मध्य प्रदेश

रेत माफिया खोद रहे मौत के गड्ढे !!!

रेत माफिया खोद रहे मौत के गड्ढे! भिंड में एक बुजुर्ग की नदी में डूबने से मौत

भिंड जिले में अवैध रेत उत्खनन के कारण एक बुजुर्ग की मौत हो गई. ग्रामीणों का आरोप है कि रात में पनडुब्बियों से अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है, जिससे नदी में गहरे गड्ढे बन गए हैं. प्रशासन से अवैध उत्खनन पर कार्रवाई की मांग की जा रही है.

रेत माफिया खोद रहे मौत के गड्ढे! भिंड में एक बुजुर्ग की नदी में डूबने से मौत

भिंड जिले में अवैध रेत उत्खनन एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है. बिरौना गांव में सिंध नदी में पनडुब्बियों के जरिए किए जा रहे अवैध रेत उत्खनन से बने गहरे गड्ढों में डूबने से 55 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई. यह हादसा उस समय हुआ, जब बुजुर्ग पैदल कच्चे रास्ते से सिंध नदी पार कर मानगढ़ गांव जा रहा था.

मृतक की पहचान जनक सिंह (55) के रूप में हुई है, जो मानगढ़ गांव में तेरहवीं का निमंत्रण खाने जा रहा था. रौंन थाना क्षेत्र के बिरौना गांव के पास स्थित सिंध नदी पार करते समय अचानक वह गहराई में चला गया और पानी में डूबने लगा. घटना को देखकर आसपास मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया और तत्काल रेस्क्यू कर उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक जनक सिंह दम तोड़ चुका था.

घटना की सूचना मिलते ही रौंन थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.

अवैध रेत उत्खनन जिम्मेदार

ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर सिंध नदी में हो रहे अवैध रेत उत्खनन को जिम्मेदार ठहराया है. ग्रामीणों का आरोप है कि रात होते ही चोरी छुपके नदी में पनडुब्बियां डालकर अवैध रूप से रेत निकाली जाती है और सुबह होते ही उन्हें हटा लिया जाता है. पनडुब्बियों से रेत निकालने के कारण नदी में जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं, जो पैदल गुजरने वाले लोगों और पशुओं के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं.

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी इसी तरह के हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन और पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. आरोप है कि पुलिस अवैध पनडुब्बियों से हो रहे रेत उत्खनन पर चुप्पी साधे हुए है.

घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है. ग्रामीणों ने प्रशासन से सिंध नदी में हो रहे अवैध रेत उत्खनन पर तत्काल सख्त कार्रवाई करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे और बेगुनाह लोगों की जान जाती रहेगी

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