मध्य प्रदेश

MP के लापरवाह 5 IAS  और 11 SPS अफसरों की बढ़ेगी मुसीबत …जांच में 19 मिले दोषी !!

MP के लापरवाह 5 IAS  और 11 SPS अफसरों की बढ़ेगी मुसीबत, जांच में 19 मिले दोषी, एक की हो चुकी है मौत 

MP News:ग्वालियर करोड़ों की सरकारी भूमि निजी हाथों में जाने के मामले में 19 अफसर दोषी पाए गए हैं. इनमें से एक की मौत हो गई है, जबकि 5 रिटायर्ड है. लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई की तैयारी सामान्य प्रशासन विभाग कर रहा है. 

MP के लापरवाह 5 IAS  और 11 SPS अफसरों की बढ़ेगी मुसीबत, जांच में 19 मिले दोषी, एक की हो चुकी है मौत 

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर की दीनारपुर स्थित बेशकीमती सरकारी जमीन को लापरवाही पूर्वक  निजी हाथों में आसानी से  देने के मामले में संदेही  अफसरों की मुसीबतें बढ़ गई है. हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में सुनवाई के दौरान मध्यप्रदेश सरकार ने जवाब दिया  है कि इस मामले में दोषी IAS- SAS अफसरों के खिलाफ सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) कड़ी कार्रवाई करने जा रहा है.

दोषियों में से एक अफसर की मौत हो चुकी है, जबकि 5 रिटायर्ड हैं. हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश  सरकार के इस जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए अगली सुनवाई 9 मार्च को तय की है. जिसमें की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करनी होगी.

दरअसल ये मामला ग्वालियर के ग्राम दिनारपुर की लगभग 9 बीघा कीमती जमीन से जुड़ा हुआ है. इस जमीन की  30 अगस्त  2003 को निजी व्यक्तियों के पक्ष में न्यायालय ने डिक्री की थी. निचली अदालत के  इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए सन  2008 में  शासन की ऒर से इसमें फर्स्ट अपील पेश की गई, जो 30 अप्रैल  2012 को कोर्ट से निरस्त हो गई थी.  इस याचिका को फिर से सुनवाई पर लेने और साल 2012 के आदेश को निरस्त करने की मांग करते हुए  2019 में फिर से  याचिका दायर की गई है. 

इसकी सुनवाई के दौरान   हाईकोर्ट ने इस बात को लेकर नाराजगी जताई कि वर्ष 2012 से लेकर वर्ष  2019 तक इस मामले में  जिम्मेदार अधिकारी हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहे. हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान शासन  ने अपना पक्ष रखते हुए  बताया कि राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ने इस मामले से संबंधित सभी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने हेतु एक पत्र सामान्य प्रशासन विभाग को लिखा है.. 

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव ने भी आश्वस्त किया है कि जिन दोषी प्रभारियों ने मामले को लंबित रखा था. उनके विरुद्ध  जल्द कार्रवाई की जाएगी और ये भी जांच की जाएगी कि जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी उनके कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही का परिणाम थी या वे निजी व्यक्तियों के साथ मिलीभगत में थे.. पहले दोषी अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा, आवश्यक हुआ तो विभागीय जांच भी की जाएगी.  

ये जिम्मेदार अफसर हैं.. जिनके कार्यकाल में बेशकीमती सरकारी जमीन निजी हाथों में पहुंची…

उमा करारे, अनुज कुमार रोहतगी,आरसी मिश्र , रविनंदन तिवारी, कृपाराम शर्मा रिटायर्ड हो चुके हैं. जबकि राघवेंद्र कुमार पाण्डेय का निधन हो चुका है.  

ये अफ़सर अभी भी सेवा में

IAS अनुराग सक्सेना, IAS शुचिष्मिता सक्सेना, IAS तरुण भटनागर, IAS विदिशा मुखर्जी,IAS विवेक श्रोत्रिय, रिंकेश कुमार वैश्य, गणेश जायसवाल,महिप तेजस्वी, अश्विनी कुमार रावत, प्रदीप तोमर,सीबी प्रसाद ,अशोक सिंह चौहान ,प्रशांत त्रिपाठी (राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी) अभी सेवा में हैं. 

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