बेस्ट वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन का खिताब मध्यप्रदेश को क्यों?
बेस्ट वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन का खिताब मध्यप्रदेश को क्यों? MP के टॉप टाइगर रिज़र्व की पूरी लिस्ट
घने जंगल, बाघों की सबसे बड़ी आबादी और सफल संरक्षण मॉडल के दम पर मध्यप्रदेश को Travel + Leisure India’s Best Awards 2025 में Best Wildlife Destination चुना गया है. यह राज्य के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि है.

मध्यप्रदेश एक बार फिर देश-दुनिया में अपनी वन्यजीव समृद्धि का परचम लहराने जा रहा है. अद्वितीय जैव-विविधता, घने जंगलों और सफल संरक्षण मॉडल के लिए मध्यप्रदेश को प्रतिष्ठित Travel + Leisure India’s Best Awards 2025 में ‘Best Wildlife Destination’ के सम्मान से नवाजा जाएगा.
यह सम्मान नई दिल्ली के आईटीसी मौर्य होटल स्थित नन्दिया गार्डन्स में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया जाएगा. यह अवॉर्ड्स का 14वां संस्करण है, जिसमें मध्यप्रदेश को देश के वन्यजीव अनुभवों के केंद्र (Heart of India’s wildlife experiences) के रूप में मान्यता दी गई है.
मध्य प्रदेश जनसम्पर्क विभाग की जानकारी के अनुसार पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मध्य प्रदेश को बेस्ट वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन के लिए ट्रेवल + लीजर इंडियाज बेस्ट अवॉर्ड्स-2025 मिलना गर्व की बात है.
लोधी ने कहा कि मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने प्रकृति की इस अमूल्य धरोहर को संरक्षण और संवर्धन दोनों स्तरों पर मजबूती से आगे बढ़ाया है. यह सम्मान पर्यटन विभाग, वन विभाग और हर प्रकृति प्रेमी को समर्पित है.
वहीं मध्य प्रदेश सरकार में अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि यह उपलब्धि राज्य की Conservation-Led Tourism Policy की सफलता का प्रमाण है, जहां पर्यटन के साथ-साथ जंगल, वन्यजीव और पर्यावरण की रक्षा को प्राथमिकता दी गई.
मध्यप्रदेश वाइल्डलाइफ
मध्यप्रदेश का जंगल अनुभव केवल टाइगर सफारी तक सीमित नहीं है. यहां घास के खुले मैदान, घने सागौन और बांस के जंगल, नदियां, घाटियां और पठारी क्षेत्र मिलकर एक अद्वितीय पारिस्थितिकी तंत्र बनाते हैं.
कान्हा टाइगर रिज़र्व
कान्हा अपने विस्तृत घास के मैदानों (Maidans) और घने बांस के जंगलों के लिए विश्व प्रसिद्ध है. यहां बारहसिंघा (Swamp Deer) की सफल पुनर्स्थापना एक अंतरराष्ट्रीय संरक्षण मॉडल मानी जाती है. बाघों के साथ-साथ तेंदुआ, गौर और सैकड़ों पक्षी प्रजातियां यहां देखने को मिलती हैं.
बांधवगढ़ नेशनल पार्क
देश में सबसे अधिक टाइगर डेंसिटी वाला यह पार्क वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर्स और रिसर्चर्स की पहली पसंद है. कम क्षेत्रफल में अधिक बाघों की मौजूदगी इसे बिग कैट साइटिंग के लिए सर्वश्रेष्ठ बनाती है.
रुडयार्ड किपलिंग की ‘द जंगल बुक’ से प्रेरित यह वन क्षेत्र टाइगर, तेंदुआ और पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग है. यहां का जंगल परिदृश्य मध्यप्रदेश की जैव-विविधता की जीवंत तस्वीर पेश करता है.
सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व
सतपुड़ा को मध्यप्रदेश का सबसे एक्सक्लूसिव वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन माना जाता है. यहां वॉकिंग सफारी, बोट सफारी और नाइट सफारी जैसे अनोखे अनुभव मिलते हैं. यह इलाका तेंदुआ, स्लॉथ बेयर, गौर और दुर्लभ पक्षियों का प्राकृतिक आवास है.
पन्ना नेशनल पार्क
केन नदी की घाटियों और सूखे पर्णपाती जंगलों के बीच बसे पन्ना नेशनल पार्क ने टाइगर रिइंट्रोडक्शन में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है. यहां तेंदुआ, ढोल (Wild Dogs) और मगरमच्छ भी पाए जाते हैं.
अन्य महत्वपूर्ण वन क्षेत्र
बोरी वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी और पचमढ़ी: प्राचीन जंगल, पहाड़ी सौंदर्य और गौर-सांभर का प्राकृतिक आवास
संजय-दुबरी नेशनल पार्क: कम भीड़ वाला, विस्तृत और रोमांचकारी जंगल अनुभव
