ग्वालियर पुलिस ने समय पर आरोप पत्र पेश नहीं किया…नतीजा- डिफॉल्ट बेल…467 किग्रा गांजा तस्करी का मामला!!!
12 नवंबर को हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना और 8 दिसंबर को फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि प्रक्रिया की अनदेखी कर आरोपी का आवेदन निरस्त किया। ट्रायल कोर्ट को आरोपी को नोटिस देकर उसका पक्ष सुनना चाहिए था। पुलिस ने आरोप पत्र पेश करने के लिए 22 सितंबर 2025 को आवेदन दिया, जिसमें 2 माह का समय मांगा। पर स्पष्ट नहीं बताया कि जांच में क्या दिक्कतें आ रही हैं। शेष पेज 8 पर
2023 में महाराजपुरा पुलिस ने पकड़ा था
महाराजपुरा पुलिस ने 27 अक्टूबर 2023 को चेकिंग के दौरान लक्ष्मणगढ़ पुल के पास एक चार पहिया वाहन और एक ट्रक से कुल 467 किग्रा गांजा पकड़ा था। इस मामले में चार लोगों को 14 अक्टूबर 2025 को 15-15 साल की सजा हुई और दो आरोपियों सुभाषचंद्र पंगी और राजेंद्र शर्मा के खिलाफ ट्रायल चल रही है।
कब मिलती है डिफॉल्ट बेल
जब पुलिस चार्जशीट तय समय में दाखिल नहीं करती, तब आरोपी को कानूनन जमानत का अधिकार मिल जाता है। इसे “वैधानिक जमानत’ भी कहते हैं। यह तब मिलती है जब जांच पूरी न हो और चार्जशीट समय सीमा में दाखिल न की गई हो। इसके लिए आरोपी को अदालत में आवेदन करना पड़ता है। आरोपी की ओर से दलील दी गई कि 180 दिन बीतने के बाद भी पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल नहीं किया।

