दिल्ली: 800 से ज्यादा लोग गायब, महिलाओं-लड़कियों की संख्या अधिक !!!
दिल्ली: साल 2026 के पहले 15 दिनों में 800 से ज्यादा लोग गायब, महिलाओं-लड़कियों की संख्या अधिक
Delhi Crime News: दिल्ली में लगभग हर रोज 50 से ज्यादा लोग बिना किसी सूचना के गायब हो रहे हैं. इन लापता लोगों में सबसे ज्यादा महिलाएं और लड़कियां गायब हुई हैं.
देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में साल 2026 की शुरुआत बेहद चिंताजनक रही है. दिल्ली पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक़ 1 से 15 जनवरी 2026 के बीच 800 से ज्यादा लोग लापता हुए हैं. यानी लगभग हर रोज़ 50 से ज्यादा लोग बिना किसी सूचना के गायब हो रहे हैं. इन लापता लोगों में सबसे ज्यादा महिलाएं और लड़कियां गायब हुई हैं. कुल मामलों में से लगभग 63% इसी श्रेणी के लोग हैं, बाकी पुरुष और लड़के हैं. यह आंकड़ा दिखाता है कि राजधानी में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा बन चुकी है.
2015 से 2025 तक दिल्ली में लाखों लोग हुए लापता
दिल्ली में लापता मामलों का यह सिलसिला नया नहीं है. बीते वर्षों के ज़िपनेट (Zonal Integrated Police Network) जैसे पुलिस डेटाबेस के आंकड़े बताते हैं कि 2015 से 2025 तक लाखों लोग लापता दर्ज हुए हैं और उनमें से सैकड़ों का आज भी पता नहीं चला है.


किडनैपिंग या अन्य आपराधिक गतिविधियों का भी खतरा!
दिल्ली पुलिस में दर्ज रिपोर्टों में यह बात सामने आई है कि नाबालिगों में किशोरियों (12-18 वर्ष) का अनुपात बहुत अधिक होता जा रहा है, जिससे यह समस्या और गंभीर हो गई है कि ये केवल रोजमर्रा के खो जाने के मामले ही नहीं हैं. कुछ मामलों में अपहरण या अन्य अपराधी गतिविधियों का भी खतरा हो सकता है.
दिल्ली में सुरक्षा की चुनौतियां गंभीर!
देश की राजधानी में रोज़ाना 50 से ऊपर लोग लापता होना सिर्फ आकड़ों का खेल नहीं है बल्कि यह हमारी सुरक्षा, सोशल अवेरनेस और पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया पर बड़े सवाल खड़े करता है. यह आंकडे स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि दिल्ली में सुरक्षा की चुनौतियां गम्भीर रूप ले चुकी हैं.
572 लोग अब भी अनट्रेस्ड- दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस आंकड़ों के अनुसार कुल 2026 के शुरुआती 15 दिनों में 807 लोग लापता दर्ज किए गए, जिनमें से 235 लोगों को ट्रेस कर लिया गया, जबकि 572 अब भी अनट्रेस्ड हैं. वयस्कों के मामलों में 616 लोग लापता हुए, जिनमें 181 का पता चला (90 पुरुष और 91 महिलाएं), जबकि 435 वयस्क अभी भी लापता हैं. वहीं नाबालिगों के 191 मामले सामने आए, जिनमें से 48 बच्चों को ट्रेस किया गया (29 लड़कियाँ और 19 लड़के), जबकि 143 नाबालिग अब तक नहीं मिले.

