दिल्ली

कोलकाता में ऑफिस और प्रतीक जैन के घर ED रेड पर I-PAC का बयान !!!!

कल जो कुछ हुआ, उसके बावजूद हम…’, कोलकाता में ऑफिस और प्रतीक जैन के घर ED रेड पर I-PAC का बयान

ED Raids I-PAC: आई-पैक ने बयान जारी कर कहा कि हमने हमेशा अपने काम में ईमानदारी बनाए रखा है. हाई कोर्ट ने आई-पैक कार्यालय पर छापेमारी संबंधी याचिकाओं की सुनवाई 14 जनवरी तक टाल दी.

पश्चिम बंगाल में ईडी ने I-PAC डायरेक्टर प्रतीक जैन के ठिकानों पर गुरुवार (8 जनवरी 2025) को कोयला घोटाले से जुड़े मामले को लेकर छापेमारी की, जिसके बाद देशभर में राजनीति गरमा गई. इस दौरान कोलकाता पुलिस कमिश्नर प्रतीक के घर पहुंचे और थोड़ी देर बाद सीएम ममता बनर्जी खुद वहां पहुंच गई. इसके बाद बंगाल धीरे-धीरे राजनीति अखाड़ा बन गया. इस बीच I-PAC ने बयान जारी कर इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया.

I-PAC ने कहा, ‘ईडी के अधिकारियों ने 8 जनवरी 2026 को आई-पैक कार्यालय और हमारे निदेशक प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास पर तलाशी ली. आई-पैक जैसे प्रोफेशनल ऑर्गेनाइजेशन के लिए यह एक कठिन और दुर्भाग्यपूर्ण दिन था. यह कार्रवाई काफी चिंताजनक थी, लेकिन फिर भी हमने जांच एजेंसी को पूरी सहयोग दिया और आगे भी कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते हुए ऐसा करेंगे. हमने हमेशा अपने काम में ईमानदारी बनाए रखा है. एक दिन पहले जो कुछ भी हुआ, उसके बावजूद हम अपने काम को बिना किसी चिंता के निरंतरता और जवाबदेही के साथ करना जारी रखेंगे.’

ईडी की कार्रवाई के दौरान बंगाल की सीएम ममता बनर्जी जब वहां से निकलीं तो उनके हाथ में एक हरे रंग की फाइल थी. ईडी ने सीएम ममता पर जबरन फाइलें छीनने का आरोप लगाया. ममता बनर्जी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि आई-पैक के कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी का मकसद 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक रणनीति को चुराना था.  

सीएम ममता बनर्जी ने कहा, ‘अगर कोई मुझे जान से मारने की कोशिश करे तो क्या मुझे अपना बचाव करने का अधिकार नहीं है? अगर मेरी पार्टी ही नहीं होगी तो मैं जनता के लिए कैसे लड़ूंगी?’ उन्होंने आरोप लगाया कि कोयला घोटाले में धन का लेन-देन गद्दारों के जरिये हुआ. उनका स्पष्ट रूप से इशारा बीजेपी में शामिल पूर्व तृणमूल नेताओं की ओर था.

कलकत्ता हाई कोर्ट ने राजनीतिक परामर्श फर्म ‘आई-पैक’ के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर ईडी की ओर से की गई छापेमारी से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई शुक्रवार को अदालत कक्ष में अनियंत्रित भीड़ के कारण स्थगित कर दी. जस्टिस शुभ्रा घोष ने कोर्ट में मौजूद उन लोगों से बार-बार बाहर जाने का आग्रह किया, जो इन याचिकाओं से जुड़े नहीं थे. हालांकि, भीड़ में शामिल लोगों पर उनके आग्रह का कोई असर नहीं हुआ. इसके बाद याचिकाओं पर सुनवाई 14 जनवरी तक टाल दी गई.

 

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