मध्य प्रदेश

भोपाल पुलिस कमिश्नरेट:10 साल अपराध से दूरी – 74 गुंडा, बदमाशों को माफी ???

भोपाल पुलिस कमिश्नरेट:10 साल अपराध से दूरी – 74 गुंडा, बदमाशों को माफी

पुलिस ने केवल सख्ती नहीं, बल्कि सुधार और सामाजिक पुनर्वास की नीति का भी ध्यान रखा है। शहर के गुंडे और निगरानी बदमाशों को पुलिस ने माफी दी है। यह वे हैं, जिन्होंने पिछले 10 वर्षों में किसी भी तरह का अपराध नहीं किया और अपने काम-धंधे से जुड़े रहे।

भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के चारों जोन में नए 202 गुंडा और 25 निगरानी बदमाश लिस्ट में जोड़े गए हैं। इनमें से 74 गुंडा व निगरानी बदमाशों के नाम हटाए गए हैं।

अभियान के अंतर्गत ऐसे गुंडा एवं निगरानी बदमाश, जो लंबे समय से निष्क्रिय थे, जिनके खिलाफ कई वर्षों से कोई आपराधिक गतिविधि दर्ज नहीं हुई, उन्हें गुंडा एवं निगरानी सूची से हटाया गया है। इसके साथ ही जिन गुंडा एवं निगरानी बदमाशों की मृत्यु हो चुकी है, उन्हें भी सूची से हटाया गया है।

इन गुंडा और निगरानी बदमाशों द्वारा मजदूरी, व्यापार या निजी नौकरी जैसे कामों से अपनी आजीविका चलाई जा रही है। इसके चलते इन्हें सुधार की श्रेणी में मानते हुए राहत दी गई।

चारों जोन में गुंडा-निगरानी बदमाशों की सूची में बदलाव

  • जोन-01 में 59 गुंडा और 8 निगरानी बदमाशों को सूची में जोड़ा गया है। यहां 8 गुंडा और 2 निगरानी बदमाशों को माफी दी गई।
  • जोन-02 में 37 गुंडा और 6 निगरानी बदमाश नए सामने आए हैं। यहां 5 गुंडा और 1 निगरानी बदमाश को माफी मिली है।
  • जोन-03 में 26 गुंडा और 5 निगरानी बदमाशों के नाम शामिल किए गए हैं। 21 गुंडा और 7 निगरानी बदमाशों को माफी दी गई। पुलिस का तर्क है कि लगातार शांतिपूर्ण व्यवहार और सामाजिक गतिविधियों में संलिप्तता को देखते हुए इनके नाम सूची से हटाए गए।
  • जोन-04 में 80 गुंडा और 06 निगरानी बदमाश जोड़े गए हैं। यहां 20 गुंडों व 10 निगरानी बदमाशों को माफी दी गई। 13 गुंडों व 2 निगरानी बदमाशों की मृत्यु हो चुकी है। शेष 15 को लंबे समय से अपराध नहीं होने या विकलांगता व बीमारी के चलते सूची से हटाया गया है।

किसी दबाव या सिफारिश में नहीं दी गई है यह राहत

पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा का स्पष्ट कहना है कि यह राहत किसी सिफारिश या दबाव में नहीं दी गई है। यह नीति बताती है कि कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सुधार और समाज की मुख्यधारा में लौटने वालों को भी मौका दिया जा रहा है।

डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल का कहना है कि 1 नवंबर से चल रहे अभियान के अंतर्गत वर्तमान में सक्रिय 80 गुंडों और 06 बदमाशों को सूची में जोड़ा गया है।

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