मध्य प्रदेशस्वास्थय

MP में पीएचसी-सीएचसी में निजी डाॅक्टर भी करेंगे इलाज ??

MP में पीएचसी-सीएचसी में निजी डाॅक्टर भी करेंगे इलाज, मानदेय देगी सरकार -बांडेड डाॅक्टरों को विशेषज्ञ के बराबर मिलेगा वेतन

अशोक नगर, मुरैना, सीधी, गुना, बालाघाट, भिंड, टीकमगढ़, खरगौन और शाजापुर में नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए निविदा बुलाई है। भोपाल और रीवा में कार्डिएक कैथलैब प्रारंभ हो गई हैं। ग्वालियर और जबलपुर में जल्द शुरू करने की तैयारी है। बांड वाले 2500 डाक्टर्स जल्द ही उपलब्ध होंगे।

MP में पीएचसी-सीएचसी में निजी डाॅक्टर भी करेंगे इलाज, मानदेय देगी सरकार -बांडेड डाॅक्टरों को विशेषज्ञ के बराबर मिलेगा वेतनमध्‍य प्रदेश में सरकारी डॉक्‍टर।
  1. मुख्यमंत्री यादव ने समीक्षा बैठक में कहा
  2. एक जिले को मेडिकल टूरिज्म हब बनाएं
  3. लाभ यह होगा कि ये आगे भी सेवा देते रहें

 भोपाल। प्रदेश में डाॅक्टरों की कमी दूर करने के लिए सरकार दो बड़े कदम उठाने जा रही है। पहला तो यह कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में निजी डाक्टरों की सेवाएं ले जाएंगी। उनसे अनुबंध कर जरूरत पर काल पर बुलाया जाएगा। इसके बदले मानदेय दिया जाएगा। दूसरा बड़ा काम यह कि सरकारी और निजी मेडिकल काॅलेजों से एमडी-एमएस कर निकले डाक्टरों को बंधपत्र अवधि में सेवा के दौरान विशेषज्ञ डाॅक्टर के बराबर ही वेतन मिलेगा।

शर्तों में बदलाव के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह निर्देश बुधवार को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा में दिए। बता दें कि पीजी बांडेड डाक्टरों को 59 हजार पारिश्रमिक मिलता है, जबकि पीजी के दौरान इससे अधिक 77 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है।

डाॅक्टरों के पद भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया तेज करें। ऐसे प्रयास करें कि बांड वाले डाक्टर प्रदेश में ही सेवाएं दें। जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए उन्हें आकर्षक मानदेय दिया जाए। बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल और मुख्य सचिव अनुराग जैन उपस्थित थे।

निजी अस्पतालों में सीजेरियन ऑपरेशन की शिकायतें

मुख्यमंत्री ने निजी अस्पतालों में बेवजह सीजेरियन ऑपरेशन की शिकायतों का जिक्र करते हुए इस पर सख्ती से नियंत्रण लगाने के निर्देश दिए। इसी तरह उन्होंने 108 एम्बुलेंस के चालकों द्वारा ज़बरदस्ती मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाने की शिकायत पर भी रोक लगाने को कहा। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि बीते दो वर्ष में 84 हजार से अधिक कार्डियक सर्जरी शासकीय अस्पतालों में हुई है। देहदान करने वाले 38 मृतकों को गार्ड आफ आनर दिया गया।

छह सरकारी मेडिकल कॉलेज और संभागीय मुख्यालयों में कैथ लैब शुरू होगी

  • उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि अगले तीन वर्ष में सीएम-केयर योजना के अंतर्गत कई बड़े काम किए जाएंगे।
  • 2028 तक राजगढ़, मंडला, छतरपुर, उज्जैन, दमोह और बुधनी में शासकीय मेडिकल कालेज और संभागीय मुख्यालयों में कैथलैब प्रारंभ हो जाएंगी।
  • इसी अवधि में मातृ मृत्यु दर 100 प्रति लाख जीवित जन्म तक लाने का लक्ष्य है। खाद्य प्रशासन के सुदृढ़ीकरण के लिए एफएसएसएआइ द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए 41.07 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत की गई है।
  • औषधि प्रशासन में लैब निर्माण व अन्य सुविधाओं के लिए 211 करोड़ रुपये की पांच वर्षीय कार्ययोजना सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड एवं कंट्रोल आर्गनाइजेशन को भेजी गई है।

चार मेडिकल कॉलेजों का भूमिपूजन जल्द

विभाग के प्रमुख सचिव संदीय यादव ने बताया कि पीपीपी मोड पर कटनी, धार, पन्ना और बैतूल जिले में मेडिकल कालेज की स्थापना की जा रही है। शीघ्र ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड़्डा इनका भूमिपूजन करेंगे।

यह सुविधाएं भी शुरू होंगी

कैंसर: रेडियोथैरेपी के लिए मेडिकल कॉलेज इंदौर, जबलपुर, रीवा और ग्वालियर में 200 करोड़ रुपये से आधुनिक ड्यूल एनर्जी लीनियर एक्सीलरेटर मशीनें खरीदी जा रही हैं। भोपाल, इंदौर, रीवा और सागर में रेडियोथैरेपी के लिए ब्रैकीथेरेपी मशीनें सात-सात करोड़ रुपये से खरीदी जा रही हैं।

सीटी स्कैन व एमआरआई: भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा और सागर मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैं। मेडिकल कॉलेज ग्वालियर, रतलाम और विदिशा के लिए भी ऐसी ही मशीनें खरीदी जाएंगी।नए जिला अस्पताल: प्रदेश के मैहर, मऊगंज और पांढुर्ना जिलों में नए जिला चिकित्सालय के निर्माण की मंजूरी दे दी गई है।

 

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