दिल्ली को दहलाने वाले किरदार.., जानें आतंकी नेटवर्क से जुड़े हर सफेदपोश को !
दिल्ली को दहलाने वाले किरदार: फिदायीन उमर से लेडी कमांडर शाहीन तक, जानें आतंकी नेटवर्क से जुड़े हर सफेदपोश को

इस बीच मौलवी वाघे और डॉक्टर आदिल ने एक और नाम पुलिस को बताया। ये नाम था फरीदाबाद के मेडिकल प्रोफेसर डॉ. मुजम्मिल का। पुलिस ने इस शख्स को भी गिरफ्तार कर लिया। इसने भी पुलिस को एक नाम बताया। डॉक्टर शाहीन का नाम, शाहीन, जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग की कमांडर है। अब पुलिस ने शाहीन को भी गिरफ्तार कर लिया। इस बीच पुलिस को विस्फोटकों के एक बड़े जखीरे के बारे में भी पता चला। तकरीबन 2900 किलो। पुलिस ने फरीदाबाद में छापेमारी कर इस जखीरे को जब्त कर लिया। इस दौरान पुलिस को आतंकियों से एक और नाम मिला। डॉक्टर उमर नबी का नाम, इस शख्स को पुलिस तलाश करने लगी, लेकिन पुलिस इस शख्स तक पहुंचती उससे पहले ही इसने 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के सामने फिदायीन हमले को अंजाम दे दिया।
दिल्ली को दहलाने वाले इस फिदायीन हमले की जांच NIA को सौंपी गई। डॉक्टर शाहीन के भाई डॉक्टर परवेज से पूछताछ शुरु हो गई। पता चला कि जैश-ए-मोहम्मद के साथ साथ अंसार गजवत हिंद नाम का आतंकी संगठन इस मामले से जुड़ा हुआ है। एजेंसी को सबसे पहले उस शख्स की तलाश थी, जिसकी आई-20 कार धमाके में इस्तेमाल की गई थी। पुलवामा के रहने वाले आमिर रशीद को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। कार इसी आमिर के नाम पर रजिस्टर्ड थी। इसके पास से पुलिस को काफी सामान भी बरामद हुआ है और इसका सीधा कनेक्शन डॉक्टर उमर के साथ भी था।
आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर के डॉक्टर पूरे देश में अपने सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन दिल्ली धमाके में डॉक्टरों की इनवॉल्वमेंट के बाद से सभी डॉक्टरों पर शक की सुई उठी है और यूपी में काम कर रहे करीब 200 डॉक्टरों के बारे में जांच एजेंसियां जानकारी जुटा रही है। जम्मू कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस, पंजाब पुलिस, उत्तराखंड पुलिस, दिल्ली क्राइम ब्रांच, यूपी एटीएस, के साथ साथ तमाम जांच एजेंसियां और NIA भी दिल्ली धमाके की अपने अपने स्तर पर जांच कर रही हैं।
सहारनपुर से जिस डॉक्टर आदिल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, उसके साथियों को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। फिलहाल उन सभी को छोड़ दिया गया है लेकिन आदिल के फोन से मिले तमाम कश्मीरी नंबरों की गहनता के साथ जांच की जा रही है और आदिल की कॉल डिटेल निकाली जा रही है। डॉ. आदिल का भाई मुजफ्फर दुबई में है। उसकी गतिविधियां भी संदिग्ध बताई जा रही हैं।
दक्षिणी कश्मीर से शुरु हुआ ये मामला अब देश की सुर्खियों में हैं लेकिन पिछले दो साल से डॉक्टर उमर नबी इस धमाके के लिए प्लान बना रहा था इसीलिए इस मॉड्यूल ने एक ही पेशे के लोगों को इस काम के लिए चुना। दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड से पकड़े गए जसीर ने पूछताछ में यह खुलासा किया है। जांच में ये भी पता चला है कि धमाके से पहले पाकिस्तान में लश्कर के कमांडर सैफुल्लाह सैफ ने बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हिज्ब-उल-तहरीर के हैंडलरों… अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (यानी एबीटी) के सदस्यों, विस्फोटक विशेषज्ञ और बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ बैठक की थी। दावा है कि इसी बैठक में भारत में हमलों के निर्देश दिए गए थे।
चूंकि कई राज्य पुलिस, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, यूपी एटीएस इस मामले की जांच कर रही हैं और साथ ही NIA समेत केंद्रीय जांच एजेंसियां भी इसके तार खंगाल रही हैं, इसलिए इस मामले में कुल कितने लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इसका पता नहीं चल सका है लेकिन अलग अलग जगहों से कई संदिग्धों को गिरफ्तार भी किया गया है और हिरासत में भी लिया गया है। फिलहाल एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और आतंक पर एक्शन जारी है।

