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क्या ताजी जितना फायदा पहुंचाती है फ्रोजन मटर?

क्या ताजी जितना फायदा पहुंचाती है फ्रोजन मटर? एक्सपर्ट ने बताई जरूरी बातें

फ्रोजन मटर का इस्तेमाल आज कल खूब होता है. लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि, इसमें केमिकल और प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं, जिसकी वजह से ये सेहत के लिए अच्छी नहीं है. लेकिन आज इस आर्टिकल में हम एक्सपर्ट से जानेंगे कि फ्रोजन मटर क्या ताजी मटर जितनी फायदेमंद होती है.

क्या ताजी जितना फायदा पहुंचाती है फ्रोजन मटर? एक्सपर्ट ने बताई जरूरी बातें

फ्रोजन मटर खाना सेफ या नहीं?

फ्रोजन चीजों का चलन अब तेजी से बढ़ रहा है. पूरे साल साग-सब्जियां का मजा लेने के लिए अब इन्हें फ्रोजन किया जा रहा है. इसी में सबसे पॉपुलर ऑप्शन है मटर…जिसे ज्यादातर लोग फ्रोजन करके ही इस्तेमाल करते हैं. दुकानों में भी फ्रोजन मटर खूब मिलती है. वहीं, कुछ लोग तो घर में मटर को छीलकर फ्रिज कर लेते हैं और पूरे साल इसका मजा लेते हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में एक सवाल जरूर उठता है कि, क्या फ्रोजन मटर ताजी मटर जितनी फायदेमंद होती है? या फ्रिज करने पर इसके पोषक तत्व कम हो जाते हैं.

मटर प्रोटीन, फाइबर, विटामिन C, विटामिन K, फोलेट और कई जरूरी मिनरल्स का अच्छा स्रोत मानी जाती है. ऐसे में ये समझना जरूरी है कि, क्या फ्रोजन मटर हमे ये सभी पोषक तत्व दे पाती है या नहीं? आइए इस आर्टिकल में एक्सपर्ट से जानते हैं ताजी मटर और फ्रोजन मटर में कौन फायदेमंद है?

कैसे तैयार की जाती हैं फ्रोजन मटर?

डायटीशियन भावेश गुप्ता ने फ्रोजन मटर को लेकर एक वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है. इस वीडियो में बताते हैं कि, जब मटर पूरी तरह से पक जाती है तो उसके दाने निकाल कर इन्हें 18 डिग्री पर फ्रीज कर दिया जाता है. फ्रीज करने पर मटर का बैक्टीरियल और एंजाइमेटिक ब्रेकडाउन रुक जाता है. इसी वजह सो वो जल्दी खराब नहीं होती है और लंबे समय तक आप इसे रखकर इस्तेमाल कर सकते हैं.

ताजी मटर जितनी फायदेमंद है फ्रोजन मटर?

डायटीशियन भावेश गुप्ता बताते हैं कि, मार्केट में मिलने वाले मटर को पकने से पहले ही हार्वेस किया जाता है. ताकि मार्केट पहुंचने तक वो खराब न हो. भावेश के मुताबिक, न्यूट्रिशन के मामले में दोनों एक समान ही होते हैं. जर्नल ऑफ फूड कंपोजिशन एंड अनालेसिस की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि, फ्रोजन और फ्रेश सब्जियों और फलों को पोषक तत्व में कोई भी अंतर नहीं आता है. इतना ही नहीं, कई स्टडी और रिसर्च बताती हैं कि फ्रोजन और फ्रेश फ्रूट या सब्जी में पोषक तत्व एक समान ही होते हैं.

फ्रोजन मटर में केमिकल का यूज

हालांकि, कई लोगों को मानना है कि, फ्रोजन मटर को लंबे समय तक चलाने के लिए इसमें प्रिजर्वेटिव्स और एडिटिव्स या केमिकल का इस्तेमान किया जाता है. लेकिन ये बात भी बिल्कुल सच नहीं है. क्योंकि फ्रोजन मटर के पैकेट्स में साफ लिखा होता है कि, इसमें किसी भी तरह का प्रिजर्वेटिव्स का यूज नहीं किया जाता है. साइंटिफिक तौर पर भी देखें तो, 18 डिग्री सेल्सियस में वैसे भी कोई केमिकल रिएक्शन नहीं होता है. ऐसे में कंपनी को मटर में केमिकल डालने की जरूरत ही नहीं पड़ती है.

स्वाद में हो सकता है अंतर

ये बात तो साफ हो गई है, ताजी और फ्रोजन मटर के पोषक तत्वों में कोई अंतर नहीं होता है. लेकिन हां, इसके स्वाद में अंतर हो सकता है. ऐसे में अगर आप भी फ्रोजन मटर ज्यादा खाते हैं तो बिना डरे इसका सेवन कर सकते हैं. ये बिल्कुल सेफ टू ईट है.

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