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दिल्ली को दहलाने वाले किरदार.., जानें आतंकी नेटवर्क से जुड़े हर सफेदपोश को !

दिल्ली को दहलाने वाले किरदार: फिदायीन उमर से लेडी कमांडर शाहीन तक, जानें आतंकी नेटवर्क से जुड़े हर सफेदपोश को

बीते 10 नवंबर लाल किले के पास बने मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास तेज धमाका हुआ। यह धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज काफी दूर दूर तक सुनी गई।  जानें आतंकी नेटवर्क से जुड़े हर सफेदपोश को
From fidayeen Umar to lady commander Shaheen, get to know every white-collar terrorist network
दिल्ली बम ब्लास्ट के आरोपी…..
10 नवंबर 2025… सोमवार की शाम थी… वक्त करीब पौने सात का था… लाल किले के पास बने मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास एक आई-20 कार पहुंची… लाल बत्ती पर रुकी। इस कार में एक जोरदार धमाका हुआ… ये धमाका इतना जोरदार था कि काफी दूर दूर तक इसकी आवाज सुनी गई। आसपास के घरों-दुकानों के कांच चटक गए। लोग बदहवास हो गए,
अफरातफरी मच गई, तुरंत ही केंद्रीय जांच एजेंसियां, पुलिस, तमाम अधिकारी, मौके पर पहुंच गए। जांच शुरू हुई। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जाने लगा। इस धमाके में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। घायलों का इलाज चल रहा है। इस बीच पुलिस ने कई गिरफ्तारियां भी की हैं। कौनृकौन लोग अब तक गिरफ्तार किए गए हैं और अब तक की जांच में क्या चुछ पता चला है? आइये जानते हैं…

19 अक्तूबर से शुरू हुई कहानीइस धमाके की पूरी कहानी को समझने के लिए वक्त का पहिया थोड़ा सा पीछे घुमाना होगा। 19 अक्तूबर में जाना होगा, जब श्रीनगर के बनपोरा नौगाम इलाके में कुछ पोस्टर लगाए गए। जैश-ए-मोहम्मद की तरफ से लगाए गए इन पोस्टरों में पुलिस और सुरक्षा बलों को धमकी दी गई थी। पुलिस ने इन पोस्टरों की जांच शुरू की। इस मामले में मौलवी इरफान अहमद वाघे को शोपियां से और जमीर अहमद को गांदरबल से 20 से 27 अक्तूबर के बीच गिरफ्तार किया गया। इन दोनों से पुलिस को एक नाम पता चला। ये नाम था डॉक्टर आदिल का, आदिल सहारनपुर के एक अस्पताल में नौकरी कर रहा था। 5 नवंबर को आदिल को गिरफ्तार कर लिया गया। उससे जो जानकारी मिली उसके आधार पर 7 नवंबर को एक एके-56 और कुछ गोला बारूद अनंतनाग के एक अस्पताल से बरामद हुआ। इसके बाद 8 नवंबर को फरीदाबाद के अल फलाह मेडिकल कॉलेज से कुछ और बंदूक, विदेशी पिस्तौल और 358 किलो विस्फोटक, और बम बनाने का सामान बरामद हुआ। 

शिकंजा कसने लगा तो फिदायीन बना उमर
इस बीच मौलवी वाघे और डॉक्टर आदिल ने एक और नाम पुलिस को बताया। ये नाम था फरीदाबाद के मेडिकल प्रोफेसर डॉ. मुजम्मिल का। पुलिस ने इस शख्स को भी गिरफ्तार कर लिया। इसने भी पुलिस को एक नाम बताया। डॉक्टर शाहीन का नाम, शाहीन, जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग की कमांडर है। अब पुलिस ने शाहीन को भी गिरफ्तार कर लिया। इस बीच पुलिस को विस्फोटकों के एक बड़े जखीरे के बारे में भी पता चला। तकरीबन 2900 किलो। पुलिस ने फरीदाबाद में छापेमारी कर इस जखीरे को जब्त कर लिया। इस दौरान पुलिस को आतंकियों से एक और नाम मिला। डॉक्टर उमर नबी का नाम, इस शख्स को पुलिस तलाश करने लगी, लेकिन पुलिस इस शख्स तक पहुंचती उससे पहले ही इसने 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के सामने फिदायीन हमले को अंजाम दे दिया।
NIA ने तेज की जांच
दिल्ली को दहलाने वाले इस फिदायीन हमले की जांच NIA को सौंपी गई। डॉक्टर शाहीन के भाई डॉक्टर परवेज से पूछताछ शुरु हो गई। पता चला कि जैश-ए-मोहम्मद के साथ साथ अंसार गजवत हिंद नाम का आतंकी संगठन इस मामले से जुड़ा हुआ है। एजेंसी को सबसे पहले उस शख्स की तलाश थी, जिसकी आई-20 कार धमाके में इस्तेमाल की गई थी। पुलवामा के रहने वाले आमिर रशीद को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। कार इसी आमिर के नाम पर रजिस्टर्ड थी। इसके पास से पुलिस को काफी सामान भी बरामद हुआ है और इसका सीधा कनेक्शन डॉक्टर उमर के साथ भी था।

आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर के डॉक्टर पूरे देश में अपने सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन दिल्ली धमाके में डॉक्टरों की इनवॉल्वमेंट के बाद से सभी डॉक्टरों पर शक की सुई उठी है और यूपी में काम कर रहे करीब 200 डॉक्टरों के बारे में जांच एजेंसियां जानकारी जुटा रही है। जम्मू कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस, पंजाब पुलिस, उत्तराखंड पुलिस, दिल्ली क्राइम ब्रांच, यूपी एटीएस, के साथ साथ तमाम जांच एजेंसियां और NIA भी दिल्ली धमाके की अपने अपने स्तर पर जांच कर रही हैं।
सहारनपुर से जिस डॉक्टर आदिल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, उसके साथियों को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। फिलहाल उन सभी को छोड़ दिया गया है लेकिन आदिल के फोन से मिले तमाम कश्मीरी नंबरों की गहनता के साथ जांच की जा रही है और आदिल की कॉल डिटेल निकाली जा रही है। डॉ. आदिल का भाई मुजफ्फर दुबई में है। उसकी गतिविधियां भी संदिग्ध बताई जा रही हैं। 

लगातार बढ़ रहा है जांच का दायरादिल्ली धमाके के मामले में दिल्ली पुलिस ने अल फलाह विश्वविद्यालय के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी को दो अलग-अलग मामलों में समन जारी किया है। हाल ही में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने अल फलाह यूनिवर्सिटी पर शिकंजा कसते हुए दो प्राथमिकी दर्ज थीं। इस बीच अल फलाह को विदेशी फंडिंग मिलने की बात भी सामने आई है। आपको बता दें कि इस मामले में जांच एजेंसी ने अब तक 73 लोगों से पूछताछ की है। 

दक्षिणी कश्मीर से शुरु हुआ ये मामला अब देश की सुर्खियों में हैं लेकिन पिछले दो साल से डॉक्टर उमर नबी इस धमाके के लिए प्लान बना रहा था इसीलिए इस मॉड्यूल ने एक ही पेशे के लोगों को इस काम के लिए चुना। दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड से पकड़े गए जसीर ने पूछताछ में यह खुलासा किया है। जांच में ये भी पता चला है कि धमाके से पहले पाकिस्तान में लश्कर के कमांडर सैफुल्लाह सैफ ने बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हिज्ब-उल-तहरीर के हैंडलरों… अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (यानी एबीटी) के सदस्यों, विस्फोटक विशेषज्ञ और बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ बैठक की थी। दावा है कि इसी बैठक में भारत में हमलों के निर्देश दिए गए थे।

32 कारों के जरिए चार शहरों को दहलाने की थी प्लानिंग जांच में पता चला कि 32 कारों के जरिए चार शहरों को दहलाने की प्लानिंग की जा रही थी। 26 लाख रुपए इन लोगों के पास थे और साथ ही 3000 किलो विस्फोटक भी था। इस काम के लिए मेवात के 60 लड़ाकों को तैयार कर लिया गया था। 25 लोगों को पुलिस ने जांच के लिए हिरासत में लिया, तब इस पूरे प्लान का खुलासा हुआ। पुलिस ने डॉक्टर रईस अहमद भट्ट को भी दिल्ली धमाके मामले में पठानकोट से गिरफ्तार किया है। इसी मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भोपाल के रहने वाले अदनान खां को भी गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अदनान आईएस के संपर्क में था। और यूपी के धार्मिक स्थानों को निशाना बनाना चाहता था।

चूंकि कई राज्य पुलिस, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, यूपी एटीएस इस मामले की जांच कर रही हैं और साथ ही NIA समेत केंद्रीय जांच एजेंसियां भी इसके तार खंगाल रही हैं, इसलिए इस मामले में कुल कितने लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इसका पता नहीं चल सका है लेकिन अलग अलग जगहों से कई संदिग्धों को गिरफ्तार भी किया गया है और हिरासत में भी लिया गया है।  फिलहाल एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और आतंक पर एक्शन जारी है।

 

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