मध्य प्रदेश

सांसद बोले-प्रमोशन पाने एससी से एसटी बन गए IAS वर्मा !

सांसद बोले-प्रमोशन पाने एससी से एसटी बन गए IAS वर्मा:चयन को कोर्ट ने गलत ठहराया था; करणी सेना के अध्यक्ष ने लिखा-गाड़ी चढ़ा दो
रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को पत्र लिखा है।

अजाक्स के प्रांताध्यक्ष और मध्य प्रदेश के कृषि विभाग में डिप्टी सेक्रेटरी IAS संतोष वर्मा का मामला जल्द शांत होता नहीं दिख रहा है। अब रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने वर्मा के प्रमोशन पर सवाल उठाए हैं। सांसद ने केंद्रीय कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर जांच कराने की मांग भी की है।

उधर, क्षत्रिय करणी सेना के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष ओकेंद्र राणा ने IAS वर्मा के खिलाफ फेसबुक पर विवादित पोस्ट की है। राणा ने लिखा- यह जहां भी मिले, इस पर गाड़ी के चारों टायर चढ़ा दो। कुचलकर आमलेट बना दो इसकी।

करणी सेना के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष ओकेंद्र राणा ने फेसबुक पर यह पोस्ट शेयर की है।
करणी सेना के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष ओकेंद्र राणा ने फेसबुक पर यह पोस्ट शेयर की है।

सांसद ने चयन की जांच कराने की मांग की

28 नवंबर 2025 को लिखे पत्र में सांसद मिश्रा ने तीन बड़ी मांगें की हैं-

  1. विवादित टिप्पणी के लिए IAS संतोष वर्मा के खिलाफ भारतीय प्रशासनिक सेवा (आचरण) नियम, 1968 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
  2. अनुसूचित जाति के स्थान पर अनुसूचित जनजाति के माध्यम से हुए चयन की जांच कराई जाए।
  3. अदालत द्वारा पूर्व में दोषी ठहराए जाने और चयन प्रक्रिया में आई खामियों को ध्यान में रखते हुए वर्मा की पदोन्नति की समीक्षा कराई जाए।

कहा- पद और वेतन लाभ से वंचित किया जाए

सांसद ने चौंकाने वाला दावा किया है कि संतोष वर्मा का चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा में जिन प्रक्रियाओं से हुआ, वे नियमों के विपरीत थीं। वर्मा को अनुसूचित जाति की जगह अनुसूचित जनजाति वर्ग में चयनित किया गया। उनके चयन और प्रमाणीकरण को वर्ष 2021 में अदालत ने भी गलत ठहराया था। न्यायालय के आदेशानुसार वर्मा को पद और वेतन लाभ से वंचित किया जाना चाहिए था।

मिश्रा ने पत्र में यह भी लिखा है कि वर्मा का नाम पूर्व में अदालत की अवमानना, अमर्यादित भाषा और सरकारी कार्य में बाधा जैसे मामलों में भी आया था। जिनके चलते उन्हें कारावास की सजा तक भुगतनी पड़ी थी।

सांसद जनार्दन मिश्रा ने IAS संतोष वर्मा के प्रमोशन की जांच कराने की मांग की है।
सांसद जनार्दन मिश्रा ने IAS संतोष वर्मा के प्रमोशन की जांच कराने की मांग की है।

समानता के सिद्धांत का उल्लंघन बताया

सांसद मिश्रा ने पत्र में यह भी लिखा है कि IAS संतोष वर्मा का बयान न सिर्फ वर्ग विशेष के प्रति अपमानजनक है, बल्कि संविधान प्रदत्त समानता के सिद्धांत का उल्लंघन भी करता है। वर्मा ऐसे समय में विवादित और विभाजनकारी बयान दे रहे हैं, जब केंद्र सरकार जातीय कल्याण, सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों पर आधारित योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। इस तरह की टिप्पणी सरकार के सकारात्मक अभियानों को बदनाम करती है।

सांसद ने इसे “संवेदनशीलता और प्रशासनिक नैतिकता के खिलाफ” बताया।

डिप्टी सीएम शुक्ल बोले- टिप्पणी स्वीकार नहीं

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने एक्स पर लिखा- एक आईएएस अधिकारी द्वारा बहन एवं बेटियों को लेकर की गई टिप्पणी अत्यंत आपत्तिजनक, असंवेदनशील और समाज में अनावश्यक विभाजन पैदा करने वाली है।

किसी भी समाज के बहन और बेटियों के विरुद्ध ऐसी टिप्पणी विकृत मानसिकता का परिलक्षण है। एक उच्च पद पर बैठे अधिकारी के ऐसे विचार न केवल सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंचाते हैं बल्कि प्रशासनिक गरिमा पर भी प्रश्न उठाते हैं।

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सोशल मीडिया पर यह पोस्ट की।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सोशल मीडिया पर यह पोस्ट की।

सरकार ने 7 दिन में मांगा है जवाब

मध्य प्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार देर रात IAS संतोष वर्मा को नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब मांगा है। नोटिस में कहा गया है कि 23 नवंबर 2025 को भोपाल में हुए अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन में दिया गया बयान भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों से अपेक्षित आचरण के अनुरूप नहीं है। यह अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है।

नोटिस में कहा गया है कि वर्मा द्वारा अखिल भारतीय सेवाएं आचरण नियम 1967 के नियमों का उल्लंघन किया गया है। इसके आधार पर वर्मा ने खुद को अखिल भारतीय सेवाएं अनुशासन तथा अपील नियम 1969 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही का भागीदार बना लिया है।

वर्मा बताएं कि ऐसे कृत्य पर उनके विरुद्ध अखिल भारतीय सेवाएं अनुशासन तथा अपील नियम 1969 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए?

सरकार ने वर्मा से 7 दिन में जवाब मांगा है। जवाब न मिलने पर एकपक्षीय कार्यवाही करने की चेतावनी भी दी गई है।

सामान्य प्रशासन विभाग ने आईएएस अधिकारी संतोष कुमार वर्मा को यह नोटिस जारी किया है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने आईएएस अधिकारी संतोष कुमार वर्मा को यह नोटिस जारी किया है।

अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन में दिया था विवादित बयान

दरअसल, 23 नवंबर को भोपाल के अंबेडकर मैदान में अजाक्स का प्रांतीय अधिवेशन हुआ था। इसमें सीनियर IAS अधिकारी संतोष वर्मा को प्रांताध्यक्ष चुना गया था। इसी अधिवेशन में वर्मा ने कहा था, “एक परिवार में एक व्यक्ति को आरक्षण तब तक देना चाहिए, जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता।”

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