उत्तर प्रदेश

उरई के कुठौंद थाने में इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की आत्महत्या… जिस महिला सिपाही का नाम, उसकी वजह से बहेड़ी थाने में भी चली थीं गोलियां

UP: इंस्पेक्टर की आत्महत्या में आया जिस महिला सिपाही का नाम, उसकी वजह से बहेड़ी थाने में भी चली थीं गोलियां

उरई में कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार रॉय ने शुक्रवार रात सर्विस पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में एक महिला सिपाही का नाम सामने आ रहा है। यह सिपाही बरेली के बहेड़ी थाने में भी तैनात रही है। उस वक्त उसकी वजह से बहेड़ी थाने में भी गोलियां चल गई थीं। 

shots were also fired at Baheri police station due to Constable Meenakshi Sharma
थाना प्रभारी अरुण कुमार राय …
उरई के कुठौंद थाने में इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की आत्महत्या के मामले में जिम्मेदार बताई जा रही महिला सिपाही का विवादों से पुराना नाता रहा है। तीन साल पहले बरेली के बहेड़ी थाने में तैनाती के दौरान महिला सिपाही की वजह से दो सिपाहियों में मारपीट के बाद थाना परिसर के अंदर सरकारी पिस्टल से गोलियां चल गई थीं। तब दो इंस्पेक्टर और तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया था।   

बहेड़ी थाने में बतौर मुंशी तैनात रहे सिपाही मोनू पांडे की महिला सिपाही से दोस्ती थी। थाने पर तैनात दूसरे सिपाही योगेश चहल से भी महिला सिपाही की बातचीत होती थी। योगेश कई दिन से महिला सिपाही का पीछा कर रहा था। इसको लेकर दोनों सिपाहियों के बीच में किराए के कमरे में मारपीट तक हो गई थी, तब लोगों ने बीचबचाव कर दिया था। इसकी सूचना तत्कालीन इंस्पेक्टर सत्येंद्र भड़ाना को मिली लेकिन उन्होंने इसे हल्के में लिया था।

पांच सितंबर 2022 की रात करीब 12 बजे योगेश चहल थाने में मोनू पांडे के पास पहुंच गया। दोनों के बीच महिला सिपाही को लेकर बहस हुई और फिर धक्का मुक्की हो गई। गुस्साए मुंशी मोनू पांडे ने एक दरोगा की ड्यूटी के बाद जमा रिवॉल्वर दराज से निकाल ली और दो फायर कर दिए। गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी। इसके बाद दोनों सिपाहियों में मारपीट होने लगी। 

तत्कालीन एसएसपी ने पांच पुलिसकर्मियों को किया था निलंबित 
वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीचबचाव कर दिया। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर सत्येंद्र भड़ाना अपने दफ्तर पहुंचे। उन्होंने इस घटना में न तो कोई कार्रवाई की और न ही अफसरों को कोई जानकारी दी। किसी तरह तत्कालीन एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज को जानकारी मिली तो उन्होंने एसपी क्राइम को थाने बेचकर जांच कराई। 

नाराज एसएसपी ने इंस्पेक्टर सत्येंद्र भड़ाना, इंस्पेक्टर क्राइम अनिल कुमार, तीन सिपाही मोनू पांडे, योगेश चाहल व मनोज को निलंबित कर दिया था। वहीं महिला सिपाही की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी। मुख्यालय से महिला सिपाही का जालौन तबादला कर दिया गया था। अब वहां इंस्पेक्टर अरुण कुमार की आत्महत्या के मामले में उसका नाम सामने आया है

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