‘दावोस में पिकनिक मनाने गए हैं सारे मुख्यमंत्री !
‘दावोस में पिकनिक मनाने गए हैं सारे मुख्यमंत्री…’, संजय राउत के तंज पर क्या बोलीं CM फडणवीस की पत्नी?
दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस की भागीदारी पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने ‘पिकनिक’ का तंज कसा। इस पर अमृता फडणवीस ने पलटवार करते हुए कहा कि सीएम निवेश लाने के लिए मेहनत कर रहे हैं, न कि पिकनिक मनाने। उन्होंने राउत के बयान को निराधार बताया और कहा कि सभी राज्यों के नेताओं को ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाना चाहिए।
- संजय राउत ने सीएम फडणवीस की दावोस यात्रा को ‘पिकनिक’ बताया
- अमृता फडणवीस ने संजय राउत पर उठाए सवाल
- राउत का बयान पूरी तरह निराधार: अमृता फडणवीस
नई दिल्ली। स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की सालाना बैठक का आयोजन किया गया है। कई देशों के दिग्गज नेता इस बैठक में हिस्सा लेने दावोस पहुंचे हैं। इस लिस्ट में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का नाम भी शामिल है, जिसे लेकर राज्य में सियासी घमासान छिड़ गया है।
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने सीएम फडणवीस की दावोस यात्रा पर तंज कसा, तो उनकी पत्नी अमृता फडणवीस ने संजय राउत को खूब खरी-खोटी सुनाई है।
अमृता ने दिया बयान
मुंबई में एक इवेंट के दौरान अमृता फडणवीस ने कहा, “मुझे कभी उनकी भाषा समझ नहीं आती है। मगर, मैं सिर्फ इतना कहना चाहूंगा कि जो पिकनिक मनाने जाता है, वो भारत और महाराष्ट्र में निवेश लाने के लिए सुबह 6 बजे से रात के 11 बजे तक कॉन्फ्रेंस और मीटिंग नहीं करता है। इसलिए मुझे लगता है कि उनके अन्य बयानों की तरह ये भी निराधार है।”
संजय राउत ने कसा था तंज
बता दें कि संजय राउत ने दावोस जाने वाले मुख्यमंत्रियों पर सवाल खड़े किए थे। उनका कहना था कि इस यात्रा का खर्च जनता के पैसों से पूरा किया जाएगा, जो गलत है। संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा, “भारत के अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री दावोस में पिकनिक मनाने गए हैं।”
BMC मेयर पर बोलीं अमृता
अमृता फडणवीस से जब पूछा गया कि BMC चुनाव में जीत के बाद मुंबई का अगला मेयर कौन होगा? तो उन्होंने कहा, “वो एक मराठी व्यक्ति होगा।”
15 जनवरी को सामने आए BMC चुनाव के नतीजों में महायुति ने बहुमत हासिल किया है। BMC की 227 सीटों में से बीजेपी 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। वहीं, शिवसेना की 29 सीटें मिलाकर महायुति के पास 118 सीटें हो गईं। वहीं, मेयर को चुनाव जिताने के लिए सिर्फ 114 वोटों की जरूरत है। हालांकि, महायुति ने अभी तक मेयर का नाम उजागर नहीं किया है।

