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यहां है दुनिया का सबसे बड़ा कब्रिस्तान, दफन हैं 60 लाख शव

यहां है दुनिया का सबसे बड़ा कब्रिस्तान, दफन हैं 60 लाख शव

इराक के पवित्र शहर नजफ में स्थित वादी अल-सलाम दुनिया का सबसे बड़ा कब्रिस्तान है. 1485.5 हेक्टेयर में फैले इस ऐतिहासिक स्थल पर 1400 सालों से शव दफनाए जा रहे हैं. यह शिया मुसलमानों के लिए एक अहम स्थान है और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है.

यहां है दुनिया का सबसे बड़ा कब्रिस्तान, दफन हैं 60 लाख शव

वादी अल-सलाम कब्रिस्तान

दुनिया में हर इंसान इस बात को जानता है कि एक दिन सभी की जिंदगी की कहानी खत्म हो जाएगी. सभी की मौत हो जाएगी. हर धर्म में जिस तरह शादी की एक प्रक्रिया है. वहीं, ऐसे ही हर धर्म में अंतिम संस्कार की भी अपनी एक विधि होती है. हिंदू धर्म में श्मशान घाट में दाह संस्कार किया जाता है. उसी तरह मुस्लिम धर्म में कब्रिस्तान में शव को सुपुर्द-ए-खाक किया जाता है. चलिए इसी बीच जानते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा कब्रिस्तान कहां है?

इराक के पवित्र शहर नजफ में दुनिया का सबसे बड़ा कब्रिस्तान है. इस कब्रिस्तान का नाम वादी अल-सलाम (“शांति की घाटी”) है. साल 2023 के आंकड़ों के मुताबिक, यहां 60 लाख से ज्यादा शव दफनाए गए हैं. यूनेस्को के अनुसार, वादी अल-सलाम कब्रिस्तान में दर्जनों पैगंबरों, वैज्ञानिकों और शाही परिवारों के सदस्य दफन हैं.

कितना बड़ा है कब्रिस्तान?

यह कब्रिस्तान शहर के केंद्र से लेकर उत्तर-पश्चिमी इलाके तक फैला हुआ है. कब्रिस्तान शहर के एरिया के लगभग 13 प्रतिशत हिस्से में फैला हुआ है. रॉयटर्स की 2021 की रिपोर्ट के अनुसार, वादी अल-सलाम अपनी सामान्य दर से दोगुनी गति से फैलता जा रहा है.

thearchaeologist की वेबसाइट के हिसाब से यह कब्रिस्तान यह कब्रिस्तान 1,485.5 हेक्टेयर (3,677 एकड़) में फैला हुआ है.यूनेस्को के अनुसार, इस कब्रिस्तान में 1400 सालों से लोगों को दफनाया जा रहा है.

यूनेस्को के अनुसार, इस कब्रिस्तान में मध्य युग से लोगों को दफनाया जा रहा है. बताया जाता है कि यहां नीची कब्रें और ऊंची कब्रें होती हैं. इसके अलावा, यहां वॉल्ट (गोपनीय कक्ष) के अंदर भी लोगों को दफनाया जाता है.

राजा को दफनाया गया

यूनेस्को के अनुसार, अल-हीरा के राजा और अल-ससानी युग (226-637) के उसके नेताओं को इस कब्रिस्तान में दफनाया गया था. इसके अलावा, हमदानिया, फातिमिया, अल-बुवैहीया, सफाविया, काजार और जलायिरिया राज्यों के सुल्तान और राजकुमारों की भी दफनाया गया है. इसके अलावा, इमाम अली इब्न अबी तालिब का मकबरा भी इसी स्थान पर स्थित है.

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज नाम

अल-जजीरा के अनुसार, यह दुनिया भर के शिया मुसलमानों के लिए एक अहम कब्रिस्तान है. हर साल यहां लगभग 50,000 लोग दफनाए जाते हैं. समाचार एजेंसी AFP की रिपोर्ट में कहा गया है कि यहां एक कब्र खोदने की लागत 8,300 है और कब्रपत्थर की कीमत 14,110 से 16,600 के बीच होती है. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, यह दुनिया का सबसे बड़ा कब्रिस्तान भी है.

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