मध्य प्रदेश

एक क्लिक पर मिलेगी भवन निर्माण की पूरी कुंडली, इंजीनियरों की जिम्मेदारी होगी तय !

एक क्लिक पर मिलेगी भवन निर्माण की पूरी कुंडली, इंजीनियरों की जिम्मेदारी होगी तय

MP News: मध्य प्रदेश में अधोसंरचना विकास के काम चारों तरफ चल रहे हैं। कहीं स्कूल-कालेज तो कहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, छात्रावास, पंचायत या अन्य शासकीय कार्यालय बन रहे हैं। इनका निर्माण कब स्वीकृत हुआ, कब काम प्रारंभ हुआ, कब पूरा होने है और वर्तमान प्रगति क्या है, यह सब जानकारी अब एक क्लिक पर मिलेगी।एक क्लिक पर मिलेगी भवन निर्माण की पूरी कुंडली, इंजीनियरों की जिम्मेदारी होगी तयएक क्लिक पर मिलेगी भवन निर्माण की पूरी कुंडली (फाइल फोटो)

  1. एक क्लिक पर मिलेगी भवन निर्माण की पूरी कुंडली, इंजीनियरों की जिम्मेदारी होगी तय
  2. सीएम मोहन यादव ने भवन विकास निगम के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम 2.0 पोर्टल का किया लोकार्पण
  3. सड़क एवं भवन विकास कार्यों के लिए शासन के साथ चार समझौता पत्र पर हुए हस्ताक्षर

भोपाल। प्रदेश में अधोसंरचना विकास के काम चारों तरफ चल रहे हैं। कहीं स्कूल-कालेज तो कहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, छात्रावास, पंचायत या अन्य शासकीय कार्यालय बन रहे हैं। इनका निर्माण कब स्वीकृत हुआ, कब काम प्रारंभ हुआ, कब पूरा होने है और वर्तमान प्रगति क्या है, यह सब जानकारी अब एक क्लिक पर मिलेगी।

इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भवन विकास निगम के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम 2.0 पोर्टल का लोकार्पण किया। इस व्यवस्था का लाभ यह होगा कि इंजीनियरों की जिम्मेदारी तय होगी। प्रदेश में पूंजीगत व्यय में वृद्धि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इसके कारण अधोसंरचना विकास के काम तेजी से चल रहे हैं। ये गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरे हों, यह सुनिश्चित कराने औचक निरीक्षण की व्यवस्था लागू की गई है। अब पोर्टल के माध्यम से निगरानी की भी जाएगी। गुरुवार को रवींद्र भवन में आयोजित इंजीनियरों की क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में हमारे इंजीनियर साक्षात भगवान विश्वकर्मा के अवतार हैं। इंजीनियरों ने सांदीपनि विद्यालय सहित बड़े-बड़े अधोसंरचनात्मक विकास के निर्माण कार्य किए हैं। निर्माण सिर्फ ईंट–पत्थर का संयोजन नहीं, एक अभिनव कला है। इसमें उत्कृष्ट दृष्टिकोण के साथ दीर्घकालिक कार्य योजना को अपनाया जाना चाहिए।

वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप अब हर निर्माण कार्य में कन्सेप्चुअल और क्वालिटेटिव एप्रोच अनिवार्य रूप से दिखाई देना चाहिए। उन्होंने इंजीनियरों को काम के दौरान आने वाले चुनौतियों को उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशिक्षण इसमें मददगार साबित होगा। इस दौरान मध्य प्रदेश सड़क विकास और भवन विकास निगम द्वारा सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट नई दिल्ली, इंडियन एकेडमी आफ हाइवे इंजीनियर्स नई दिल्ली, इंजीनियरिंग स्टाफ कालेज आफ इंडिया हैदराबाद, इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी मुंबई और योजना तथा वास्तुकला विद्यालय भोपाल के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।

तकनीक, पारदर्शिता और गुणवत्ता से बदलेगा निर्माण तंत्र लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अधोसंरचना विकास को केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उसे सुशासन, पारदर्शिता, तकनीक और नागरिक सुविधा से जोड़ा है। अब विकास समन्वित सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। निर्माण केवल संरचना नहीं, बल्कि भविष्य की नींव है। समयबद्धता, गुणवत्ता, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संवेदनशीलता अब विभाग की कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग बनती जा रही है। यह प्रशिक्षण विभाग की उस निरंतर सुधार यात्रा का प्रतीक है जिसमें नई सोच, नई प्रणाली और उच्च गुणवत्ता के साथ लोक निर्माण विभाग आगे बढ़ रहा है। जब सोच बदलती है तभी व्यवस्था बदलती है।

293 इंजीनियर के पदों पर होगी भर्ती

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के लिए 293 इंजीनियर के पद भरने की स्वीकृति दी है। इस पर काम प्रारंभ हो गया है। सड़कों, पुलों और भवनों का वास्तविक आधार प्रशिक्षित एवं सक्षम मानव संसाधन होता है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक त्रैमास के लिए प्रशिक्षण के कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। विभाग ने 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले भवनों को ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप निर्मित करने के निर्देशों के पालन में अभियंताओं को प्रशिक्षण देना प्रारंभ कर दिया है। ट्री शिफ्टिंग की कार्यशाला भी जल्द होगी।

विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह ने कहा कि प्रदेश की अधोसंरचना में सड़क अर्थव्यवस्था को गति देती है। मध्य प्रदेश में गांव-गांव तक सड़क और अधोसंरचनात्मक विकास के कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। डा. विक्रांत सिंह तोमर ने ‘कैपेसिटी बिल्डिंग थ्रू इंस्पायर्ड लिविंग’ पर प्रस्तुतीकरण दिया तो अन्य विशेषज्ञों ने ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट, आधुनिक भवन निर्माण तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण तथा निर्माण क्षेत्र में नवाचार की जानकारी दी।

कार्यशाला में प्रशिक्षण कैलेंडर और परियोजना प्रबंधन पुस्तिका का विमोचन किया गया। इस दौरान सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव, भवन विकास निगम के प्रबंध संचालक सीबी चक्रवर्ती सहित वरिष्ठ अधिकारी और प्रदेशभर से आए इंजीनियर शामिल हुए।

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