सावधान: लड़कियों में तेजी बढ़ रहा गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल, बहुत खतरनाक होती हैं ये 72 घंटे वाली पिल
चिकित्सकों के अनुसार आई पिल में हार्मोन की मात्रा अधिक होती है। बार-बार इसका सेवन करने से शरीर का प्राकृतिक हार्मोन संतुलन बिगड़ सकता है।
अनचाही गर्भावस्था से बचने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली आई पिल का चलन युवतियों में तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, विशेषज्ञ इसे सेहत के लिए चिंताजनक मान रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि आई पिल केवल इमरजेंसी स्थिति में इस्तेमाल की जाने वाली गर्भनिरोधक गोली है, लेकिन जानकारी के अभाव में इसे नियमित विकल्प की तरह लिया जा रहा है, जो शरीर पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकता है।
हार्मोनल असंतुलन का बढ़ता खतरा
चिकित्सकों के अनुसार आई पिल में हार्मोन की मात्रा अधिक होती है। बार-बार इसका सेवन करने से शरीर का प्राकृतिक हार्मोन संतुलन बिगड़ सकता है। इसके कारण पीरियड्स अनियमित होना, अत्यधिक या कम रक्तस्राव, मतली, सिरदर्द, चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। कई मामलों में मानसिक तनाव और मूड स्विंग्स की शिकायत भी देखी जा रही है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
गुरु तेग बहादुर अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि आई पिल केवल आपातकालीन स्थिति के लिए होती है, इसे नियमित गर्भनिरोधक के रूप में नहीं लेना चाहिए। बार-बार लेने से हार्मोनल असंतुलन हो सकता है, जिससे पीरियड्स की गड़बड़ी, अत्यधिक रक्तस्राव और भविष्य में प्रजनन संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। असुरक्षित यौन संबंध के बाद 72 घंटे के भीतर ही इसका सेवन प्रभावी होता है।
गलतफहमी बन रही बड़ी वजह विशेषज्ञ मानते हैं कि युवाओं में यौन स्वास्थ्य को लेकर सही जानकारी की कमी है। कई लोग यह समझ लेते हैं कि आई पिल पूरी तरह सुरक्षित है और इसे कभी भी लिया जा सकता है। यह धारणा गलत है। डॉक्टरों के अनुसार, नियमित गर्भनिरोधक उपाय जैसे कंडोम या अन्य सुरक्षित विकल्पों के लिए चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
डॉक्टरों का कहना है कि यौन स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बातचीत और सही जानकारी बेहद जरूरी है। आई पिल को आखिरी विकल्प के रूप में ही अपनाना चाहिए। बार-बार समस्या होने पर खुद दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहतर है।