लॉ&ऑर्डर पर CM बोले-मंत्री के भाई को भी गिरफ्तार किया !!
डॉ. मोहन यादव को बतौर मुख्यमंत्री 13 दिसंबर को दो साल पूरे हो रहे हैं। दो साल के इस सफर की उपलब्धियों और चुनौतियों के साथ आने वाले तीन सालों की योजना को लेकर ………से उन्होंने बातचीत की।
सवाल: जिन्हें आप मप्र के लिए टर्निंग पॉइंट मानते हों ऐसी कुछ खास उपलब्धियां बताएंगे?
सीएम: मैं इतना ही कहूंगा कि दो साल सबके सामने हैं। हमारा इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट भी सबके सामने है। बजट हर बार बढ़कर राज्य की संपन्नता, सक्षमता दिखा रहा है। प्रधानमंत्री जी के आशीर्वाद और गृह मंत्री जी की रणनीति के बलबूते पर दो साल सभी क्षेत्रों में हमने अच्छा काम किया। लेकिन, नक्सलवादी मूवमेंट का जो सफाया हुआ है। हमारे राज्य से नक्सलवादी मंडला, बालाघाट, डिंडौरी से समाप्त हुए हैं। ये बहुत बड़ी उपलब्धि है।
नक्सलवादियों ने इस राज्य में जिस प्रकार का नंगा नाच किया। तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के शासनकाल में उनके ही एक मंत्री की घर से बाहर निकालकर कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई थी। और कांग्रेस की सरकार देखती रही। ये कितना बड़ा उदाहरण था लेकिन, हमने बीते एक वर्ष में 10 नक्सलवादियों को ढेर किया। और 11–11–11 तीन बार हमारे राज्य के बाहर जाकर सरेंडर किया है। हमने सभी प्रकार के संसाधन लगाकर गृह मंत्री जी की अपेक्षा के अनुरूप किया, पूरा मध्य प्रदेश लगभग नक्सल समस्या से मुक्त हुआ है।
हमने कई नवाचार किए, नए प्रयोग किए कई क्षेत्रों में हमें भारत सरकार से पुरस्कार मिले। माइनिंग टूरिज्म में हम पुरस्कार जीत रहे हैं। ये राज्य के सुशासन की तरफ संकेत है। प्रधानमंत्री जी का जन्मदिन मनाना हमारे लिए गर्व की बात है। जीआईएस के माध्यम से लाखों करोड़ के निवेश के प्रस्ताव आ रहे हैं। ये हमारे लिए न केवल उत्साह वर्धक है बल्कि राज्य की प्रगति के पहचान चिन्ह भी है।
सवाल: कई मंचों पर आप कहते हैं मेरी कोई बड़ी राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं थी। फिर आपके सामने मुख्यमंत्री बनने के बाद सबसे बड़ी क्या चुनौतियां थीं? जिन्हें इन दो सालों में फेस किया?
सीएम: चुनौती की जहां तक बात है तो एक कार्यकर्ता होने के नाते मैं लंबे समय से राजनीतिक क्षेत्र में और संगठन में भी काम कर रहा हूं। एक राज्य की बेहतरी के लिए प्रधानमंत्री का मॉडल सबसे आइडियल मॉडल है। उन्होंने गुजरात को कहां से कहां पहुंचाया, मैं गुजरात भी गया प्रधानमंत्री जी से मिला। हर बार हम उनसे सीखते भी हैं। और वो समझाते भी हैं इसलिए राज्य के लिए कोई बहुत बड़ी परेशानी नहीं है। लेकिन, चरणबद्ध रूप से हम राज्य को हर समस्या से बाहर भी लाए।
आज बहुत तेज गति से आगे बढ़ने वाले राज्यों में हम शामिल हैं। जीईआर यानी शिक्षा की सकल अनुपात दर में हम सबसे आगे हैं। कृषि विकास दर पहले से ही हमारी आगे है। हमारे पास बिजली, पानी सरप्लस है। आज तेज गति से राज्य औद्योगिक निवेश की दिशा में आगे बढ़ रहा है। तीनों क्षेत्रों एमएसएमई, हेवी और लघु-कुटीर उद्योगों में हमें गर्व है कि हमारा राज्य आगे बढ़ रहा है।
सवाल: आपने प्रधानमंत्री जी का जिक्र किया। आप जब भी दिल्ली जाते हैं तो विपक्ष ये सवाल उठाता है कि पूरी सरकार दिल्ली से चल रही है?
सीएम: उनके नेता तो मार्गदर्शन के लायक बचे नहीं हैं। वो क्या करते हैं मुझे मालूम नहीं लेकिन, हमें इस बात का गर्व है कि प्रधानमंत्री जी हों, गृह मंत्री हों, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा जी हों, हर बार हमको नई सौगात देते हैं। हमारे लिए यह भी गर्व की बात है कि ये राज्य और केन्द्र के बेहतर संबंधों के लिए भी यह आवश्यक है। ये होना चाहिए। तो जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी, उनका जैसा मन है वैसा बोलें लेकिन, राज्य की जनता जानती है देश जानता है कि राज्य और केन्द्र के संबंध मजबूत होते हैं तो प्रगति बहुत तेजी से आती है।
सवाल: मध्य प्रदेश के लिए अगले तीन सालों का क्या रोडमैप है?
सीएम: हमारा राज्य बहुत तेज गति से आगे बढ़ रहा है। हम इसकी और स्पीड़ बढ़ाकर सभी क्षेत्रों में बेहतर से बेहतर करने का संकल्प ले रहे हैं।
सवाल: मध्य प्रदेश में रोजगार बड़ी चुनौती है, सरकार लगातार प्रयास कर रही है। लेकिन सरकारी नौकरियों को लेकर बड़ी मारामारी होती है। उस पर क्या सोचते हैं?
सीएम: हमने तो हर सरकारी विभाग के इतने ज्यादा पद मंजूर किए जो कभी नहीं हो सकते थे। लगभग 50 हजार पद बिजली विभाग के मंजूर किए, 42 हजार हेल्थ डिपार्टमेंट में किए, 22500 पुलिस में अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की भर्ती कर रहे हैं। हर क्षेत्र में भर्ती कर रहे हैं।
मुझे इस बात का संतोष है कि मेरे बैठने के बाद लगभग 60 हजार से ज्यादा पद तो विभिन्न विभागों में दे चुके हैं। ये क्रम लगातार जारी है। अब तो एमपीपीएससी और बाकी विभाग भी बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।अभी हमने एक नया डिजाइन बनाया है कि सभी प्रकार के पदों के लिए एक एग्जाम से ही भर्ती की जाए। यानी सभी क्षेत्रों में हम समान रूप से आगे बढ़ रहे हैं।
सवाल: भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी समस्याएं पहले आती रहीं हैं। अब इनको आगे रोकने के लिए क्या योजना बनाई है?
सीएम: आप देखिए हमारे सामने क्यों नहीं हुआ, क्योंकि, हमने बहुत बारीकी से ध्यान रखा है। हमारे किसी एग्जाम के पेपर आउट नहीं हुए। हमारी सामान्य जो परीक्षाएं हो रही हैं, उन परीक्षाओं को भी हम समय पर कराकर उनमें भी शुद्धता के साथ काम कर रहे हैं।
सवाल: आपने निवेश के लिए संभाग से विदेश तक निवेशकों से बात की, क्या ये जमीन पर उतर पाएंगे? क्योंकि, विपक्ष सवाल उठाता है कि समिट बहुत हुई, लेकिन निवेश जमीन पर नहीं आता?
सीएम: 6 लाख करोड़ के काम तो हमारे यहां विभिन्न इंडस्ट्रीज में चालू हो गए। लोकार्पण भूमिपूजन के बाद लाखों लोगों को रोजगार मिल गया। उसी के साथ हमने दो लाख करोड़ के लोकार्पण, भूमिपूजन के लिए गृह मंत्री जी को निमंत्रण दिया है। संभवत: वो इसी महीने आ रहे हैं। हम किसी के सर्टिफिकेट के लिए बात नहीं कर रहे। इसको यथार्थ में उतारकर दिखा रहे हैं।
बीते दिन हमने जब कैबिनेट की बैठक बुन्देलखंड में की है। तो सागर में कभी कोई फैक्ट्री की कल्पना भी नहीं कर सकता था। लेकिन रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में सागर में खाद के कारखाने की बात हुई तो वह खाद कारखाना न केवल बना बल्कि चालू होकर इसी साल की फसल के लिए उनका खाद उपलब्ध हो गया। ऐसे कई प्रकल्प हैं। 30 हजार करोड़ का एक नया पार्क मंजूर किया है, जिसमें लगभग 30 हजार लोगों को रोजगार भी मिलेगा। तो ऐसे हर एक क्षेत्र में हम आगे बढ़ रहे हैं।
सवाल: सरकार अगला साल कृषि आधारित वर्ष के रूप में मनाएगी। हर साल खाद वितरण में समस्या आती है और फसल बेचने के समय किसान कहते उपज का सही दाम नहीं मिल रहा। जैसे अभी प्याज को लेकर दिक्कत है?
सीएम: ये आपने उल्टा बताया है। हमारा कृषि का रकबा भी बढ़ रहा है। इरिगेटेड एरिया भी बढ़ रहा है और 55 जिलों में से इक्के-दुक्के जिलों में कठिनाई आई अगर छोड़ दें तो कमोबेश खाद सब जगह सरप्लस है। जहां आप बता रहे हैं वहां भी सरप्लस है। ये हमारे प्रधानमंत्री जी का आशीर्वाद है केन्द्रीय उर्वरक मंत्री नड्डा जी हमें आश्वस्त किया है हमें डबल खाद दिया है। ये बात सही है कि वितरण करने कराने में, हमारी खेती की खपत में अंतर होने से कई बार इसमें थोड़ी कठिनाई आती है। लगातार पूरे क्षेत्रों में बहुत सरलता से खाद मिल रहा है। अब तो हम एसएमएस से घर पहुंच सेवा से खाद पहुंचाने का आगे प्लान बना रहे हैं।
सवाल: क्या 21 तारीख को प्रधानमंत्री जी भोपाल मेट्रो को हरी झंडी दिखाने जा रहे हैं?
सीएम: अभी मैं इस बारे में इतना ही कहना चाहूंगा कि प्रधानमंत्री जी का संदेश आया है वो वीडियो के माध्यम से हमें मैसेज देंगे। और नगरीय विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर स्वयं आ रहे हैं। उनकी मौजूदगी में मेट्रो प्रोजेक्ट का लोकार्पण होगा।
सवाल: भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर लोगों को आपसे ज्यादा उम्मीदें हैं?
सीएम: हम मेट्रोपॉलिटन सिटी बना रहे हैं। मेट्रोपॉलिटन के साथ ही मास्टर प्लान बना रहे हैं। एक के बाद एक चरणबद्ध रूप से आप देखते जाइए धीरे–धीरे….. 25 साल से नहीं था हमको तो दो ही साल हुए हैं आप देखते जाओ सब समाधान निकलेगा।
सवाल: लॉ एंड ऑर्डर को लेकर कई बार सवाल उठते हैं, अभी मंत्री जी के भाई पकड़े गए हैं? इससे छवि पर असर नहीं पड़ता?
सीएम: इससे अच्छी कोई बात नहीं होगी, मंत्री जी के सगे भाई को पुलिस ने बंद किया। कांग्रेस की सरकार में कभी पकड़ कर देखते। वो मुकदमा ही नहीं बनता। ये हमारी सरकार है, प्रधानमंत्री जी और गृहमंत्री जी के आशीर्वाद से हमारी सबकी साख है कि जो गलत करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। और वो पकड़े जाएंगे। मुझे इस बात का संतोष है कि हमारी मंत्री ने भी कहा कानून अपना काम करेगा वो कोई हस्तक्षेप नहीं कर रहीं।
सवाल: गौहरगंज में रेप की घटना में आपने त्वरित एक्शन लिया और एसपी को हटा दिया। दूसरे एसपी ने आरोपी की गिरफ्तारी भी की, लेकिन इंदौर में टीआई ने सुप्रीम कोर्ट में झूठा हलफनामा दे दिया, सिवनी हवाला कांड के पैसों को पुलिस ही लेने में लगी थी?
सीएम: अच्छे काम में हमारे पुलिस फोर्स की हम पीठ भी थपथपाते हैं। उनका प्रमोशन भी करते हैं। उनकी हर प्रकार से मदद करते हैं। लेकिन कहीं कमी कमजोरी होती है तो हम कड़ाई से पेश आते हैं। सुशासन के लिए यही पैरामीटर चाहिए और वो लागू है।
सवाल: शिवराज जी की सरकार के कई निर्णय आपने बदल दिए, जैसे सीपीए पहले मर्ज कर दिया अब पूर्नजीवित करने जा रहे हैं?
सीएम: मैंने बंद नहीं किया, पहले से ही बंद है। लेकिन ये बात सही है कि सरकार चलाते हुए कई योजनाएं उस समय अच्छी लगती थीं बाद में वो कमजोर हुईं तो निर्णय तो करना पड़ता है। सरकार का मतलब ही है रोज निर्णय लेना।
सवाल: आपकी कैबिनेट में सेल्फ मोटिवेटेड मंत्री कौन हैं? जो स्वप्रेरणा से नवाचारी काम करते हैं?
सीएम: कौन सा नहीं हैं ये बताइए? हमारे हर मंत्री को फ्रीडम है। हर एक मंत्री नवाचार भी कर रहे हैं। इसीलिए सभी मंत्री दो साल की योजना बताने वाले हैं। हमने दो साल की समीक्षा बैठकें चालू कीं। हर मंत्री ने बहुत उत्साहवर्द्धक काम किया। आने वाले तीन साल के टारगेट भी उनको दिए हैं। तो यही तरीका होता है कि हमारे सभी मंत्रियों ने जो किया वो सबके सामने ला रहे हैं। कोई छोटी-मोटी चूक हो गई तो अगली बार नहीं करेंगे। ये ताकीद भी की है।
सवाल: जो चर्चा विधानसभा के अंदर होना चाहिए वो प्रदर्शन सदन के बाहर होता है, इस पर आप क्या कहेंगे?
सीएम: ये कांग्रेस की कमजोरी है। कांग्रेस को अस्तित्व बचाना है तो प्रदर्शन करना होगा। अंदर की आत्मा तो उनकी जानती है कि वे जो प्रदर्शन कर रहे हैं उसमें दम नहीं हैं।
सवाल: आप मुख्यमंत्री बने उसके बाद कमलनाथ जी से मिलने गए, उसके बाद लोकसभा चुनाव के दौरान उनके बीजेपी में शामिल होने की चर्चाएं उठीं उन चर्चाओं में कितना दम था?
सीएम: ऐसा कहीं कोई किसी में आ नहीं रहा न जा रहा। ये सौजन्य मुलाकातें होना चाहिए। मैं सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों से मिला, दिग्विजय जी से मिला, कमलनाथ जी से मिला हूं। ये एक राज्य की बेहतरी के लिए ज्यादा अच्छा रहेगा। हम हर एक के साथ मिलते-जुलते हैं लेकिन, किसी के दल में आने वाली बात कहीं नहीं हैं।
सवाल: जब आप मुख्यमंत्री बने तो पहले साल यह बात कही जाती थी कि मुख्यमंत्री जी बार–बार उज्जैन जाते हैं जबकि वे सीएम पूरे राज्य के हैं?
सीएम: शुरू-शुरू में ऐसी बात लगती है। समय के साथ सारी बातें धीरे–धीरे ध्यान में आ जातीं हैं। और काम करने का यह तरीका होता है। हमने एक प्रयास जरूर किया था कि शुरुआत के समय में उज्जैन के लोगों को लगता था कि यहां आकर मिलें तो हमने कहा था कि आप मत आइए मैं खुद आ जाता हूं। और विकास के मसले में पूरे प्रदेश को एक दृष्टि से देखेंगे। मुझे संतोष है कि हम दोनों मोर्चों पर बराबरी से काम कर रहे हैं।
सवाल: खंडवा में ममलेश्वर लोक बनना था या उज्जैन में लैंड पूलिंग का विषय हो क्या आपको लगता है कि मैसेज डिलीवरी में कहीं न कहीं कम्युनिकेशन गैप रहा?
सीएम: ऐसा कुछ नहीं हैं। विकास के मामले में सदैव ऐसा होता रहेगा। कि हमें कोई योजना लग रही है तो योजना लगा देंगे। और अगर योजना से जुडे़ कोई पक्ष कहते हैं कि इसे बदल दो तो वैसे बदल देते हैं। क्योंकि, ये सरकार सबको साथ लेकर चलने वाली है। हमने कहा है कि हमारी प्रायोरिटी तो इस प्रदेश की जनता है किसान हैं, युवा, गरीब महिला हैं। उनकी बेहतरी के लिए ही हम काम करते हैं।
सवाल: निगम-मंडलों में 80 से 100 लोग ही स्थापित हो पाएंगे? आपकी पार्टी में संख्या बहुत ज्यादा है आपकी पार्टी के लोग हैं कांग्रेस से आए भी हैं, सबको कैसे एडजस्ट करेंगे?
सीएम: देखते जाओ सब हो जाएगा, कुछ नहीं बचने वाला।
सवाल: कब तक? सीएम: जल्दी होने वाले हैं।
सवाल: मंत्रिमंडल विस्तार की भी चर्चाएं हैं?
सीएम: अभी तो हमारी पार्टी के पार्लियामेंट्री बोर्ड का और प्रधानमंत्री जी का अमित शाह जी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जी का जैसा मार्गदर्शन मिलेगा वैसा हम कर लेंगे।
सवाल: पांच बड़े काम जो अगले साल करने जा रहे हों?
सीएम: बहुत लंबी लिस्ट है। मैं ऐसे बोलूंगा तो थोड़ी ज्यादती हो जाएगी। लेकिन, यह बात सही है कि हमने अपने राज्य को औद्योगिक विकास दर में बराबरी से रखेंगे। कृषि विकास दर के साथ-साथ सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ाएंगे। सोलर पावर कनेक्शन जल्दी से जल्दी दिलाएंगे। गरीबों के लिए रोजगार के अवसर और उपलब्ध कराएंगे। युवाओं के लिए स्वरोजगार से लेकर सभी प्रकार के रोजगार के अवसर दिलाने वाले हैं। महिलाओं में नारी सशक्तिकरण की योजना हम लेकर आने वाले हैं। जिसमें हमारी बहनों के लिए हम बहुत सारी संभावनाएं देख रहे हैं।
सवाल: डॉक्टर (छोटे बेटे) की शादी सामूहिक विवाह सम्मेलन में करने का निर्णय उनका था या आपका था?
सीएम: दोनों का था। मैंने बच्चों से कहा तो बच्चे भी तैयार थे। मेरे दो बच्चों की शादी सीएम रहते हुए हुई है। बडे़ बेटे से भी कहा कि हमें दिखावा नहीं करना वो सहमत था तो 50 लोगों के बीच में शादी की थी। अबकी बार हमने कहा सामूहिक विवाह में कर लेंगे तो छोटे डॉक्टर जो सर्जन हैं? उसने कहा मैं सहर्ष तैयार हूं। एक सर्जन भी घोड़े पर बैठकर अपना तोरण लगाने जा रहा है। एक ड्राइवर का बेटा भी लगा रहा है। ये सामाजिक समरसता की दृष्टि से हम सब जिस स्थान पर बैठे हैं इसी का ध्यान रखने की आवश्यकता है। सभी समाज हमारे हैं न कोई ऊंचा है न कोई नीचा है। न गरीब है न अमीर है। उससे बड़ी बात ये है कि हम लोग दिखावे में क्यों खर्च करें। ये गंगा ऊपर से बहती है बडे़ लोग करते हैं तो गरीब कर्जा लेकर करेगा। मध्यमवर्गीय की कमर टूटती है।
बच्चों को पढ़ाओ, लिखाओ आगे बढ़ाओ ये मैं आपके माध्यम से कहना चाहूंगा। मैं दो–तीन चीजों पर गौर करके बताता हूं कि आप अपने माता–पिता या परिजन कोई बिछुड़ता है। तो आप मौत–मैयत पर बड़ा खर्च मत करो। मेरे पिता जी गए हमने बहुत छोटा सा कार्यक्रम किया। हमारी माता जी गई तब मैं शिक्षा मंत्री था तो हमने बहुत छोटा सा कार्यक्रम किया। ये नहीं करना चाहिए।
मुझे माता–पिता का आशीर्वाद उनके जीते जी मिला था। उन्होंने भी कहा था। इसी प्रकार से शादी का भी दिखावा नहीं करना चाहिए। मैं इतना जरूर सोचता हूं कि हमारे बच्चों को पढ़ाने-लिखाने में जो खर्चा करना हो जैसा करना है वो सब करिए अच्छा लगेगा।
आज का समय भारत में इस बात का है कि सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए मौके खूब देना चाहिए। लेकिन, अनावश्यक खर्चा आए तो उससे बचना चाहिए।

