126(2), 191(2) और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 8बी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है।

वहीं, राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के धार जिला अध्यक्ष प्रकाश धाकड़ ने कहा कि उनके और अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्रकरण की उन्हें जानकारी नहीं है। वे जल्द ही सभी पदाधिकारियों से चर्चा कर अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे।

कलेक्टर का CM-PM तक मांगें पहुंचाने का आश्वासन

बता दें धार जिले के धामनोद स्थित खलघाट टोल पर सोमवार सुबह 5 बजे राष्ट्रीय मजदूर किसान महासंघ के नेतृत्व में किसानों ने चक्काजाम कर धरना प्रदर्शन शुरू किया था। यह आंदोलन दिनभर चला। किसान नेशनल हाईवे-52 पर सड़क पर ही बैठे रहे।

धार कलेक्टर-एसपी और खरगोन एसपी मौके पर किसानों से चर्चा करने पहुंचे।
धार कलेक्टर-एसपी और खरगोन एसपी मौके पर किसानों से चर्चा करने पहुंचे।

देर शाम करीब 8 बजे धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, धार एसपी मयंक अवस्थी और खरगोन एसपी मौके पर किसानों से चर्चा करने पहुंचे। किसान संघ के पदाधिकारियों ने अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखीं और विधिवत ज्ञापन का वाचन किया।

ज्ञापन लेने के बाद कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगें मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक पहुंचाई जाएंगी। ​​​इसके साथ ही केंद्रीय राज्य मंत्री व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि सावित्री ठाकुर के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाकर सरकार के सामने अपनी बात रखेगा। इस आश्वासन के बाद किसान संघ ने धरना-प्रदर्शन स्थगित करने की घोषणा की।

दिनभर बाधित रहा था नेशनल हाईवे

धरना प्रदर्शन के चलते पूरे दिन नेशनल हाईवे-52 पर यातायात प्रभावित रहा था। धार, बड़वानी, खरगोन और खंडवा जिलों से बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंचे थे। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे धार जिले में BNSS की धारा 163 लागू की थी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

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