दिल्लीस्वास्थय

आयुर्वेदिक डॉक्टरों को सर्जरी की परमिशन पर बिफरा IMA…मरीजों की जान से खिलवाड़ !

आयुर्वेदिक डॉक्टरों को सर्जरी की परमिशन पर बिफरा IMA, कहा- सरकार का ये फैसला, मरीजों की जान से खिलवाड़

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने आयुर्वेदिक डॉक्टरों को सर्जरी करने की परमिशन देने के हालिया फैसलों पर गंभीर चिंता जताई है. IMA ने साफ किया कि वह चिकित्सा से जुड़ी सभी पद्धतियों का सम्मान करता है.

आयुर्वेदिक डॉक्टरों को सर्जरी की परमिशन पर बिफरा IMA, कहा- सरकार का ये फैसला, मरीजों की जान से खिलवाड़

आयुर्वेदिक डॉक्टरों को सर्जरी की परमिशन पर IMA ने चिंता जताई.

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने आयुर्वेदिक डॉक्टरों को सर्जरी करने की परमिशन देने के हालिया फैसलों पर गंभीर चिंता जताई है. IMA ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि यह कदम मरीजों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है. यह फैसला एक तरह से मरीजों की जान से खिलवाड़ है.

IMA के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिलीप भानुशाली और मानद महासचिव डॉ. सरबरी दत्ता ने बयान जारी किया है. IMA ने साफ किया कि वह चिकित्सा से जुड़ी सभी पद्धतियों का सम्मान करता है. आयुर्वेद व अन्य पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों की भूमिका को मानता है, खासकर रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के क्षेत्र में लेकिन सर्जरी एक अत्यंत जटिल प्रक्रिया है, जिसके लिए विशेष, गहन और व्यवस्थित प्रशिक्षण जरूरी होता है, जो आधुनिक चिकित्सा शिक्षा का अहम हिस्सा है. कई मौकों पर आयुर्वेद इलाज से मरीज भी ठीक हो जाते हैं. लेकिन ये चिकित्सक सर्जरी नहीं कर सकते.

सर्जरी की अनुमति, मरीजों की जान के लिए खतरा

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कहा कि सर्जरी सिर्फ एक तकनीक नहीं है. इसके लिए मानव शरीर रचना, शारीरिक क्रिया, रोग विज्ञान, एनेस्थीसिया, आपातकालीन इलाज और ऑपरेशन के बाद की देखभाल का गहरा ज्ञान जरूरी होता है, जो MBBS और इसके बाद की सर्जिकल पढ़ाई में विस्तार से सिखाया जाता है. बिना समान स्तर के प्रशिक्षण और अनुभव वाले डॉक्टरों को सर्जरी की अनुमति देना मरीजों की जान के लिए खतरा बन सकता है. IMA का मानना है कि इस तरह के फैसले देश की स्वास्थ्य सेवाओं के हित में नहीं हैं. इससे स्वास्थ्य व्यवस्था के मानक कमजोर हो सकते हैं, मरीजों में भ्रम पैदा हो सकता है और कानूनी जटिलताएं भी बढ़ सकती हैं.

Whatsapp Image 2025 12 25 At 9.42.27 Pm

फैसलों पर दोबारा हो विचार

IMA ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे फैसलों पर दोबारा विचार किया जाए. चिकित्सा की अलग-अलग पद्धतियों के बीच स्पष्ट सीमाएं बनाए रखी जाएं और आधुनिक चिकित्सा में सीटें, प्रशिक्षण और अवसर बढ़ाकर स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जाए, न कि मानकों से समझौता किया जाए. IMA ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *