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नोएडा : बिल्डरों पर एक्शन लेने के लिए शासन से अनुमति मिली ..साढ़े पांच हजार करोड़ बकाया है ?

बिल्डरों पर एक्शन लेने के लिए शासन से अनुमति मिल
केस टू केस स्टडी कर बोर्ड में प्रस्ताव लाएंगे,  साढ़े पांच हजार करोड़ बकाया है
प्राधिकरण में अधिकारियों के साथ बैठक करते चेयरमैन दीपक कुमार। - Dainik Bhaskar

प्राधिकरण में अधिकारियों के साथ बैठक करते चेयरमैन दीपक कुमार।

नोएडा में बिल्डरों के पास बकाया जमा करने की डेडलाइन समाप्त हो चुकी है। प्राधिकरण ने 43 डेवलपर को नोटिस जारी किया था। जिसमें से कुछ का जवाब आया है। अधिकांश का जवाब पैसे जमा करने को लेकर आया है। हालांकि प्राधिकरण राहत देने के मूड में नहीं है। ऐसे डेवलपर जिन्होंने राहत पैकेज पर न तो सहमति दी थी और न ही पैसा जमा किया था। उनके लिए प्राधिकरण ईओडब्ल्यू में लैटर लिख चुका है। सबसे पहले बोर्ड में इन बिल्डरों की फाइल रखी जाएगी। इनका भूखंड आवंटन तक रद्य किया जा सकता है।

प्राधिकरण के एसीईओ वंदना त्रिपाठी ने बताया कि प्राधिकरण ने बकायदारों से राहत पैकेज हटाने का प्रस्ताव बोर्ड में गया था। शासन के अप्रूवल का इंतजार था। नियमानुसार एक्शन लेने का अप्रूवल मिल गया है। डेवलपर की फाइलों को केस टू केस देखा जाएगा। प्रत्येक केस पर क्या निर्णय लिया जाएगा ये बोर्ड तय करेगा। आगामी बोर्ड में सभी केस की स्टडी करके प्रस्ताव लाया जाएगा। बता दे बिल्डर पर करीब साढ़े पांच हजार करोड़ का बकाया है।

अमिताभ कांत समिति की सिफारिश लागू

नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के तहत यूपी सरकार ने 21 दिसंबर 2023 को शासनादेश जारी किया था। इसके बाद प्राधिकरण ने पहले चरण में उन 57 बिल्डर परियोजनाओं को शामिल किया, जिनका किसी न्यायालय में मामला विचाराधीन नहीं था। मार्च-अप्रैल 2024 से बिल्डरों ने बकाया जमा करवाना शुरू कर दिया था।

5.5 हजार करोड़ का है बकाया

अधिकारियों ने बताया कि 57 में से जिन 35 बिल्डरों ने कुल बकाया में से 25 प्रतिशत राशि जमा की है, वह आगे किस्तें नहीं दे रहे, जबकि 100 करोड़ रुपए तक के बकायादार को एक साल में पूरी राशि जमा करनी थी। इनके अलावा 12 परियोजना के बिल्डरों ने कुछ-कुछ बकाया राशि जमा की है। 10 परियोजना के बिल्डरों ने कोई बकाया जमा नहीं किया।

बोर्ड में लिया गया था निर्णय

इस महीने हुई बोर्ड बैठक में प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार ने आदेश दिया था कि बिल्डरों को बकाया जमा करने के लिए 31 अक्टूबर तक का अंतिम समय दिया गया था। अगर इस दौरान भी बिल्डर बकाया जमा नहीं करते हैं तो उनको दिया राहत पैकेज समाप्त कर दिया जाए। प्राधिकरण ने राहत पैकेज के अंतर्गत कोविड काल के दौरान दो साल का जीरो पीरियड और एनजीटी के आदेश के तहत अलग भी जीरो पीरियड का लाभ दे रखा है। अब इस मामले में शासन से अप्रूवल आ गया है

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