गुना कोतवाली TI के मामले में फैसला सुरक्षित !
ग्वालियर हाई कोर्ट द्वारा कोतवाली थाना प्रभारी को सस्पेंड करने और विभागीय जांच के आदेश के खिलाफ थाना प्रभारी द्वारा की गई अपील पर सोमवार को हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। डबल बेंच में मामले की सुनवाई हुई।
बता दें कि मामला अक्टूबर महीने में कोतवाली में दर्ज एक FIR से जुदा हुआ है। एक युवती ने महिला पर उसके अश्लील फोटो वायरल करने के मामले में FIR दर्ज कराई थी। आरोपी महिला की ओर से जिला कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन लगाया गया, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद आरोपी महिला ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई, जिसे भी कोर्ट ने खारिज कर दिया।
ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद भी कोतवाली थाना प्रभारी TI चंद्रप्रकाश सिंह चौहान ने आरोपी महिला को नोटिस तामील करा कर छोड़ दिया। बता दें कि जिन मामलों में सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है, उनमें आरोपी को नोटिस पर ही थाने से छोड़ दिया जाता है।
युवती ने हाई कोर्ट की शरण ली
इसके बाद पीड़ित युवती द्वारा हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर कर कहा कि आरोपी को पुलिस प्रोटेक्शन दे रही है। जानबूझकर उसे गिरफ्तार नहीं किया जा रहा। इसकी जगह उसे नोटिस पर ही छोड़ दिया गया है। पीड़ित महिला ने हाई कोर्ट में गुना SP, थाना प्रभारी कोतवाली और आरोपी महिला को पक्षकार बनाया।
इस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने 28 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। 30 जनवरी को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। इसमें कोतवाली थाना प्रभारी को सस्पेंड करने और विभागीय जांच बिठाने के आदेश दिए गए। कोर्ट ने कहा कि , यह न्यायालय सक्षम प्राधिकारी को निर्देश देता है कि वह प्रतिवादी संख्या 2 के उपर्युक्त आचरण के लिए कानून के अनुसार उसके विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही तत्काल प्रारंभ करे। सक्षम प्राधिकारी विभागीय जांच पूरी होने तक प्रतिवादी संख्या 2 को तत्काल प्रभाव से निलंबित भी करे, ताकि निष्पक्ष, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
TI ने फैसले के खिलाफ की अपील
हाई कोर्ट की सिंगल बैंच के आदेश के खिलाफ TI सीपीएस चौहान डबल बेंच पहुंचे। उन्होंने डबल बेंच में अपील कर इस फैसले को निरस्त करने की मांग की। सोमवार को सुनवाई के बाद डबल बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। डबल बेंच के ऑर्डर के बाद आगे की स्थिति और साफ हो पाएगी।


