बिना प्रिस्क्रिप्शन के नहीं खरीद पाएंगे कफ सिरप!

सर्दी-जुकाम होने पर अगर आप भी मेडिकल स्टोर से कफ सिरप ले लेते हैं तो ये आदत गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। हाल के महीनों में मध्य प्रदेश-राजस्थान में दूषित कफ सिरप पीने से कई बच्चों की मौत हो गई। जिसके बाद भारत सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए तमिलनाडु में मिलावटी कफ सिरप कोल्ड्रिफ बनाने वाली श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी का न सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस पूरी तरह से रद्द कर दिया गया बल्कि कंपनी को बंद करने का आदेश भी दिया गया था
अब वाराणसी से प्राप्त हो रही जानकारियों के मुताबिक यहां कफ सिरप की धड़ल्ले से तस्करी हो रही थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश फूड एंड ड्रग डिपार्टमेंट ने कोडीन आधारित कफ सिरप स्मग्लिंग के मामले में वाराणसी में 12 फार्मास्यूटिकल्स फर्म के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इससे पहले भी 26 फर्म के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है।
लगातार हासिए पर बने कफ सिरप के सेवन को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को सावधान करते हैं।

बिना प्रिस्क्रिप्शन कफ सिरप की ब्रिकी पर रोक लगाने का प्रस्ताव
कफ सिरप से कई बच्चों की मौत और इसके दुष्प्रभावों को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसकी मनमानी बिक्री पर लगाम लगाने के लिए कड़ा कदम उठाया है। अब अधिकांश कफ सिरप डॉक्टर की पर्ची के बिना मेडिकल दुकानों पर नहीं बेचे जा सकेंगे। उन्हें हर प्रिस्क्रिप्शन का रिकॉर्ड रखना होगा। साथ ही, कफ सिरप व गुणवत्ता जांच के कड़े नियमों का पालन करना होगा।
ड्रग्स कंसल्टेटिव कमेटी (डीसीसी) ने सभी कफ सिरप को शेड्यूल के लिस्ट से हटाने की सिफारिश की है, जिससे उनकी बिक्री सिर्फ डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही हो सकेगी। इस कदम से लंबे समय से चली आ रही छूट खत्म होने की उम्मीद है, जिससे छोटे गांवों में बिना लाइसेंस वाले फार्मासिस्ट कफ सिरप को ओवर-द-काउंटर दवा के तौर पर बेच सकते थे। 17 नवंबर को हुई एक बैठक में ये प्रस्ताव रखा गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कभी भी सेल्फ मेडिकेशन के रूप में कफ सिरप का इस्तेमाल न करें, ये खतरनाक हो सकता है। हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही और प्रस्क्रिप्शन के आधार पर ही कफ सिरप को खरीदना या इस्तेमाल में लाना चाहिए।

छोटे बच्चों को न दें कफ सिरप
अमर उजाला से बातचीत में दिल्ली स्थित एक अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सरिता शर्मा कहती हैं, कफ सिरप को 6 माह से कम उम्र के बच्चों को दिया ही नहीं जाना चाहिए। 5 साल से छोटे बच्चों को डॉक्टरी सलाह और निगरानी में ही कफ सिरप दी जा सकती है। बड़े लोगों को भी कफ सिरप प्रिस्क्राइब करते समय भी डॉक्टर्स कोमारबिडिटी सहित कई स्थितियां का ध्यान रखते हैं।

खरीदते समय भी बरतें सावधानी
भारत में ओवर-द-काउंटर (बिना प्रिस्क्रिप्शन) कफ सिरप आसानी से मिल जाते हैं। लोग गले में थोड़ी खराश होते ही सिरप पी लेते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकता है। कुछ सिरप में कोडीन जैसे तत्व होते हैं, जो लत लगाने वाले और सेंट्रल नर्वस सिस्टम को प्रभावित करने वाले होते हैं। इसलिए सिरप हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही लें।
कफ सिरप लेने से पहले चेक करें कि कहीं उसमें डाइएथिलीन ग्लाइकॉल या एथिलीन ग्लाइकॉल तो नहीं है, ये औद्योगिक रसायन हैं जो अत्यधिक विषैले हो सकते हैं।

घरेलू उपायों से भी सर्दी-जुकाम में पा सकते हैं आराम
डॉ कहती हैं, हर बार सर्दी जुकाम होने पर कफ सिरप भी लेने की जरूरत नहीं होती है। कुछ घरेलू उपायों से भी इसमें आराम पाया जा सकता है।
- सर्दी-जुकाम हो या बंद नाक की दिक्कत, इन सभी से राहत पाने के लिए भाप लेना बहुत फायदेमंद हो सकता है। गर्म पानी से नहाने या भाप लेने से बलगम को ढीला करने और खांसी से राहत पाने में मदद मिल सकती है।
- शहद का सेवन करना सर्दी-जुकाम और गले की तमाम समस्याओं से राहत दिलाने के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। शहद बलगम के उत्पादन को कम करने और कीटाणुओं को मारने में मदद करता है। गर्म पानी या चाय में शहद मिलाना या सिर्फ एक चम्मच शहद ही खांसी में मदद कर सकता है।
- गर्म पानी में नमक मिलाकर उससे गरारे करने से गले की खराश और सूजन को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच नमक घोलें और हल्के गुनगुने पानी से दिन में दो-तीन बार गरारे करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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