पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या में आरोपी ने जीता महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव !!!
पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या में आरोपी ने जीता महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव, BJP कैंडिडेट को कितने वोटों से हराया?
वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के आरोपी श्रीकांत पंगारकर ने महाराष्ट्र के जालना नगर निगम चुनाव में बतौर निर्दलीय उम्मीदवार जीत हासिल की. 2024 में श्रीकांत को कोर्ट से जमानत मिली थी.
वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की 2017 में हुई हत्या के आरोपी श्रीकांत पंगारकर ने महाराष्ट्र के जालना नगर निगम चुनाव में बतौर निर्दलीय उम्मीदवार जीत हासिल की और अपने समर्थकों के साथ जीत का जश्न मनाया. जालना महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र का एक शहर है.
श्रीकांत ने वार्ड 13 से चुनाव लड़ा, जहां उनके प्रतिद्वंद्वियों में बीजेपी और अन्य दलों के उम्मीदवार शामिल थे. उन्होंने 2,621 वोटों के अंतर से जीत हासिल की. एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने इस वार्ड से कोई उम्मीदवार नहीं उतारा.
कब हुई गौरी लंकेश की हत्या?
नवंबर 2024 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले श्रीकांत कुछ समय के लिए शिवसेना में शामिल हुए थे. हालांकि कड़ी आलोचना के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पार्टी में उनकी सदस्यता रोक दी थी. बता दें कि गौरी की हत्या 5 सितंबर, 2017 को अमोल काले के नेतृत्व में 18 हिंदुत्व समर्थकों के एक ग्रुप ने की थी.
कौन-कौन थे आरोपी?
बेंगलुरु के राजराजेश्वरी नगर स्थित घर के बाहर उन्हें (गौरी लंकेशन) को गोली मार दी गई थी. श्रीकांत पर 2021 में अमोल (मुख्य आरोपी), अमित देगवेकर, सुजीत कुमार, गणेश मिस्किन, अमिथ बड्ड, भरत कुराने, सुरेश एचएल, राजेश बंगेरा, सुधन्वा गोंडालेकर, शरद कालस्कर, मोहन नायक, वासुदेव सूर्यवंशी, मनोहर एडवे, नवीन कुमार और रुशिकेश देओडिकर के साथ आरोप लगाए गए थे. अविभाजित शिवसेना के पूर्व जालना नगर परिषद सदस्य (2001-06) श्रीकांत को 2011 में पार्टी का टिकट नहीं मिला, जिसके बाद वो दक्षिणपंथी हिंदू जनजागृति समिति में शामिल हो गए.
श्रीकांत को कब मिली जमानत?
अगस्त 2018 में, महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने राज्य भर में कई स्थानों से देसी बम और हथियार जब्त किए जाने के बाद श्रीकांत को गिरफ्तार किया था. उन पर विस्फोटक अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था. गौरी लंकेश हत्याकांड में कर्नाटक हाई कोर्ट ने उन्हें 4 सितंबर, 2024 को जमानत दे दी.

