पहली बार सिर्फ ठेकेदारों पर कार्रवाई, इंजीनियरों पर नहीं..पीडब्ल्यूडी में फिर से औचक निरीक्षण शुरू !!!
लोक निर्माण विभाग में एक महीने तक इंजीनियरों के विरोध के बाद फिर से औचक निरीक्षण शुरू हो गया है। लेकिन, इस विरोध का असर यह रहा है कि पूरे साल में पहली बार किसी इंजीनियर पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई, केवल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसके पहले पूरे साल में करीब 80 इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और 7 को सस्पेंड किया। इसके बाद दिसंबर से इंजीनियरों ने विरोध शुरू कर दिया, जिसका पटाक्षेप हाल ही में हुआ। इसके बाद इस साल पहला औचक निरीक्षण मंगलवार को प्रदेश के सात जिलों में हुआ।
इनमें विदिशा, मंडला, भिंड, खरगोन, सतना, मंदसौर और दमोह जिलों में कुल 35 निर्माण कार्यों को शामिल किया गया। इनमें 21 सड़क एवं पुल कार्य, 5 पीआईयू (भवन), 4 मप्र सड़क विकास निगम, 2 मप्र भवन विकास निगम और 3 राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े कार्य शामिल थे।
तीन ठेकेदार ब्लैकलिस्ट
निरीक्षण के बाद बुधवार को मप्र सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इसमें दमोह जिले में पीडब्ल्यूडी (भवन) के अंतर्गत एक शासकीय भवन निर्माण की गुणवत्ता असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित इंजीनियरों को चेतावनी और भोपाल की एक निर्माण एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए।
मंदसौर जिले में भवन विकास निगम के कार्यालय भवन निर्माण और सड़क कार्य में गंभीर खामियां सामने आने पर दो अलग-अलग ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया गया।

