ग्वालियर : जनकपुर में पुलिस पर फायरिंग का मामला…16 के खिलाफ FIR !
मुरैना के जनकपुर में हत्या के प्रयास के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने 12 नामजद और 4 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश तेज कर दी है। घटना में गोली लगने से आरक्षक अनिल तोमर घायल हुए थे, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी और उनके परिवार मौके से घर व मवेशी तक छोड़कर फरार हो गए हैं।
सीएसपी नागेंद्र सिंह ने बताया कि महाराजपुरा थाने की टीम आरोपी की तलाश में जनकपुर पहुंची थी, जहां आरोपी की गिरफ्तारी के बाद वाहन में बैठाते समय उसके साथियों ने फायरिंग कर दी। जिसमें आरक्षक अनिल तोमर के पैर में गोली लगी। मौके की स्थिति को देखते हुए पुलिस को वहां से भागना पड़ा। मामले में सौरभ गुर्जर, गौरव गुर्जर, परीक्षित गुर्जर, मोनू, करुआ, रवि, रामब्रज, पूरन, हरेंद्र, अंकुश सहित 4 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, पुलिस पर हमला, फायरिंग और अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।

80 जवानों की टीम ने दी दबिश
इसके बाद पुरानी छावनी, महाराजपुरा व हजीरा थानों की संयुक्त पुलिस टीम बनाई गई और लगभग 80 जवानों के साथ जनकपुर, रिठौरा, अजय सिंह का पुरा और धौलपुर के मुरौली गांव सहित कई स्थानों पर दबिश दी गई। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
घरों पर ताले, मवेशी खुले में छोड़े
दबिश के दौरान आरोपियों के घरों पर ताले लगे मिले, जबकि मवेशी खुले में बंधे थे। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि आरोपी हड़बड़ी में घर छोड़कर भाग निकले। अधिकांश स्थानों पर टीम को सन्नाटा मिला।

कैसे हुआ था हमला
3 दिसंबर को ग्वालियर पुलिस हत्या के प्रयास के आरोपी हद्दू गुर्जर को पकड़ने जनकपुर गई थी। टीम ने आरोपी व उसके एक साथी को दबिश देकर हिरासत में ले लिया था, लेकिन जैसे ही उन्हें वाहन में बैठाया गया, आरोपी ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और भीड़ बढ़ने लगी। देखते ही देखते आरोपी पक्ष द्वारा पुलिस टीम पर अचानक फायरिंग कर दी गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को अपनी जान बचाकर पीछे हटना पड़ा। हमले में आरक्षक अनिल तोमर गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए।
