मध्य प्रदेश

18 मौतें, 99 मरीज अस्पताल में और 16 आईसीयू में जिंदगी-मौत के बीच !!!

इंदौर जल कांड: 18 मौतें, 99 मरीज अस्पताल में और 16 आईसीयू में जिंदगी-मौत के बीच, अभी भी नलों से आ रहा ‘जहरीला’ पानी

इंदौर जल कांड: 18 मौतें, 99 मरीज अस्पताल में और 16 आईसीयू में जिंदगी-मौत के बीच, अभी भी नलों से आ रहा 'जहरीला' पानी18 मौतें, 99 मरीज अस्पताल में और 16 आईसीयू में जिंदगी-मौत के बीच।

HighLights

  1. बेटी के घर का पानी मां के लिए बना जहर, हुई मौत
  2. भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण 18वीं मौत
  3. 80 वर्षीय वृद्धा की मौत के बाद प्रशासन पर उठे सवाल

 इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासनिक दावों के उलट, अब 18वीं मौत का मामला सामने आया है। कुलकर्णी नगर निवासी 80 वर्षीय वृद्धा हरकुंवर की दूषित पानी के कारण मौत हो गई है। वह भागीरथपुरा में अपनी बेटी के घर रुकने आई थीं। एक ओर जहां मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवारों ने प्रशासन पर सर्वे न करने और हकीकत छुपाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

बेटी के घर रुकने आई मां की गई जानमृतक महिला की बेटी निर्मला ने बताया कि उनकी मां हरकुंवर 20 दिसंबर से भागीरथपुरा स्थित उनके घर रुकने आई थीं। 30 दिसंबर को उन्हें अचानक उल्टी-दस्त की गंभीर समस्या हुई। पहले निजी क्लीनिक में इलाज कराया गया, फिर तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें वापस उनके बेटे के घर कुलकर्णी नगर भेज दिया गया। वहां एक जनवरी की रात उनकी मौत हो गई और दो जनवरी को अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि यह मौत दूषित पानी की वजह से हुई है, लेकिन प्रशासन ने अभी तक उनके घर की सुध नहीं ली है।

एक ही परिवार के चार सदस्य अभी भी बीमारपीड़ित परिवार की स्थिति बेहद चिंताजनक है। निर्मला के अनुसार, उनकी मां की मौत के बाद भी घर में चार अन्य सदस्य बीमार हैं। उनकी भांजी पूजा सीएचएल अस्पताल में भर्ती है, जबकि 11 वर्षीय काव्या, निर्मला स्वयं और उनकी बेटी महक भी उल्टी-दस्त की चपेट में हैं। क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि आज भी नलों में गंदा पानी सप्लाई हो रहा है, जिसके कारण उन्हें पीने का पानी खरीदकर लाना पड़ रहा है।

अस्पतालों में बढ़ती भीड़: 16 मरीज आईसीयू मेंभागीरथपुरा में स्थिति अभी भी नियंत्रण से बाहर है। वर्तमान में विभिन्न अस्पतालों में 99 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 16 मरीजों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू (ICU) में रखा गया है। इनमें से दो मरीजों की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। प्रशासन ने मरीजों को एमवाय, अरविंदो और चाचा नेहरू अस्पताल में रेफर करना शुरू कर दिया है, जहां उन्हें नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है।

61 टीमों का रियल टाइम सर्वे शुरूप्रशासनिक अमला अब सक्रिय होता दिख रहा है। सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हासानी के निर्देशन में 61 टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें ‘कोबो टूल’ के माध्यम से घरों का रियल टाइम सर्वे कर रही हैं। पिछले दो दिनों में इन टीमों ने 5013 घरों तक पहुंचकर 24,786 लोगों को स्वास्थ्य किट वितरित की है। इस सर्वे के दौरान राज्य सर्विलेंस दल भी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहा है

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