अजित पवार विमान हादसे में गई जान….कौन थीं शांभवी पाठक?

महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार सुबह हुए विमान हादसे में उप मुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हुई। विमान ने सुबह 8:10 बजे सकाली से उड़ान भरी थी और यह बारामती हवाई अड्डे पर उतरते समय 8:50 पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों में डिप्टी सीएम पवार के अलावा कैप्टन सुमित और शांभवी पाठक भी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश से ताल्लुख रखने वाली पिंकी माली की भी इस दुर्घटना में मौत हो गई। जान गंवाने वाले लोगों के बारे में विस्तार से जानिए।
बारामती विमान हादसे में किन लोगों ने गंवाई जान?
- अजित पवार (उप मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र)
- विदीप जाधव (पीएसओ)
- कैप्टन सुमित कपूर (पायलट)
- कैप्टन शांभवी पाठक (सह-पायलट)
- पिंकी माली (फ्लाइट अटेंडेंट)
बता दें कि अजित पवार के प्राइवेट चार्टर विमान Learjet 45 के हादसे में देश ने सिर्फ एक वरिष्ठ नेता ही नहीं खोया, बल्कि भारतीय कॉर्पोरेट एविएशन ने अपने दो प्रशिक्षित पायलट भी खो दिए। कॉकपिट में मौजूद थीं सिर्फ 25 साल की को-पायलट शांभवी पाठक, जिनका सपना आसमान में और ऊंचा उड़ने का था, लेकिन किस्मत ने उनकी उड़ान बहुत जल्द रोक दी।

शांभवी पाठक कौन थीं?
शांभवी पाठक उन युवा महिला पायलटों में शामिल थीं जो कॉर्पोरेट और चार्टर एविएशन में अपनी पहचान बना रही थीं। उन्होंने ग्वालियर के एयरफोर्स स्कूल से पढ़ाई की और वहीं से उड़ान भरने का सपना देखा। इसके बाद उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिक्स और एविएशन की पढ़ाई की। अपने सपनों को पंख देने के लिए शांभवी ने न्यूजीलैंड जाकर कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग ली। उनके पास कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) के साथ फ्लाइट इंस्ट्रक्टर रेटिंग (A) भी थी, जो उनकी तकनीकी क्षमता को दर्शाती है।
करियर की शुरुआत और आगे का सफर
कैप्टन (फर्स्ट ऑफिसर) शांभवी एक आर्मी ऑफिसर की बेटी थीं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब से की। मेहनत और लगन के दम पर वह आगे बढ़ीं और बाद में VSR एविएशन से जुड़ गईं। यहां वह Learjet जैसे अत्याधुनिक बिजनेस जेट उड़ाने लगीं। अगस्त 2022 से वह कॉर्पोरेट चार्टर ऑपरेशंस का हिस्सा थीं। एविएशन इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के मुताबिक शांभवी तकनीकी रूप से बेहद सशक्त थीं और उन्हें लंबी उड़ानों के लिए तैयार किया जा रहा था। उनका करियर अभी शुरुआती दौर में था, लेकिन संभावनाओं से भरा हुआ।
अब जानिए कैप्टन सुमित कपूर के बारे में

अब जानिए कैप्टन सुमित कपूर के बारे में
बता दें कि कैप्टन सुमित कपूर इस फ्लाइट के सीनियर और बेहद अनुभवी पायलट थे। टेक-ऑफ और लैंडिंग जैसे अहम समय पर वे पूरे फ्लाइट क्रू की जिम्मेदारी संभालते थे। उनके पास 16,000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव था। वे पहले सहारा, जेटलाइन और जेट एयरवेज जैसी बड़ी एयरलाइनों के साथ काम कर चुके थे।
VSR एविएशन के वरिष्ठ अधिकारी वीके सिंह ने बताया कि विमान पूरी तरह फिट था और उसमें कोई तकनीकी खराबी नहीं थी। उन्होंने कहा कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे की वजह खराब विजिबिलिटी हो सकती है। पायलट ने रनवे पर उतरने की कोशिश की, लेकिन रनवे साफ न दिखने के कारण मिस अप्रोच करनी पड़ी और दूसरी बार प्रयास के दौरान हादसा हो गया।
‘वे मेरे परिवार जैसे थे’
वीके सिंह ने भावुक होते हुए कहा, “कैप्टन सुमित कपूर मेरे बहुत करीबी दोस्त थे। कैप्टन शंभवी मेरे बच्चे जैसी थीं। दोनों बहुत अच्छे इंसान और बेहतरीन पायलट थे। यह हमारे लिए अपूरणीय क्षति है। इस फ्लाइट में डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजीत पवार, उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर और एक अतिरिक्त क्रू मेंबर भी सवार थे। हादसे में सभी की मौत हो गई

विदीप जाधव अजित पवार के सुरक्षा गार्ड थे। बारामती जाते समय अजित पवार के साथ वे भी मौजूद थे। उनका भी इस हादसे में निधन हो गया।

फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली मूल रूप से जौनपुर जिले के केराकत तहसील की रहने वाली थीं। पिंकी माली पिछले पांच-छह वर्षों से फ्लाइट अटेंडेंट के तौर पर काम कर रही थीं।
अजित पवार महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले उपमुख्यमंत्री थे, जिन्होंने लगातार छह बार यह पद संभाला। 1982 में अजित पवार ने एक सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड में चुने जाने के बाद अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। 1991 में वे पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष चुने गए।
पवार का राजनीतिक करियर
वह पहली बार 1991 में बारामती संसदीय क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुने गए और बाद में उन्होंने अपने चाचा शरद पवार के लिए यह सीट खाली कर दी। वे बारामती विधानसभा क्षेत्र से सात बार महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने गए। उन्होंने पहली बार 1991 के उपचुनाव में जीत हासिल की और उसके बाद 1995, 1999, 2004, 2009 और 2014 में भी जीत दर्ज की। नवंबर 2019 में उन्होंने एनसीपी के एक धड़े के साथ भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हुए और उपमुख्यमंत्री बने।

