एमएलसी चुनाव 2022: माफिया से माननीय बनने की होड़ में बृजेश अकेले नहीं ये भी बिछा रहे बिसात
एमएलसी चुनाव 2022 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस बीच माननीय बनने की चाह में पूर्वांचल के कई बाहुबलियों ने भी अपनी सिसायसी बिसात बिछा दी है। इसमें से एक बृजेश सिंह के नाम पर तो पर्चा भी ले लिया गया है। इसके अलावा अभी कई अन्य हैं जो एमएलसी बन कर सियासत में अपना रंग जमाने में जुटे हैं।
वाराणसी. यूपी विधानसभा चुनाव के साथ हो रहे एमएलसी चुनाव 2022 ने प्रदेश की सियासत को गर्मा दिया है। पूर्णकालिक नेता से लेकर बाहुबली से माननीय बनने वालों ने भी सियासी बिसात बिछा दी है। सियासत की बात हो और पूर्वांचल का नाम न आए ऐसा कैसे हो सकता है। खास कर तब जब बाहुबलियों का नाम लिया जाए। तो बाहुबलियो में से एक बृजेश तो मैदान में आ भी गए हैं। उनके नाम का पर्चा खरीदा जा चुका है। इसके अलावा अभी कई और हैं जो खुद मैदान में उतरने को ताल ठोक रहे हैं या किसी अपने खास को मैदान में उतारने की तैयारी में हैं। तो जानते है ऐसे बाहुबलियों को जो विधान परिषद चुनाव 2022 के लिए ताल ठोंक रहे हैं।
बृजेश कुमार सिंह उर्फ अरुण 2016 में जब विधान परिषद सदस्य चुने गए थे तो भी वह वाराणसी के केंद्रीय कारागार में बंद थे। प्रत्याशी तो वो निर्दल रहे पर पीछे से बीजेपी का समर्थन था। वो बृजेश अभी भी वाराणसी के केंद्रीय कारागार में बंद हैं। इस दफा भी उन्होंने निर्दल प्रत्याशी के तौर पर वाराणसी प्राधिकारी निर्वाचन सीट के लिए नामांकन पत्र हासिल कर लिया है। पर अबकी बार बीजेपी उनका कितना समर्थन कर पाती है यह अहम् मसला होगा।
तो अपना दल (एस) से विनीत सिंह को मिलेगा टिकट!
बृजेश के अलावा दूसरे बाहुबली श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह जिन्होंने 2010 में मिर्जापुर प्राधिकारी निर्वाचन सीट से जीत हासिल की थी। माननीय बनने के बाद विनीत, मिर्जापुर से ही दो दफा अपनी पत्नी और एक बार अपने करीबी को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने में कामयाब रहे। मिर्जापुर मंडल के मिर्जापुर और सोनभद्र में उनका जलवा पिछले साल हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भी कायम रहा। विनीत ने न केवल मिर्जापुर बल्कि वाराणसी के पंचायत चुनाव में भी अपनी ताकत का एहसास कराया जब चोलापुर ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर अपने पसंदीदा को जीत दिलाई। इस बार वह बीजेपी नहीं बल्कि अपना दल (एस) अथवा निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे।
बृजेश के अलावा दूसरे बाहुबली श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह जिन्होंने 2010 में मिर्जापुर प्राधिकारी निर्वाचन सीट से जीत हासिल की थी। माननीय बनने के बाद विनीत, मिर्जापुर से ही दो दफा अपनी पत्नी और एक बार अपने करीबी को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने में कामयाब रहे। मिर्जापुर मंडल के मिर्जापुर और सोनभद्र में उनका जलवा पिछले साल हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भी कायम रहा। विनीत ने न केवल मिर्जापुर बल्कि वाराणसी के पंचायत चुनाव में भी अपनी ताकत का एहसास कराया जब चोलापुर ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर अपने पसंदीदा को जीत दिलाई। इस बार वह बीजेपी नहीं बल्कि अपना दल (एस) अथवा निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे।
धनंजय के खास प्रिंसू को मिलेगा बीजेपी का समर्थन!
उधर बात जौनपुर की की जाए तो हत्या के मामले में वांछित पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह इस दफा तो गिरफ्तारी से बचने के लिए भूमिगत हैं। लेकिन वो अपने बेहद करीबी जिसने उनकी पत्नी श्री कला रेड्डी को जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में बड़ी मदद की। वो और कोई नहीं बल्कि बृजेश सिंह प्रिंसू हैं। प्रिंसू अबकी एमएलसी चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। कहा जा रहा है कि प्रिंसू को बीजेपी का समर्थन मिल सकता है। अगर ऐसा नहीं होता तो वो निर्दलीय ही भाग्य आजमाएंग।
उधर बात जौनपुर की की जाए तो हत्या के मामले में वांछित पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह इस दफा तो गिरफ्तारी से बचने के लिए भूमिगत हैं। लेकिन वो अपने बेहद करीबी जिसने उनकी पत्नी श्री कला रेड्डी को जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में बड़ी मदद की। वो और कोई नहीं बल्कि बृजेश सिंह प्रिंसू हैं। प्रिंसू अबकी एमएलसी चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। कहा जा रहा है कि प्रिंसू को बीजेपी का समर्थन मिल सकता है। अगर ऐसा नहीं होता तो वो निर्दलीय ही भाग्य आजमाएंग।
पूर्व पीएम चंद्रशेखर के पौत्र पप्पू भैया चौथी बार एमएलसी बनने की तैयारी में
बात बागी बलिया की हो तो पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के परिवार को हमेशा याद रखा जाएगा। अब विधान परिषद चुनाव में पूर्व पीएम चंद्रशेखर के पौत्र, रविशंकर सिंह उर्फ पप्पू भैया जो तीन बार से बलिया से एमएलसी हैं ने इस दफा विधानसभा चुनाव से पहले ही पाला बदल कर लिया है। वो अब सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में इस बार भी ये माना जा रहा है कि पप्पू भैया एक बार फिर विधान परिषद चुनाव में अपना दमखम दिखाएंगे। पप्पू भैया पर हत्या और लूट सहित अन्य आरोपों में मुकदमे दर्ज हैं।
बात बागी बलिया की हो तो पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के परिवार को हमेशा याद रखा जाएगा। अब विधान परिषद चुनाव में पूर्व पीएम चंद्रशेखर के पौत्र, रविशंकर सिंह उर्फ पप्पू भैया जो तीन बार से बलिया से एमएलसी हैं ने इस दफा विधानसभा चुनाव से पहले ही पाला बदल कर लिया है। वो अब सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में इस बार भी ये माना जा रहा है कि पप्पू भैया एक बार फिर विधान परिषद चुनाव में अपना दमखम दिखाएंगे। पप्पू भैया पर हत्या और लूट सहित अन्य आरोपों में मुकदमे दर्ज हैं।
योगी आदित्यनाथ के करीबी भी ठोक रहे ताल
उधर गाजीपुर से विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल भी भाजपा के सिंबल या फिर उसके सहयोग से चुनाव लड़ने जा रहे हं। विशाल सिंह चंचल की आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है। लेकिन वो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं। साथ ही पूर्वांचल के प्रभावशाली राजपूत नेताओं में उनकी गिनती है।
उधर गाजीपुर से विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल भी भाजपा के सिंबल या फिर उसके सहयोग से चुनाव लड़ने जा रहे हं। विशाल सिंह चंचल की आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है। लेकिन वो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं। साथ ही पूर्वांचल के प्रभावशाली राजपूत नेताओं में उनकी गिनती है।