भीम आर्मी के पूर्व पदाधिकारियों ने फिर उछाला सुरपुराकांड..2 दिन पहले आया था FIR को लेकर बहस का ऑडियो!!.
इस मामले का ऑडियो गलत तरीके से वायरल किया गया है। दोनों पूर्व पदाधिकारियों ने एक बार फिर से अक्टूबर माह में सुरपुरा में दलित युवक के साथ पेशाब पिलाए जाने का मामला उठाया।
ये था ऑडियो मामला
गुरुवार को भीम आर्मी के पूर्व पदाधिकारी सौरभ जाटव और देशराज धारिया का एक बातचीत का ऑडियो आया था। इस मामले में दोनों एक एफआईआर को लेकर बहस करते सुनाई दे रहे थे। इस ऑडियो में दोनों के बीच पैसों को लेकर कुछ बात हुई थी।
ये ऑडियो सामने आते ही परशुराम सेना हमलावर हुई और जिला पुलिस अधीक्षक असित यादव को ज्ञापन दिया। साथ ही परशुराम सेना ने आरोप लगाया था कि इन दोनों के द्वारा फर्जी एफआईआर दर्ज कराई जाती है। पुलिस पर दबाव बनाया जाता है।
परशुराम सेना के जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा का आरोप था कि पुलिस थाने में एससी एसटी एक्ट में एफआईआर होने पर शासन से मिलने वाली राशि का बंदरबांट किया जाता है। इस तरह कानून का दुरूपयोग हो रहा है।
सौरभ बोले- ओबीसी, दलित वर्ग की आवाज बना
भीम आर्मी के युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष सौरभ जाटव बोले कि मैंने दलित व ओबीसी समाज के वंचित व शोषित लोगों के लिए संघर्ष कर रहा हूं। मैं जब थाने पर खड़ा हो जाता हूं तो शासन-प्रशासन हिल जाता है। उन्हें कार्रवाई करना होती है।
उन्होंने कहा कि मेरा जो ऑडियो सामने आया है वो मेरे खिलाफ साजिश है। वर्ष 2023 का एक मामला था जिस पर हम दोनों ने बातचीत हुई थी। इसे गलत तरीके से पेश किया गया है।
वहीं भीम आर्मी के पूर्व पदाधिकारी देशराज धारिया का कहना है कि मेरे खिलाफ साजिश रची गई है। बदनाम करने की कोशिश की गई। आरोप लगाया गया कि सुरपुरा का पेशाब कांड झूठा था। पुलिस की एफएसएल की रिपोर्ट न्यायालय में पेश की गई जिसमें इस बात की पुष्टि हुई है।
उन्होंने कहा कि लखनपुरा के दलित समाज द्वारा वीडियो जारी करने पर पुलिस ने एफआईआर की। एक दिन थाने में उसे बंद रखा गया। इधर लहार के सौंसरा गांव का एक युवक लगातार वीडियो जारी कर रहा है। इसके खिलाफ एफआईआर हो चुकी है। परंतु ऐसे चार पांच युवक है उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है।

