FIR सिसोदिया के नाम, गिरफ्तार पत्रकार सिंगोरिया को किया ?
भोपाल की कटारा हिल्स पुलिस ने एक एक्सीडेंट के मामले में कुलदीप सिसोदिया नाम के शख्स पर एफआईआर दर्ज की। इसके बाद पत्रकार कुलदीप सिंगोरिया को गिरफ्तार कर लिया। सूचना के बाद भोपाल के पत्रकारों ने मंगलवार को थाने के बाहर धरना प्रदर्शन और पीएचक्यू के बाहर चक्काजाम किया।
उन्होंने कुलदीप के खिलाफ दर्ज केस को झूठा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान कुछ भाजपा नेता भी पहुंच गए। उन्होंने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर पत्रकार माने। डीसीपी जोन-2 संजय अग्रवाल ने बताया कि थाना प्रभारी गोपाल शुक्ला को लाइन अटैच कर दिया गया है।
दूसरी तरफ इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पत्रकारों के प्रदर्शन का वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने लिखा- भोपाल के पत्रकार कुलदीप सिंगोरिया को बिना किसी अपराध के झूठा मामला बनाकर कल रात गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने लिखा-

पत्रकारों के भारी विरोध के बावजूद उन्हें जेल भेज दिया गया। सभी पत्रकार इस गिरफ्तारी का विरोध कर रहे हैं। प्रदेश सरकार से मेरी मांग है कि पत्रकार को तुरंत रिहा किया जाए और न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाए।

स्कूटी को टक्कर मारने की रिपोर्ट दर्ज की थी
दरअसल, फरियादी शेख अकील ने 20 मार्च को टीला जमालपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सफेद रंग की बोलेरो ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। इसके बाद गाड़ी में सवार कुछ लोगों ने उन्हें धमकाते हुए 50 हजार रुपए की मांग की और मारपीट की।
यह मामला कुलदीप सिसोदिया नाम के शख्स पर दर्ज है। इसके बाद भी पत्रकार कुलदीप सिंगोरिया को अरेस्ट किया गया। जबकि उनके पास न तो वह गाड़ी है और न ही वे घटनास्थल पर मौजूद थे।

पुलिस का फोन आया, कुलदीप को थाने बुलाया
प्रदर्शन कर रहे पत्रकार और कुलदीप के साथियों के मुताबिक कुलदीप लंबे समय से एक दोस्त के साथ मिलकर सिक्योरिटी एजेंसी खोलना चाह रहे थे। इसके लिए थाने से उन्हें अपना वैरिफिकेशन कराना था।
इसको लेकर उन्होंने थाने में नियमानुसार प्रोसेस भी किया था। सोमवार शाम 7 बजे के बाद पुलिस की तरफ से फोन आया और उन्हें थाने बुलाया। कुलदीप को लगा कि सिक्योरिटी एजेंसी के लिए औपचारिकताएं पूरी करने जाना है।
देखिए कुलदीप की गिरफ्तारी की 2 तस्वीरें-


रात 10 बजे तक नहीं लौटे, मोबाइल भी बंद था
वह अपने घर पर थाने जाने की बात कहकर निकले। रात करीब दस बजे तक वह नहीं लौटे और फोन भी बंद आ रहा था। घरवालों ने कुलदीप के दोस्तों से बात की तो उन्होंने बताया कि वह थाने गए थे।
इसके बाद कुछ पत्रकार जब थाने पहुंचे तो पता चला कि पुलिस ने 20 मार्च को कोई एफआईआर दर्ज की है, जिसमें आरोपी कुलदीप को बनाया गया है। देर रात कुलदीप के कई पत्रकार साथी थाने पहुंचे। इसके बाद मंगलवार सुबह प्रदर्शन भी किया।