इन सीटों पर एलजेपी रामविलास आगे
सुगौली, गोविंदगंज, बेलसंड, बहादुरगंज, कटिहार का कसबा, बलरामपुर, सिमरी बख्तियारपुर, बोचहां, दरौली, महुआ, बखरी, परबत्ता, नाथनगर, ब्रह्मपुर, चेनारी, डेहरी, ओबरा, शेरघाटी, राजौली और गोबिंदपुर।2020 से 2025 तक का सफर-बड़ा बदलाव
2020 के चुनाव में एलजेपी ने 130 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सिर्फ एक सीट जीत सकी। उस समय एलजेपी के उम्मीदवार कई जगह दूसरे नंबर पर रहे थे, लेकिन पार्टी विभाजन और सीट बंटवारे को लेकर एनडीए से दूर हो गई थी। फिर भी, चिराग पासवान की 2020 की आक्रामक मुहिम को जदयू के वोट कटाव का कारण माना गया था, जिससे नीतीश कुमार की सीटें 71 से घटकर 43 रह गई थीं। इस बार तस्वीर बिल्कुल उलट है, लोजपा रामविलास खुद एनडीए के साथ है और गठबंधन के लिए मजबूत स्तंभ बनकर उभर रही है।
नीतीश कुमार की चुनावी परीक्षा और जनता का फैसला
करीब दो दशक तक बिहार पर शासन कर चुके नीतीश कुमार के लिए यह चुनाव राजनीतिक भरोसे की बड़ी परीक्षा माना जा रहा था। कभी सुशासन बाबू के नाम से मशहूर नीतीश के सामने इस बार चुनौती थी, जनता की नाराजगी और उनके गठबंधन बदलने की छवि। लेकिन रुझान साफ बता रहे हैं कि जनता एक बार फिर उनके अनुभव और शासन मॉडल पर भरोसा जता रही है।
मोदी-नीतीश की जोड़ी बनी एनडीए की ताकत
इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक साथ, एक मंच पर दिखे। इसने गठबंधन को नई ऊर्जा दी, कल्याणकारी योजनाएं, सड़क-बिजली-नौकरी का वादा, और प्रशासनिक स्थिरता का संदेश जनता तक सीधा पहुंचा। पीएम मोदी की देशभर में लोकप्रियता और नीतीश की जमीनी पकड़ ने मिलकर गठबंधन को बंपर बढ़त दिलाई है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025
बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान दो चरणों में हुआ है, जिसमें पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर और दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को हुई। वहीं मतदान की प्रतिशत की बात की जाए तो पहले चरण में जहां 65.08 फीसदी वोटिंग हुई, वहीं दूसरे चरण में बंपर 68.69 वोटिंग हुई है। राज्य के विधानसभा चुनाव में कुल मतदान प्रतिशत 67.13 दर्ज हुआ है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के नतीजे?
2020 विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच था। इस चुनाव में एनडीए ने 125 सीटें जीतीं थीं। इनमें सबसे ज्यादा 74 सीटें भाजपा के खाते में गई थीं। जदयू को 43, वीआईपी और हम को 4-4 सीट पर सफलता मिली थी। राज्य की 110 सीटें महागठबंधन के खाते में गई थी। इसमें 75 सीटें जीतकर राजद राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। इसके साथ ही कांग्रेस को 19, वामदलों को 16 सीट पर जीत मिली थी। इनमें 12 सीटें माले और दो-दो सीटें भाकपा और माकपा के खाते में गईं थी। वहीं अन्य दलों में एआईएमआईएम ने पांच, बसपा, लोजपा और निर्दलीय ने एक-एक सीटें जीती थी।