नआरआई सिटी के रहने वाले कारोबारी के घर से 17 अप्रैल 2022 को गहने चोरी हुए थे। तत्कालीन थाना प्रभारी आशीष द्विवेदी और चौकी प्रभारी रानू ने कारोबारी के घर पर काम करने वाली सुदामा और उसकी 13 वर्षीय बेटी को उठाया था। पुलिस दोनों को बिना रिपोर्ट दर्ज किए पहले नवाबगंज थाने और फिर देर रात आशा ज्योति केंद्र पर ले गई। यहां अगले दिन नौकरानी ने बाथरूम में फंदा लगाकर जान दे दी थी। मामले की जांच में 15 नवंबर तक आशीष को अपना जवाब दाखिल करना था। हालांकि उसने ऐसा नहीं किया।
चोरी का ट्रांसफार्मर बेचने व अखिलेश का करीबी होने का आरोप
बर्खास्त इंस्पेक्टर आशीष अक्सर सुर्खियों में रहा। कभी आशीष थाने से चोरी का ट्रांसफार्मर बेचने के मामले में तो कभी जेल में बंद अखिलेश दुबे और दीनू उपाध्याय के इशारों पर काम करने के कारण। भाजपा नेता रवि सतीजा ने आशीष और अखिलेश दुबे के रिश्तों को यह कहकर सार्वजनिक कर दिया था कि जन शिकायत प्रकोष्ठ में तैनाती के दौरान आशीष उन्हें खुद अखिलेश दुबे के कार्यालय ले गया था। वहीं, महिला की आत्महत्या के इस घटना में शामिल चौकी प्रभारी रानू रमेश चंद्र को 15 दिन में जवाब देना है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उसके खिलाफ भी बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय विनोद कुमार सिंह ने बताया कि आशीष द्विवेदी को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।