आजमगढ़ में जहरीली शराब से 9 लोगों की मौत …. बाहुबली पूर्व सांसद रमाकांत के भतीजे का है ठेका…
44 अस्पताल में भर्ती, एक-एक करके जा रही आंखों की रोशनी; बाहुबली पूर्व सांसद रमाकांत के भतीजे का है ठेका…
यूपी में आजमगढ़ से बड़ी खबर है। यहां जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत हो गई। जबकि 44 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से कुछ की आंख की रोशनी चली गई है। यह पूरी घटना माहुल कस्बे में रविवार रात की है। सूत्रों ने बताया कि जिस ठेके से ग्रामीणों ने शराब खरीदी है। वह ठेका बाहुबली पूर्व सांसद और मौजूदा सपा प्रत्याशी रमाकांत यादव के भतीजे रंजेश का है। ठेका माहुल पुलिस चौकी के बगल में है।
44 लोग अस्पताल में भर्ती, 3 का डायलिसिस
यूपी में चुनाव के बीच जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर हाहाकार मच गया है। DM, SP समेत सीनियर अफसरों की टीम माहुल पहुंच गई है। DM अमृत त्रिपाठी ने बताया कि 5 लोगों की मौत रिपोर्टेड है। कुछ की हालत गंभीर है। 44 लोगों को जिला हॉस्पिटल में रेफर किया गया है। इनमें से 3 का डायलिसिस किया गया है।
डीएम ने यह भी पता लगाया जा रहा है कि किन-किन लोगों ने इस ठेके लेकर शराब पी है। उनको अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। ठेके का सेल्समैन पकड़ा जा चुका है। उससे पूछताछ की जा रही है। दोषियों पर NSA की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस चला रही सर्च ऑपरेशन
उधर, पुलिस ने ग्रामीणों और आसपास के लोगों से पूछताछ की है। ग्रामीणों के मुताबिक, जिन 9 लोगों की मौत हुई है, उनमें से 5 का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। जबकि 4 शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। मृतक एक ही पंचायत क्षेत्र के अलग-अलग वॉर्ड के थे। जिन 44 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह भी अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। SP अनुराग आर्य ने बताया कि दो लोगों को हिरासत में लिया है, उनसे पूछताछ की जा रही है।

शराब पीने के बाद शुरू हुई खून की उल्टियां
ग्रामीणों ने बताया कि रविवार रात को माहुल के सरकारी ठेके से आसपास के लोगों ने शराब पी थी। शराब पीने के कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। कुछ लोगों को खून की उल्टियां शुरू हो गईं। एक मृतक की बहन ने बताया, ‘उसके भाई को कोई बीमारी नहीं थी। रात को रमाकांत के ठेके से खरीदकर शराब पी थी। उसके बाद खून की उल्टियां होने लगी।’ वहीं, एक अन्य मृतक के परिजन ने बताया कि तबीयत बिगड़ी तो आनन-फानन में उनको नजदीकी अस्पताल ले गए। आसपास के कई लोगों को एक ही भी ऐसी ही दिक्कत हुई।
धीरे-धीरे पता चला कि सभी ने एक ही ठेके से एक ही ब्रांड की शराब खरीदकर पी थी। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अमला हरकत में आया। सोमवार सुबह तक जहरीली शराब से 9 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 12 की हालत गंभीर है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। हालांकि, प्रशासन ने देर शाम तक जहरीली शराब से 3 मौतों की पुष्टि की।

नाराज लोगों ने जाम की सड़क
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की मिलीभगत से ठेके पर शराब की बिक्री होती थी। किसी भी तरह की कोई रोक-टोक नहीं थी। यही कारण है कि ज्यादा मुनाफे के चक्कर में लोगों को जहरीली शराब सरकारी ठेके से बेची गई।
इन लोगों की हुई मौत
ग्रामीणों ने बताया कि जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में फेकू सोनकर (32) पुत्र दीप चन्द सोनकर, झब्बू (45) पुत्र हुन्ना सोनकर, राम करन सोनकर (55) पुत्र लोटन, सतिराम (42) पुत्र हरिलाल, अच्छे लाल (40) पुत्र लोटन, बिक्रमा बिंद (50) पुत्र राजाराम, राम प्रीत यादव (55) पुत्र वासुदेव यादव शामिल हैं।
जहरीली शराब से चुनाव कनेक्शन की भी जांच
आजमगढ़ में आखिरी चरण में 7 मार्च को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है। ऐसे में पुलिस जहरीली शराब से हुई मौतों के चुनावी कनेक्शन की भी जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि ग्रामीणों ने शराब खरीदकर पी थी या फिर उनको सस्ते में मिली या मुफ्त में बांटी गई थी।
पिछले साल हुई थी 30 लोगों की मौत
आजमगढ़ में जहां आज ये घटना हुई वहां से करीब 20 किलोमीटर दूर मित्तूपुर गांव में भी बीते मई माह में जहरीली शराब से 30 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद जिला प्रशासन ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया था।
नकली शराब का गढ़ बन रहा आजमगढ़
आजमगढ़ में पुलिस और आबकारी टीम ने 20 फरवरी को भी नकली शराब बनाने वाले गिरोह को पकड़ा था। इस दौरान पुलिस ने 13 आरोपियों को पकड़ा। SP अनुराग आर्य ने बताया था कि गिरोह के तार मऊ, बलिया, गाजीपुर और देवरिया तक जुड़े हैं। गिरोह के लोग बाइक से नकली शराब बेचते थे। 1 साल में 30 करोड़ से ज्यादा के राजस्व का नुकसान किया है। आरोपियों के पास से 1020 लीटर रेक्टीफाइड स्प्रिट, 33 पेटी शराब, शराब की खाली 90 बोतलें, 2 किलो यूरिया और 11 मोबाइल फोन और एक बाइक मिली है। SP ने बताया था कि इनके पास से कई प्रमुख शराब कंपनियों के ढक्कन भी मिले थे। यह लोग बोतलों से शराब निकालकर फिर दूसरा ढक्कन लगाते थे।
