अबतक 200 बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है …अजित पवार ने क्यों चुना ये विमान?
अबतक 200 बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है ‘लियरजेट’ प्लेन, फिर भी अजित पवार ने क्यों चुना ये विमान?
Ajit Pawar Learjet Plane Crash: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का बारामती में प्लेन क्रैश में निधन हो गया, जिससे देश में शोक की लहर है। महाराष्ट्र में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित कई नेताओं ने संवेदना व्यक्त की। पवार जिस ‘लियरजेट’ विमान में थे, वह अपनी गति और सुविधाओं के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके 200 से अधिक दुर्घटनाग्रस्त होने का इतिहास भी है।
- महाराष्ट्र में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा
- 200 से अधिक बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है ‘लियरजेट’ विमान
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार अब हमारे बीच नहीं रहे। आज सुबह बारामती में उनका प्लेन क्रैश हो गया, जिसमें अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई। अजित पवार के निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।
3 दिन का राजकीय शोक
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर 3 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। सीएम फडणवीस का कहना है कि अजित पवार को खोना बहुत बड़ा नुकसान है, जिसकी कभी भरपाई नहीं की जा सकती है। सीएम ने आज अपनी सभी बैठकें रद कर दी हैं।
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अजित पवार को दी श्रद्धांजलि
सीएम फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे जल्द ही बारामती के लिए रवाना हो सकते हैं। दिल्ली में संसद के बजट सत्र के दौरान भी कई नेताओं ने अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजित पवार की अकस्मात मृत्यु पर संवेदना व्यक्त की है।

‘लियरजेट’ प्लेन
बता दें कि अजित पवार अपने प्राइवेट चार्टर प्लेन ‘लियरजेट’ से बारामती पहुंचे थे। कई बड़े बिजनेसमैन और नेता हवाई यात्रा के लिए ‘लियरजेट’ के ही प्लेन का इस्तेमाल करते हैं। आइए जानते हैं इस प्लेन आखिर क्यों खास है?
- 860 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरने वाला ये विमान महज 18-20 मिनट में 41 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंचने में सक्षम है।
- इस प्लेन में 6 लोग आसानी से बैठ सकते हैं।
- ये प्लेन बारामती जैसे छोटे रनवे पर भी आसानी से लैंडिंग और टेक ऑफ कर सकता है। यही वजह है कि ज्यादातक लोगों के लिए ‘लियरजेट’ उनकी पहली पसंद है।
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- ‘लियरजेट’ प्लेन में 2 प्रैट एंड व्हिटनी टर्बोफैन इंजर लगे हैं, जिससे ईंधन की भी काफी बचत होती है। ये विमान एक बार में 4000 किलोमीटर तक की यात्रा करने में सक्षम है।
- ‘लियरजेट’ वाई-फाई, सैटेलाइट फोन, डिजिटल फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम और एडवांस नेविगेशन की सुविधाओं से लेस है।
- 1960 में पॉवेल लीयर ने ‘लियरजेट’ की नींव रखी थी। बाद में बॉम्बार्डियर एयरोस्पेस ने इसका अधिग्रहण कर लिया। 2021 में कंपनी ने ‘लियरजेट’ प्लेन बनाना बंद कर दिया था। मगर, पुराने प्लेन का रखरखाव जारी है।
- ‘लियरजेट’ के विमान कई बार क्रैश हो चुके हैं। अब तक दुनिया में 200 ‘लियरजेट’ प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं।

