ग्वालियर के लोगों से साइबर ठगी की जितनी वारदात हुईं करीब 90 प्रतिशत राशि 14 राज्यों में गई!!
Gwalior News: ….. पड़ताल में सामने आया है कि ग्वालियर के लोगों से साइबर ठगी (cyber fraud) की जितनी वारदात हुईं, उन वारदातों में ठगी गई रकम में से करीब 90 प्रतिशत राशि देश के 14 राज्यों में ही गई है। इन्हीं 14 राज्यों के करीब 15 हजार बैंक खाते हैं, जिनमें ठगी की सबसे ज्यादा रकम गई है।
ग्वालियर के लोगों से साइबर ठगी की जितनी वारदात हुईं करीब 90 प्रतिशत राशि 14 राज्यों में गई।
ग्वालियर के लोगों से साइबर ठगी की जितनी वारदात हुईं करीब 90 प्रतिशत राशि 14 राज्यों में गई।- 11 माह में 17 हजार 364 बैंक खाते फ्रीज कराए
- 4.95 करोड़ तो 14 राज्यों के बैंक खातों में गए
- करीब 15 हजार बैंक खाते तो इन्हीं 14 राज्यों के
ग्वालियर। साइबर ठगी की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। इन वारदातों के बढ़ने के साथ ही पुलिस की चुनौतियां भी बढ़ रही है, क्योंकि ठगी की रकम हजारों किलोमीटर दूर दूसरे राज्यों के फर्जी बैंक खातों में जा रही हैं।
…ने जब पड़ताल की तो सामने आया कि ग्वालियर के लोगों से साइबर ठगी की जितनी वारदात हुईं, उन वारदातों में ठगी गई रकम में से करीब 90 प्रतिशत राशि देश के 14 राज्यों में ही गई है। इन्हीं 14 राज्यों के करीब 15 हजार बैंक खाते हैं, जिनमें ठगी की सबसे ज्यादा रकम गई है।
करीब 15 हजार बैंक खाते इन्हीं 14 राज्यों के
ग्वालियर पुलिस ने इस साल जनवरी से नवंबर के बीच 11 माह में 17 हजार 364 बैंक खाते फ्रीज कराए। इनमें से करीब 15 हजार बैंक खाते तो इन्हीं 14 राज्यों के हैं, जबकि बाकी बैंक खाते दूसरे राज्यों के हैं। ग्वालियर पुलिस की टीम ने न सिर्फ बैंक खाते फ्रीज कराए, बल्कि इस साल ठगी के 93 लाख रुपये बचाने में पुलिस कामयाब रही।
रकम ठगों के पास पहुंचने से पहले ही ग्वालियर पुलिस की साइबर क्राइम विंग तक शिकायत पहुंच गई। ग्वालियर पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल की मदद से त्वरित कार्रवाई की। फ्रीज कराई गई रकम में से करीब 80 प्रतिशत रकम लोगों को वापस भी मिल गई है।
4.95 करोड़ रुपये तो 14 राज्यों के बैंक खातों में गए
नईदुनिया ने जब आंकड़ों का विश्लेषण किया तो सामने आया कि 11 माह में ग्वालियर के लोगों से 5.50 करोड़ रुपए की ठगी हुई। इसमें से करीब 4.95 करोड़ रुपए तो 14 राज्यों के बैंक खातों में ही गई है। डिजिटल अरेस्ट कर सबसे बड़ी ठगी इसी साल हुई। डिजिटल अरेस्ट में ही 65 प्रतिशत रकम की ठगी की गई।
इस साल डिजिटल अरेस्ट कर सबसे ज्यादा ठगी हुई। 11 माह में 5.50 करोड़ रुपये ठगे गए। इसमें से 2.51 करोड़ रुपये तो रामकृष्ण मिशन के सचिव को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे गए थे। डिजिटल अरेस्ट कर ठगी की यह इस साल की सबसे बड़ी घटना थी।
इन लोगों के खातों का हो रहा इस्तेमाल
नईदुनिया ने साइबर क्राइम विंग की टीम के पास उपलब्ध आंकड़ों का जब विश्लेषण किया तो सामने आया कि जिन लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम की हेराफेरी के लिए हो रहा है। उसमें से 70 प्रतिशत ऐसे लोग हैं, जो जरूरतमंद हैं। इन्हें पता ही नहीं है, इनका बैंक खाता ठगी के रुपये की हेराफेरी के लिए इस्तेमाल हो रहा है।
बेरोजगार युवकों को लालच देकर खाता किराये पर ले रहे
ठगी के रुपयों की हेराफेरी के लिए बड़े शहरों में रहकर पढ़ाई कर रहे, नौकरी की तलाश कर रहे बेरोजगार युवकों को सबसे ज्यादा कमीशन का लालच देकर इनके खाते किराये पर लिए जा रहे हैं। इसके अलावा बैंक खाते खुलवाकर इनकी बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड तक बिचौलिए रखते हैं। इन्हें हर माह किराया या फिर प्रत्येक ट्रांजेक्शन पर कमीशन मिलता है।
सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर दस्तावेज लेते हैं
कई गांव में घूम-घूमकर शातिर बिचौलिये लोगों को तमाम सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर दस्तावेज लेते हैं। इनसे बैंक खाता खुलवाने का फार्म भरवा लेते हैं। इन खातों में रकम आ रही है।
साइबर ठगी की शिकायत आते ही साइबर क्राइम विंग द्वारा क्विक रिस्पांस दिया गया। इसके कारण इस साल 93 लाख रुपए बचाने में कामयाब हुए। इस साल 17 हजार 364 बैंक खाते भी फ्रीज कराए हैं। 14 राज्य चिह्नित हुए हैं, जिनके खातों में 90 प्रतिशत रकम गई। साइबर ठगी के अपराधों की विवेचना के लिए और भी पुलिसकर्मी साइबर क्राइम विंग में बढ़ाए जाएंगे।-धर्मवीर सिंह, एसएसपी।

