आरकेटीसी के खिलाफ कार्रवाई …. प्रदेश का सबसे महंगा 261 करोड़ का रेत ठेका निरस्त, कंपनी ब्लैक लिस्ट; होशंगाबाद की खदान का ठेका फिर होगा
प्रदेश की सबसे बड़ी और सबसे महंगी होशंगाबाद की रेत खदान का ठेका फिर से होगा। राज्य सरकार ने पिछले साल 13 जनवरी को यह ठेका छत्तीसगढ़ की कंपनी आरके ट्रांसपोर्ट एंड कंस्ट्रक्शन (आरकेटीसी) को 261 करोड़ रु. में दिए थे, लेकिन कंपनी ने खनिज विभाग द्वारा नोटिस देने के बावजूद अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर की तीन किस्तों के 63 करोड़ 49 लाख 66 हजार 508 रु. जमा नहीं किए।
इसीलिए विभाग ने ठेका निरस्त कर कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। साथ ही कंपनी की देय बकाया राशि पर ब्याज लगाने और सुरक्षा निधि जब्त करने के आदेश दिए हैं। विभाग के इस फैसले के बाद होशंगाबाद कलेक्टर खदानों का कब्जा अपने अधीन लेंगे।
स्टॉक रेत बेचने की मंजूरी, रॉयल्टी देने को तैयार
प्रदेश में सबसे बड़ी रेत खदानें होशंगाबाद जिले में हैं। यहां 118 खदानें हैं, जो आरकेटीसी को तीन साल के लिए यानी 30 जून 2023 तक मिली थी। कोरोना की मार के चलते कंपनी घाटे में थी और सितंबर से ठेका छोड़ने की कवायद में लगी हुई थी। कंपनी ने माइनिंग काॅर्पोरेशन को पत्र लिखा था। 16 दिसंबर को पत्र में उसने तर्क दिया था कि वो रेत की उत्खनित मात्रा के हिसाब से रेत की रॉयल्टी देने को तैयार है।
शासन ने इन सभी तर्कों को अमान्य करने के साथ ही कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की है। हालांकि कंपनी को स्टॉक से रेत बेचने की मंजूरी वाले आदेश पर कोई रोक नहीं लगी है। इसके पहले तेलंगाना की पावर मैक कंपनी को 217 करोड़ में ठेका मिला था।