कॉलेज के विद्यार्थियों को रोजगार दिलाने के लिए नई पहल …!
शहर के कालेजों में इन्क्यूबेशन सेंटर बनाने की तैयारी शुरू, आईआईएम इंदौर में होगी ट्रेनिंग …
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के 19 स्वशासी कालेजों में इन्क्यूबेशन सेंटर खाेलने की घाेषणा की गई थी। अब इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, शहर के केआरजी और एमएलबी कॉलेज में इन्क्यूबेशन सेंटर होंगे। इन्क्यूबेशन खोले जाने से पहले की तैयारियों को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की गई थी।
इसमें बताया गया कि कॉलेजों में इन्क्यूबेशन सेंटर का एक नोडल अधिकारी होगा और इसके साथ एक समिति काम करेगी। नोडल अधिकारियों की ट्रेनिंग इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) में कराई जाएगी। यहां पर ही नोडल अधिकारियों को बताया जाएगा कि उन्हें किस तरह से छात्रों के स्टार्ट अप को आगे बढ़ाकर उन्हें रोजगार से जोड़ना है।
इन्क्यूबेशन सेंटर को लेकर केआरजी कॉलेज में सोमवार को बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में तय किया गया कि इन्क्यूबेशन सेंटर के नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी इतिहास विभाग के डॉ. सामंत सिंह सेंगर को दी जाएगी। इनके साथ एक 5 सदस्यीय कमेटी काम करेगी।
एमएलबी कॉलेज में भी इस संबंध में प्रक्रिया की जा रही है। 15-16 मार्च को नोडल अधिकारियों की ट्रेनिंग आईआईएम में संभावित है। इसकी मौखिक जानकारी कॉलेज के प्राचार्यों को मिली है। इन्क्यूबेशन सेंटर के संचालन को लेकर विस्तृत गाइड लाइन की कॉलेज प्रबंधन द्वारा इंतजार किया जा रहा है।
प्रदेश में स्वशासी कॉलेजों में इन्क्यूबेशन सेंटर शुरू करने के प्रस्ताव पर उच्च शिक्षा विभाग में पिछले दो माह से विचार चल रहा था। दो सप्ताह पहले इसे प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी, इसके बाद इन्क्यूबेशन सेंटर के निर्माण और संचालन को लेकर कार्यवाही शुरू हो गई।
इन्क्यूबेशन सेंटर में वह सभी सुविधाएं दी जाएंगीं जो विद्यार्थियों के आइडिएशन और उन्हें आगे पहुंचाने के लिए जरूरी है। विद्यार्थियों के यह आयडिया बिजनेस तथा वैज्ञानिक खोज से भी संबंधित होंगे।
सेंटर शुरू होने से नैक ग्रेड में मिलेगा फायदा
इन्क्यूबेशन सेंटर के लिए शासन अलग से बजट जारी करेगा और संसाधन भी उपलब्ध करवाएगा। अलग-अलग सेक्टर के विशेषज्ञाें की भी नियुक्ति की जाएगी। इसके शुरू होने से केआरजी और एमएलबी कॉलेज के लगभग 17 हजार छात्र-छात्राओं को फायदा होगा।
इन्क्यूबेशन सेंटर शुरू होने से नैक ग्रेड में भी फायदा मिलेगा। इसमें विद्यार्थी पढ़ाई के साथ या इसके बाद स्टार्ट अप शुरू करना चाहता है और उसके पास अच्छा आइडिया है इन्क्यूबेशन सेंटर ऐसे विद्यार्थियों को आगे बढ़ने में मदद करेगा, विशेषज्ञ विद्यार्थियो ंको ट्रेंड करेंगे और बड़ी कंपनियों के साथ संपर्क भी रखेंगे।
इन्क्यूबेशन सेंटर के लिए नोडल अधिकारी तय कर दिया है
इन्क्यूबेशन सेंटर बनाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों पर तैयारियां की जा रही हैं। केआरजी कॉलेज में समिति का गठन कर दिया गया है तथा नोडल अधिकारी भी बनाया गया है।
-प्रो. एमआर कौशल, प्राचार्य, केआरजी कॉलेज