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नोएडा-गाजियाबाद और गुरुग्राम से दिल्ली जा रहे हैं तो ध्यान दें, आपकी गाड़ी BS-VI है या नहीं?

नोएडा-गाजियाबाद और गुरुग्राम से दिल्ली जा रहे हैं तो ध्यान दें, आपकी गाड़ी BS-VI है या नहीं? निकलने से पहले सबकुछ जान लें

प्रदूषण के खिलाफ जंग में दिल्ली में कल से काफी कुछ बदल जाएगा. अब 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य है. PUC सर्टिफिकेट के बिना फ्यूल नहीं मिलेगा. केवल BS-VI मानक वाले वाहनों को दिल्ली में एंट्री मिलेगी. रेत ढोने वाले ट्रकों पर पूरी तरह से बैन है. ये कड़े कदम दिल्ली की वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए उठाए गए हैं.

नोएडा-गाजियाबाद और गुरुग्राम से दिल्ली जा रहे हैं तो ध्यान दें, आपकी गाड़ी BS-VI है या नहीं? निकलने से पहले सबकुछ जान लें

सांकेतिक तस्वीर.Image Credit source: AI Generated

दिल्ली-NCR की हवा इन दिनों इतनी ‘सीरियस’ है कि उसे सही होने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत है. हालात ऐसे हैं कि हसन जहांगीर का गाना ये हवा ये हवा, ये हवा… अब रोमांटिक नहीं बल्कि अलर्ट बन चुका है. हवा आंखों को चुभ रही है, फेफड़ों को बीमार कर रही है. आलम ये है कि सुबह का आगाज सूरज से नहीं बल्कि स्क्रीन पर AQI के दर्शन से हो रहा है. इन सबके बीच सरकार का दावा है कि हवा में घुला जहर कम करने के लिए युद्धस्तर पर काम हो रहा है. कई बड़े फैसले लिए गए हैं, जो कि कल से लागू होंगे. ऐसे में अगर आप दिल्ली के बाहर रहते हैं और राजधानी जा रहे हैं तो कुछ बातें जरूर जान लें.

  1. केवल BS-VI मानक वाले वाहनों दिल्ली में एंट्री: बीएस-6 से कम मानक वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं मिलेगा. हालांकि, दिल्ली में रजिस्टर्ड बीएस-6 से कम मानक वाले वाहनों पर बैन नहीं है.
  2. PUC सर्टिफिकेट नहीं तो फ्यूल नहीं:पेट्रोल पंप पर वाहनों को फ्यूल तभी मिलेगा जब उनके पास वैध PUCC (Pollution Under Control Certificate) होगा. इसके बिना वाहनों को पेट्रोल/डीजल/सीएनजी नहीं दिया जाएगा.
  3. कंस्ट्रक्शन सामग्री ढोने वाले वाहनों पर एक्शन:रेता-बदरपुर लाने वाले ट्रकों पर पूरी तरह बैन. प्रदूषण फैलाने वाले ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्हें जब्त या सीज किया जाएगा.
  4. 50 फीसदी वर्क फ्रॉम-होम कंपलसरी:दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और ग्रेप-4 की पाबंदियों के बीच दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. दिल्ली के अंदर जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी संस्थानों के लिए 50% वर्क फोर्स के साथ काम और बाकी 50% के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया है. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सरकार जुर्माना लगाएगी.
  5. रजिस्टर्ड मजदूरों को ₹10,000:श्रम विभाग ने भी कुछ फैसले लिए हैं. ग्रेप 3 में 16 दिन कंस्ट्रक्शन बंद था. दिल्ली में रजिस्टर मजदूरों को दिल्ली सरकार सीधे खाते में 10000 रुपए देगी. ग्रेप 4 खत्म होने के बाद भी उसी हिसाब से दिया जाएगा.

अब इसमें दो पॉइंट बहुत अहम हैं. 

पहला- PUC सर्टिफिकेट की पेट्रोल पंप पर जांच कैसे होगी.

 दूसरा- जिन वाहनों को एंट्री ना देने का फैसला लिया गया, उनसे निपटने का प्लान क्या है? इसे लेकर सरकार की ओर से जवाब दिया गया है. PUC सर्टिफिकेट की जांच पर सरकार का कहना है, हम अपनी इंफोर्समेंट टीम दे रहे हैं. हमारी टीमें वहां (पेट्रोल पंप) पर रहेंगी. ताकि इंश्योर किया जा सके कि समस्या ना हो

अब आते हैं दूसरे बड़े सवाल पर यानी कि जिन वाहनों को एंट्री ना देने का फैसला लिया गया है, उनसे निपटने का प्लान क्या है? तो इसका जवाब है सीमा पर सख्त निगरानी. कोंडली, टिकरी, कालिंदी कुंज, कापसहेड़ा, रजोकरी, आया नगर सहित सभी एंट्री पॉइंट पर ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें रहेंगी. परिवहन विभाग के पास 7880 प्रवर्तन दल हैं. ये बड़े टोल और बॉर्डर पॉइंट्स पर एक्टिव रहेंगे.

दिल्ली सरकार की लोगों से अपील

इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने लोगों से अधिक से अधिक कारपूलिंग अपनाने की अपील है. सरकार का कहना है कि इस पर ऐप को लेकर काम जारी है. सरकार ने डस्ट पॉल्यूशन चिंता जाहिर की है क्योंकि पत्तों पर धूल जमने से 5 फीसदी से ज्यादा ऑक्सीजन उत्सर्जन घटता है. इसके साथ हीहरियाली पर जोर दिया है. सरकार का दावा है कि धूल कम करने के लिए ग्रीनरी बढ़ाने पर लगातार फोकस किया जा रहा है. दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है. 

कोर्ट ने क्या कहा है कि ये जानने से पहले आइए एक नजर डालते हैं पिछले 5 दिन के AQI पर.

दिल्ली में पिछले 5 दिन का AQI
12 दिसंबर 305 खराब
13 दिसंबर 350 खराब
14 दिसंबर 461 बहुत खराब
15 दिसंबर 500 खतरनाक
16 दिसंबर 378 खराब

प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

प्रदूषण को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण पर सख्त टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा, अब तक प्रदूषण पर उठाए गए कदम नाकाम साबित हुए हैं. प्रदूषण में कमी के लिए लॉन्ग टर्म प्लानिंग की जरूरत है. दिल्ली बॉर्डर पर बने 9 टोल प्लाजा बंद हो या कहीं और शिफ्ट हों. सिर्फ नियम बनाना काफी नहीं, असरदार तरीके से लागू हों. प्रदूषण की पाबंदियों से बेरोजगार हुए कंस्ट्रक्शन वर्कर्स की मदद की जाए और उन्हें दूसरा काम देने पर भी विचार किया जाए.

दिल्ली-NCR में प्रदूषण पर SC की खास बातें

  1. सर्दी की छुट्टी पहले करना एकमात्र विकल्प
  2. अगले साल से तय करें 1 अक्तूबर से 31 जनवरी तक कोई टोल ना लिया जाए
  3. जनवरी तक टोल हटाने की मांग पर CAQM को नोटिस
  4. प्रदूषण पर अब तक के कदम पूरी तरह फेल
  5. शॉर्ट टर्म उपाय बच्चों और बुजुर्गों को अस्थायी सुरक्षा देने के लिए हैं

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