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यूपी का जामताड़ा…साइबर जालसाजों ने खेतों में गाड़े मोबाइल !

यूपी का जामताड़ा…साइबर जालसाजों ने खेतों में गाड़े मोबाइल
लोग बोले-18 साल में 200 हिंदू परिवार गांव छोड़ गए; कोई बेटी नहीं ब्याहता

18 साल में 200 हिंदू परिवार देवसरस गांव छोड़कर जा चुके हैं। साइबर जालसाजी से जो बदनामी हुई, अब लोग अपनी बेटियों की शादी यहां नहीं करते हैं। बाहर से आकर बसे मुस्लिमों ने माहौल खराब किया है।

ये कहते हुए 65 साल के राम प्रसाद परेशान हो जाते हैं। वह कहते हैं- ये लोग थार जैसी बड़ी-बड़ी गाड़ियों में चलते हैं। मोबाइल से जालसाजी करके अथाह पैसा कमाते हैं। आप समझिए कि हम जैसे लोग अगर गांव को छोड़ना चाहे, घर में तो ताला लगा देंगे, मगर जमीन को किसके भरोसे छोड़ेंगे?

यूपी की सुर्खियों में इन दिनों मथुरा का देवसरस गांव है। इसको ‘यूपी का जामताड़ा’ कहा जाता है। 5 दिन से सर्च ऑपरेशन जारी है। ड्रोन की मदद से पुलिस ने खेतों में 27 नए ठिकाने ढूंढ निकाले गए हैं, खेत की मिट्‌टी में मोबाइल दबाते हुए लड़के दिखने पर पुलिस टीम दौड़-दौड़कर पकड़ रही है।

11 दिसंबर की तड़के हुई छापामारी के बाद 120 जालसाज हरियाणा, राजस्थान की तरफ भाग गए थे। अब हरियाणा और राजस्थान की पुलिस भी मथुरा से बॉर्डर क्रॉस करके आए साइबर जालसाजों को ट्रेस कर रही है। पुलिस ने 37 लोगों को हिरासत में लिया है। इन लोगों ने पूछताछ में बताया कि पिछले 30 दिनों में देशभर के 200 से ज्यादा लोगों से 2 करोड़ से ज्यादा रकम ठगी है।

अब पुलिस ने 124 नए साइबर जालसाजों का डेटा इकट्‌ठा किया है। पुलिस दावा कर रही है कि इस गांव से साइबर जालसाजी खत्म करने के बाद ही ऑपरेशन ‘क्रेक डाउन’ थमेगा। …पुलिस की 2 टीम मथुरा के देवसरस गांव पर ड्रोन की मदद से निगरानी कर रही है।

पुलिस की 2 टीम मथुरा के देवसरस गांव पर ड्रोन की मदद से निगरानी कर रही है।

गांव का माहौल

दरवाजे, खिड़कियों से झांकते लोग बाते करने को तैयार नहीं….. टीम देवसरस गांव पहुंची। पुलिस की मूवमेंट बढ़ने की वजह से सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ था। दरवाजे या खिड़कियों से झांकते चेहरा आहट होने पर खुद को अंदर समेटते दिखे। कोई भी बात करने को तैयार नहीं था। आगे गढ़ने पर एक चौराहे पर पुलिस वाले खड़े दिखे।

उन्होंने बताया कि 5 दिन में देवसरस, मुडौरा, नगला अकातिया, मुड़सेरस गांवों में पुलिस कांबिंग कर रही है। खड़ी फसल के बीच अचानक पुलिस को देखकर भाग रहे लोगों को पकड़कर वैरिफिकेशन कराया जा रहा है। खेतों में काम करने वालों के नाम, परिवार और प्रॉपर्टी की डिटेलिंग की जा रही है। इस ऑपरेशन की वीडियो और फोटोग्राफी कराई जा रही है।

ड्रोन- गांवों के ऊपर ड्रोन उड़ाकर लोगों के मूवमेंट पर निगरानी रखी जा रही है।

मोबाइल टावर- गांव में एक्टिव होने वाले और फिर बंद होने वाले सिम कार्डों की डिटेलिंग की जा रही है।

खेतों में संदिग्ध गतिविधि पकड़े जाने पर पुलिस तुरंत पहुंचकर पूछताछ कर रही है।
खेतों में संदिग्ध गतिविधि पकड़े जाने पर पुलिस तुरंत पहुंचकर पूछताछ कर रही है।

अब लोगों की बात

15 साल में 50% हिंदू दिल्ली, मथुरा में जाकर बस गए

गांव में हमारी मुलाकात राम प्रसाद से हुई। वो कहते हैं- आप ये समझिए कि गांव में हिंदू आबादी 30% है, बाकी सभी मुस्लिम है। गांव की इतनी बदनामी है कि कोई दूसरा गांव वाला अपनी बेटी की यहां शादी नहीं करवाता है।

एक खास वर्ग जो जालसाजी कर रहा है, उसकी वजह से पूरे गांव की इज्जत खराब हो गई है। यहां आए दिन पुलिस आती रहती है। 15 साल से 50% हिंदू इस गांव से पलायन कर चुके हैं। यहां के लोग दिल्ली, गोवर्धन, मथुरा में शिफ्ट हो गए हैं।

हमने पूछा- क्या आप लोगों ने इन लोगों को समझाने की कोशिश नहीं की? राम प्रसाद कहते हैं- पहले की औलाद भला बुरा समझाने पर मानती थीं, अब ये लोग नहीं समझते हैं। हमने पूछा- तो क्या कोई खास वर्ग के लोग इस काम को करते हैं? वह कहते हैं- नहीं, इनमें सब है, उसका जाति, धर्म से कोई लेनादेना नहीं।

राम प्रसाद कहते हैं- पुलिस की कार्रवाई बिल्कुल सही है। इस जालसाजी की वजह से हमारा गांव बर्बाद हो गया।

दाऊ दयाल बोले- अखिलेश के शासन में ये लोग बंदूक लेकर चलते थे

57 साल के पंडित दाऊ दयाल कौशिक कहते हैं- इस गांव में कुल 350 घर हिंदुओं के थे। 15-18 साल में 200 घर हिंदुओं ने छोड़ दिए। अब करीब 150 घर हिंदुओं के हैं, लोग यहां से पलायन कर गए हैं। कोई दिल्ली चला गया। कोई मथुरा-गोवर्धन में जाकर बस गया।

अब यहां मुस्लिमों का बाड़ा है। अखिलेश के शासन में मुस्लिम यहां बंदूक राइफल लेकर घूमते थे। किसी ने कुछ बोला तो उसके साथ मारपीट करते थे। फिर ये लोग साइबर ठगी करने लगे, इसके बाद तो रहना ही मुश्किल हो गए।

अब हिंदुओं के लिए दिक्कत ही दिक्कत है। बाहर से आकर मुस्लिम बसे हैं, ये लोग वारदातें करते हैं। थार और बड़ी गाड़ियों से चलते हैं। हम अगर इस गांव को छोड़कर जाएं भी तो घर में ताला लगा देंगे। मगर जमीन का क्या करें।

दाऊ दयाल कौशिक कहते हैं- गांव में परेशान लोग छोड़कर जा रहे हैं, उन्हें रोकने का कोई प्रयास नहीं हो रहा।

इस्लाम बोले- सब लोग ये काम नहीं करते, रोज पंचायत हो रही

गांव में मिले इस्लाम बताते हैं- जो लोग साइबर जालसाजी कर रहे थे, वो तो गांव छोड़कर भाग निकले। हम लोग खेतों में काम करने वाले हैं, हम कहां भागे? बता रहे है कि बाहर की पुलिस ये ऑपरेशन कर रही है।

2 दिन से गांव में पंचायत हो रही है कि लोग ये जालसाजी न करें। लोग इसमें जुट भी रहे हैं। सारे लोग ये काम तो करते नहीं है, मगर परेशान सब हो रहे हैं। मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि जो दोषी है, सिर्फ उन्हीं को पकड़ा जाए।

इस्लाम करते हैं- हमारी तो सिर्फ इतनी गुजारिश है कि पुलिस दोषियों को पकड़े, सबको परेशान न करें।

अब जानिए गांव क्यों सुर्खियों में आया

11 दिसंबर की सुबह घेराबंदी, 37 पकड़े, 120 राजस्थान, हरियाणा भागे

यूपी बॉर्डर पर मथुरा के गांव की लोकेशन कुछ ऐसी है कि सिर्फ 5 Km की दूरी पर राजस्थान बॉर्डर लगता है। वहीं, 15Km की दूरी पर हरियाणा बॉर्डर मिल जाता है। 11 दिसंबर की सुबह पुलिस ने घेराबंदी की, तो करीब 120 लड़के बॉर्डर को क्रॉस कर गए। पुलिस करीब 100 से ज्यादा जालसाजों की अरेस्टिंग की प्लानिंग कर रही थी। लेकिन 37 को ही पकड़ा जा सका।

जिन्हें पकड़ा गया, उनसे पूछताछ में सामने आया कि 30 दिन में इन लोगों ने देशभर के लोगों से 2 करोड़ से ज्यादा रकम ठगी थी। इन्हें किन अकाउंट में ट्रांसफर किया गया, ये पुलिस ट्रेस कर रही है। पुलिस के पास इनपुट हैं कि इन गांवों में क्राइम करने वाले हरियाणा और राजस्थान के अपने रिश्तेदारों के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदते हैं। व्यापार भी इनके रिश्तेदारों के नाम पर होते हैं।

पुलिस को ये भी पता चला कि जालसाजी करने वाले लड़के सिर्फ 5वीं और 8वीं पास हैं। पकड़े गए लोगों ने बताया कि हम लोग मोबाइल नंबरों के आगे-पीछे के नंबर बदलकर उन्हें गूगल पे, फोन पे, पेटीएम, ट्रू कालर पर डालकर नाम, पता जान लेते हैं। फिर नंबर पर लिंक भेजकर हैक कर लेते थे। फोटो और जानकारी निकाल लेते थे। इससे लोगों को गुमराह करना आसान हो जाता था।

किन लोगों की अरेस्टिंग दिखाई, ये जानिए

बेहतरीन, इमरान, शैकुल, आशू, कालू, शमीम, अफसर, इसव, तालिम, आबिद, इस्लाम, वाजिद, आरिफ, तस्लीम, आजम, मुनफैद, रुकमुद्दीन, तालिम, हफीज, साहिल, उन्नस, हामिद, फारुख, रोहित, दीपक, मुश्तफा, इरशाद, साहिल, अरशद, शकील, माजिद, इंसाफ, राहुल, जावेद, इस्लाम, नफीस, दिलशाद, फकरु, कैफ, काला, आरिफ, मौसम, साजिद, साहिद, जाविद, मुरसी, तालिम।

अब 11 दिसंबर की रेड की 2 तस्वीर देखिए…

SSP श्लोक कुमार कहते हैं-

साइबर जालसाज मोबाइल और नेट की मदद से अपना काम करते हैं। हमारी दोनों पर नजर है। इस लोकेशन से जालसाजी रोक दी गई है, जो लोग जालसाजी कर रहे थे, उन्हें ट्रेस किया गया है। कुछ अरेस्ट है, बाकी और लोगों को पकड़ा जाएगा।

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