मध्य प्रदेश

ग्वालियर : सीएम हेल्पलाइन…..1207 शिकायतें, रिपोर्ट में खुलासा 272 जगह सीवर लाइन डैमेज !!!

सीएम हेल्पलाइन:1207 शिकायतें, रिपोर्ट में खुलासा 272 जगह सीवर लाइन डैमेज, 74 जगह टूटी-फूटी

नई पुरानी ब​स्ती, कॉलोनियों में सीवर डिस्पोजल गंभीर रुप ले रहा है। रोज 80-90 शिकायतें दर्ज हो रही हैं, इनमें से जिनका निराकरण नहीं होता वे लोग सीधे सीएम हेल्पलाइन तक पहुंच रहे हैं। एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री की समीक्षा बैठक के लिए बनी रिपोर्ट भी सिस्टम के ध्वस्त होने की ओर इशारा कर रही है। इसके मुताबिक 60 वार्ड में 272 लोकेशन पर सीवर लाइन डैमेज है और 74 जगह पूरी तरह से टूटी-फूटी।

इसी कारण विभाग ने इन्हें रेड और येलो कैटेगरी में रखा है। सीएम हेल्पलाइन पर वर्तमान में अकेले शहरी क्षेत्र की सीवर लाइन को लेकर 1 हजार 207 शिकायतें दर्ज हैं।

सीवर सिस्टम से लोग परेशान हैं, यह बात चार दिन में दो बैठकों से समझ में आती है। सांसद भारत सिंह कुशवाह ने 7 दिसंबर को बैठक की। उन्होंने भी एजेंडे में सीवर को शामिल किया। अफसरों ने उनके सामने भी शहर के सीवर नेटवर्क की स्थिति रखी।

एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने भी समीक्षा की। इनके एजेंडे में भी ड्रेनेज सीवर समस्या को शामिल किया गया। इस बैठक में भी कमजोर सिस्टम के मौजूदा आंकडे विभागीय अफसरों ने पेश किए। इस मामले में पीएचई के कार्यपालन यंत्री संजीव गुप्ता ने कहा कि हर महीने औसत 800 से 1000 शिकायतें आती हैं। इनके निराकरण के लिए वे हर संभव प्रयास करते हैं।

  • लगभग 1517 किमी में सीवर नेटवर्क है। इसमें 511 किमी अंडर साइज और 320 किमी क्षतिग्रस्त है। शहरी क्षेत्र में लगभग 355 किमी एरिया ऐसा है जिसे विभाग अन कवर्ड मानता है। इसलिए शहर के लोगों के लिए लगभग 1166 किमी सीवर नेटवर्क की जरूरत बैठकों में बताई गईं
  • शहर के काफी हिस्से में विभाग मौजूदा सीवर नेटवर्क को अंडर साइज मानता है। मतलब यह है कि यहां पहले आबादी कम थी, इसलिए लाइन कम व्यास की हैं। अब आबादी बढ़ चुकी है, इसलिए यह नेटवर्क अंडर साइज की श्रेणी में आ गया है। इसे बदले बिना सुधार संभव नहीं है।

लोग बोले– गंदगी सड़क पर, निगम सुनता नहीं

  • तिरुपति नगर के निर्जन गुर्जर ने सीएम हेल्पलाइन पर एक साल पहले शिकायत की। सीवर लाइन जाम है। गंदगी सड़क पर बह रही है। जब जनसुनवाई में शिकायत की सुनवाई नहीं हुई तो सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समाधान अब तक नहीं हुआ।
  • जनकपुरी के चतुर त्यागी ने भी चार महीने पहले ऐसी ही शिकायत की। सीएम हेल्पलाइन पर इसी तरह की शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।
  • शंकर कॉलोनी की ज्योति पांडे, बंशीपुरा की नीतू किरार, सेवानगर के महेश कुशवाह, बहोड़ापुर के रोबिन शिवहरे और श्रीनगर कॉलोनी के पीयूष मोरे भी सीएम हेल्पलाइन पर सीवर संबंधी समस्या की शिकायत 7 दिन से लेकर डेढ़ महीने पहले कर चुके हैं, लेकिन इनका समाधान अब तक नहीं हुआ है।

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