2014 से अब तक ED और इनकम टैक्स ने कितने मामले किए दर्ज !!
2014 से अब तक ED और इनकम टैक्स ने कितने मामले किए दर्ज, देखें साल-दर-साल के आंकड़े?
लोकसभा में सरकार की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार ईडी ने 2014-15 से नवंबर 2025 तक कुल 6,444 ईसीआईआरएस दर्ज की. वहीं कई साल ऐसे भी रहे जब केसों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली.
2014 से अब तक ईडी ने दर्ज किए 6000 से ज्यादा केस
लोकसभा में सरकार की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार ईडी ने 2014-15 से नवंबर 2025 तक कुल 6,444 ईसीआईआरएस दर्ज की. वहीं कई साल ऐसे भी रहे जब केसों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली.
ईडी के 2014 से 2025 तक के केस
- साल केस
- 2014-15- 181
- 2015-16-110
- 2016-17- 187
- 2017-18- 163
- 2018-19-152
- 2019-20-557
- 2020-21- 996
- 2021-22- 1116
- 2022-23- 953
- 2023-24- 698
- 2024-25- 775
- 2025 नवंबर तक– 556
सरकार के एक अन्य डेटा सेट के अनुसार, 1 जून 2014 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच ईडी ने कुल 6,312 पीएमएलए वाले मामले दर्ज किए हैं. इन दोनों ही रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले 10 सालों में मनी लाॅन्ड्रिंग के मामलों में सबसे ज्यादा वृद्धि देखी गई है.
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 13,000 से ज्यादा चार्जशीट की दायर
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 2014 से 2025 के बीच में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है. सरकार के अनुसार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 2014-15 से 2025 के बीच कुल 13,877 चार्जशीट कोर्ट में दायर की है.
इनकम टैक्स की चार्जशीट 2014 से 2025
- साल चार्जशीट
- 2014-15- 669
- 2015-16- 552
- 2016-17-1252
- 2017-18- 4527
- 2018-19- 3512
- 2019-20-1226
- 2020-21-173
- 2021-22-195
- 2022-23-387
- 2023-24- 502
- 2024-25- 611
- 2025 सितंबर तक- 271
2014 से अब तक देशभर में हुई 20,000 से ज्यादा रेड
ईडी और इनकम टैक्स दोनों ने मिलकर पिछले 11 सालों में 20, 000 से ज्यादा रेड की. ईडी ने 11,106 रेड की, वहीं इनकम टैक्स ने 2014 से नवंबर 2025 तक 9,657 ग्रुप पर सर्च ऑपरेशन किया. इस रिपोर्ट के अनुसार 2023-24 ईडी का सबसे एक्टिव साल रहा, जिसमें एजेंसी ने 2,600 रेड की थी. इसके अलावा सरकार की तरफ से पेश किए डेटा के अनुसार ईडी के मामलों में दोष सिद्ध होने की दर सबसे ऊंची रही है. 2014 से नवंबर 2025 के बीच पीएमएलए कोर्ट्स ने 56 मामलों में फैसला सुनाया. इनमें से 53 मामलों में 121 लोगों को दोषी करार दिया, जिसका मतलब है कि दोषसिद्धि दर 94.64 प्रतिशत रही.

