आजमगढ़ में अवैध शराब से मौत होती ही रहती है …. पुलिस-प्रशासन की लापरवाही जिंदगी पर पड़ती रही है भारी; 20 साल में 100 से अधिक ने गंवाई जान

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के तीन चरण खत्म होने के बाद जहरीली शराब से लोगों की मौत के कारण सोमवार को पूर्वांचल का आजमगढ़ जिला देशभर में सुर्खियों में आ गया है। नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 से ज्यादा लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। हालांकि, यह पहला ऐसा मौका नहीं है, जब आजमगढ़ में जहरीली शराब से लोगों ने जान गंवाई है। इससे पहले भी आजमगढ़ जहरीली शराब से आमजन की मौत के लिए पूर्वांचल, प्रदेश और देश में कुख्यात रहा है।

इसी अवैध जहरीली शराब की वजह से हुईं हैं मौतें।
इसी अवैध जहरीली शराब की वजह से हुईं हैं मौतें।

जानकारों का कहना है कि आजमगढ़ में संभावना देखकर ही अंबेडकर नगर, देवरिया, मऊ और बलिया के साथ ही पूर्वांचल के अन्य जिलों से अवैध शराब लाकर यहां खपाई जाती है। इसी वजह से बीते 20 साल में 100 से ज्यादा लोग आजमगढ़ जिले में जहरीली शराब के कारण जान गंवा चुके हैं और कई लोगों के आंखों की रोशनी जा चुकी है। आइए, बताते हैं कि यहां जहरीली शराब से हाल के दो दशकों में कब-क्या हुआ…?

2002 से अब तक 100 से ज्यादा की मौत

आजमगढ़ जिले के पुलिस सूत्र बताते हैं कि वर्ष 2002 में इरनी में जहरीली शराब से 11 लोगों की मौत हो गई थी। इसके साथ ही कई लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी। वर्ष 2013 में मुबारकपुर क्षेत्र में 53 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हुई थी। मुबारकपुर के अतरडीहा, आदमपुर, ओझौली, अमिलो, डीह, चकिया, प्यारेपुर, सईदनगर सहित आसपास के कई गांवों के लोग इसकी चपेट में आए थे। कई जगहों पर खेतों में छिपाकर जहरीली शराब रखी गई थी। इस मामले में 20 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

आजमगढ़ में कई जगहों पर अवैध शराब बनती है।
आजमगढ़ में कई जगहों पर अवैध शराब बनती है।

वर्ष 2017 में देवारा क्षेत्र में जहरीली शराब से जीयनपुर कोतवाली और रौनापार थाना क्षेत्र में 36 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। वहीं, वर्ष 2021 में जहरीली शराब के कारण अंबेडकर नगर और आजमगढ़ में 22 लोगों की मौत हो गई थी। यह स्थिति तब थी जब कोरोना महामारी फैली हुई थी।

कम पैसे में ज्यादा नशा पड़ता है भारी

जानकार बताते हैं कि कम पैसे में ज्यादा नशा का चक्कर जिंदगी पर भारी पड़ता है। खासतौर पर रोजाना कमाने-खाने वाले वर्ग को लगता है कि सस्ती शराब उनकी थकान को दूर कर देती है। अवैध शराब चौबीसों घंटे उपलब्ध रहती है। इसी वजह से ग्रामीण इलाकों में इसकी खपत ज्यादा होती है।

एसपी अनुराग आर्य बोले- दोषियों के खिलाफ रासुका और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
एसपी अनुराग आर्य बोले- दोषियों के खिलाफ रासुका और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

उधर, आजमगढ़ के एसपी अनुराग आर्य ने कहा कि अवैध शराब की बिक्री के नेटवर्क के नेक्सस को हम हर हाल में ध्वस्त करेंगे। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और एनएसए की कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकरण में जिस किसी की भी संलिप्तता मिलेगी वह बच नहीं पाएगा। देर रात तक घटनास्थल पर डटे जिले के एसपी अनुराग आर्य और जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी एसपी अनुराग आर्य का कहना है कि घटना में जो भी लोग शामिल हैं, उनके खिलाफ रासुका गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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